कुंडी टोल प्लाजा पर अवैध वसूली का आरोप: अधूरा फोरलेन के बावजूद शुरू हुआ टोल, ग्रामीणों का उग्र प्रदर्शन, भोपाल-नागपुर फोरलेन पर तीखा विरोध।
MP News: मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में अवैध टोल वसूली से परेशान दो दर्जन से अधिक ग्रामीणों ने कुंडी टोल प्लाजा पर विरोध प्रदर्शन किया आपको बता दें कि भोपाल-नागपुर....
रिपोर्ट- शशांक सोनकपुरिया, बैतूल मध्यप्रदेश
Madhyapradesh News: मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में अवैध टोल वसूली से परेशान दो दर्जन से अधिक ग्रामीणों ने कुंडी टोल प्लाजा पर विरोध प्रदर्शन किया आपको बता दें कि भोपाल-नागपुर नेशनल हाईवे पर मध्यप्रदेश के बैतूल जिले के शाहपुर क्षेत्र में कुंडी टोल प्लाजा पर वसूली शुरू कर दी गई है, लेकिन सड़क निर्माण अभी पूरा नहीं हुआ है। इसके विरोध में शाहपुर क्षेत्र के ग्रामीणों ने गुरुवार को जमकर विरोध प्रदर्शन किया। टोल टैक्स की यह वसूली आदिवासी ग्रामीणों को आर्थिक रूप से परेशान कर रही है। उन्होंने तत्काल वसूली रोके जाने की मांग की।
ग्राम पंचायत कुंडी के ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि टोल का संचालन बिना ग्रामसभा की स्वीकृति (एनओसी) के किया जा रहा है, जो पूरी तरह गलत है। उन्होंने आरोप लगाया कि टोल बूथ पर बाहरी तत्वों के माध्यम से पंचायत क्षेत्र के ग्रामीणों को डराया और धमकाया जा रहा है, जिससे क्षेत्र में भय का माहौल बन गया है। इस विरोध प्रदर्शन में सरपंच वीरेंद्र बबलू उइके के साथ आसपास के गणमान्य नागरिक, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौजूद रहे।ग्रामीणों ने बताया कि कुंडी टोल से बैतूल की ओर जाने वाले मार्ग में लगभग 10 से 12 किलोमीटर की दूरी पर बरेठा घाट का निर्माण कार्य अभी तक नहीं हुआ है। वहीं इटारसी की ओर जाने वाले मार्ग में भी लगभग 30 किलोमीटर के बाद 15 किलोमीटर का हिस्सा अभी अधूरा है।
इसके बावजूद वाहन चालकों से पूरे टोल की वसूली की जा रही है, जबकि वे केवल लगभग 40 किलोमीटर ही सफर कर रहे हैं।गांव के लोगों का कहना है कि टोल पर आदिवासी क्षेत्रों के नागरिकों से उनके निजी वाहन और कृषि कार्य में उपयोग आने वाले वाहनों पर भी पूरी राशि वसूली जा रही है, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानी हो रही है। शाहपुर और भौंरा जैसे कस्बे जो टोल से महज 5 से 7 किलोमीटर की दूरी पर स्थित हैं, वहां के लोगों को भी टोल चुकाना पड़ रहा है।प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने बताया कि टोल अनुबंधकर्ता द्वारा यह दबाव डाला जा रहा है कि ग्रामीण 350 रुपए प्रति माह देकर पास बनवाएं। इससे साफ है कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और उनके अधिकारी अनुबंधकर्ताओं के दबाव में काम कर रहे हैं और मनमानी वसूली को बढ़ावा दे रहे हैं।
ग्रामीणों ने सड़क परिवहन मंत्रालय से मांग की है कि जब तक हाईवे का पूर्ण निर्माण नहीं हो जाता, तब तक कुंडी टोल से वसूली बंद की जाए। साथ ही टोल के 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले नागरिकों के निजी और कृषि उपयोग के वाहनों को टोल से पूर्णत: मुक्त किया जाएं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
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