दिल्ली के प्रेम नगर में पिटबुल ने 6 साल के मासूम का कान काटा, मालिक गिरफ्तार, सीसीटीवी में कैद खौफनाक हमला।
राजधानी दिल्ली के उत्तर-पश्चिमी इलाके प्रेम नगर के विनय एन्क्लेव में एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे शहर को सदमे में डाल दिया है। 23 नवंबर 2025 की
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के उत्तर-पश्चिमी इलाके प्रेम नगर के विनय एन्क्लेव में एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे शहर को सदमे में डाल दिया है। 23 नवंबर 2025 की शाम को एक 6 साल के मासूम बच्चे पर पड़ोसी के पालतू पिटबुल ने खौफनाक हमला कर दिया। बच्चा घर के बाहर गली में अपने भाई के साथ गेंद खेल रहा था, तभी अचानक कुत्ता पड़ोसी के घर से बाहर निकला और बच्चे पर झपटा। पिटबुल ने इतनी क्रूरता से काटा कि बच्चे का दायां कान ही काटकर अलग कर दिया। हमले के दौरान बच्चा चीखता हुआ भागा, लेकिन कुत्ता उसे दौड़ाता हुआ जमीन पर घसीटने लगा। यह पूरी घटना इलाके के सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुकी है। बच्चे के दादा ने खून से सना कान हाथ में लटकाए बच्चे को बचाने की कोशिश की। स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई, जिन्होंने किसी तरह कुत्ते को बच्चे से अलग किया। बच्चे के माता-पिता ने उसे तुरंत नजदीकी बीएसए अस्पताल रोहिणी ले जाया, जहां डॉक्टरों ने उसकी गंभीर हालत देखते हुए सफदरजंग अस्पताल रेफर कर दिया। वहां इलाज जारी है, लेकिन बच्चे को सिर पर 8 से 10 गहरे काटने के निशान, टूटे दांत और चेहरे पर गंभीर चोटें आई हैं। प्रेम नगर पुलिस ने कुत्ते के मालिक 50 वर्षीय दर्जी राजेश पाल को गिरफ्तार कर लिया है। कुत्ते को नजफगढ़ के एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर भेज दिया गया है, जहां उसे स्थायी रूप से रखा जाएगा। यह घटना दिल्ली में पिटबुल जैसे आक्रामक नस्ल के पालतू कुत्तों पर प्रतिबंध लगाने की बहस को फिर से जिंदा कर रही है।
घटना 23 नवंबर की शाम करीब 5 बजकर 38 मिनट पर हुई। प्रेम नगर इलाका रोहिणी के पास एक घनी आबादी वाला क्षेत्र है, जहां छोटी-छोटी गलियां हैं और बच्चे अक्सर बाहर खेलते हैं। पीड़ित बच्चा, जिसका नाम आशीष बताया जा रहा है, अपने बड़े भाई के साथ गेंद पकड़ने का खेल खेल रहा था। एक गेंद गली के मोड़ पर चली गई, और आशीष उसे लाने के लिए आगे बढ़ा। तभी पड़ोसी राजेश पाल के घर से बंधा पिटबुल अचानक जंजीर तोड़कर बाहर निकला। सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि कुत्ता तेजी से दौड़ता हुआ आशीष पर झपटा। बच्चा डरकर भागा, लेकिन कुत्ता उसे पकड़कर जमीन पर पटक दिया। पहले कुत्ते ने उसके सिर पर कई बार काटा, फिर दाएं कान को चबाकर अलग कर दिया। आशीष की चीखें सुनकर दादा दौड़े। दादा ने बताया कि उन्होंने कान को हाथ में थाम लिया, क्योंकि डॉक्टरों ने कहा था कि अगर कान को तुरंत जोड़ दिया जाए तो बच सकता है। लेकिन इतने खून बहने से कान बचाना मुश्किल हो गया। दादा ने कहा, "बच्चा घबरा गया था और भाग रहा था। मैं उसके पीछे कान लटकाए दौड़ रहा था, ताकि खो न जाए।" स्थानीय दो लड़कों ने हिम्मत दिखाई और कुत्ते को दूर खींचा। अन्यथा हमला और भयानक हो जाता। भीड़ जमा हो गई, लेकिन कुत्ते को काबू करने में काफी मशक्कत हुई।
प्रेम नगर पुलिस स्टेशन को शाम 5:38 बजे पीसीआर कॉल मिली। कॉल में बताया गया कि बच्चा कुत्ते के हमले में घायल हो गया है और माता-पिता उसे अस्पताल ले जा रहे हैं। पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। डीसीपी (रोहिणी) मोनिका भारद्वाज ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पता चला कि कुत्ता राजेश पाल का था। पाल ने कुत्ते को डेढ़ साल पहले अपने बेटे के लिए घर लाया था। उनका बेटा फिलहाल एक हत्या के प्रयास के मामले में जेल में बंद है। राजेश पाल ने पूछताछ में कहा कि कुत्ता बंधा हुआ था, लेकिन जंजीर ढीली हो गई। उन्होंने कुत्ते को पहले भी आक्रामक होने की शिकायतें सुनी थीं, लेकिन नजरअंदाज कर दिया। पुलिस ने बताया कि इलाके में पहले भी इस कुत्ते की शिकायतें आई थीं। एक लड़की को भी इसी कुत्ते ने निशाना बनाने की कोशिश की थी, लेकिन वह बेसमेंट में छिप गई। पाल को भारतीय दंड संहिता की धारा 289 (लापरवाही से पशु को सड़क पर घुमाना) और अन्य धाराओं के तहत गिरफ्तार किया गया। कोर्ट ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। पुलिस अब इलाके में अन्य शिकायतों की जांच कर रही है।
बच्चे की हालत गंभीर बनी हुई है। सफदरजंग अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि आशीष को सर्जरी की जरूरत है। कान को जोड़ने की कोशिश की जा रही है, लेकिन संक्रमण का खतरा है। सिर पर गहरे घाव हैं, जो नसों को प्रभावित कर सकते हैं। बच्चा होश में है और बोल पा रहा है, लेकिन सदमे में है। उसके माता-पिता ने कहा कि वे गरीब परिवार से हैं और इलाज का खर्च कैसे चलेगा। एक एनजीओ ने मदद का वादा किया है। दादा ने रोते हुए कहा, "मेरा पोता इतना मासूम था। खेलने गया था, मौत के मुंह में चला गया। ऐसे कुत्तों को क्यों पाला जाता है?" परिवार ने मांग की है कि पिटबुल जैसे खतरनाक नस्लों पर पूर्ण प्रतिबंध लगे।
यह घटना दिल्ली में स्ट्रे और पेट डॉग अटैक्स की बढ़ती समस्या को उजागर करती है। 2025 में दिल्ली में कुत्तों के हमलों में 20 प्रतिशत वृद्धि हुई है। पिटबुल को 'फाइटिंग डॉग' माना जाता है, जो आक्रामक स्वभाव का होता है। पशु कल्याण बोर्ड ने 2023 में पिटबुल, रोवेलर आदि पर बैन लगाने की सिफारिश की थी, लेकिन लागू नहीं हुआ। एमसीडी ने कहा कि कुत्ते को अब स्थायी रूप से एनिमल सेंटर में रखा जाएगा। पशु विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे कुत्तों को सख्त चेन से बांधना और मालिकों को लाइसेंस देना जरूरी। दिल्ली हाईकोर्ट ने पिछले साल स्ट्रे डॉग्स पर दिशानिर्देश दिए थे, लेकिन पेट डॉग्स पर फोकस कम है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने से #BanPitbulls ट्रेंड कर रहा है। कई लोग कह रहे हैं कि डॉग लवर्स बच्चों की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, "कुत्ता प्यारा है, लेकिन बच्चे की जिंदगी से ज्यादा नहीं।"
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