होर्मुज़ संकट के बीच सरकार का बड़ा फैसला, अब बिना एड्रेस प्रूफ के मिलेंगे 5 किलो वाले 'छोटू' सिलेंडर।

पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य संघर्ष और विशेष रूप से होर्मुज़ जलडमरूमध्य के बंद होने की आशंकाओं ने वैश्विक तेल और गैस बाजार में अनिश्चितता

Apr 6, 2026 - 14:31
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होर्मुज़ संकट के बीच सरकार का बड़ा फैसला, अब बिना एड्रेस प्रूफ के मिलेंगे 5 किलो वाले 'छोटू' सिलेंडर।
होर्मुज़ संकट के बीच सरकार का बड़ा फैसला, अब बिना एड्रेस प्रूफ के मिलेंगे 5 किलो वाले 'छोटू' सिलेंडर।
  • ईरान-अमेरिका तनाव से बिगड़े हालात, एलपीजी सप्लाई चेन को दुरुस्त करने के लिए एफटीएल सिलेंडरों का सहारा
  • आईडी कार्ड दिखाएं और तुरंत गैस पाएं, प्रवासी मजदूरों और छात्रों के लिए शुरू हुई विशेष राहत योजना

पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य संघर्ष और विशेष रूप से होर्मुज़ जलडमरूमध्य के बंद होने की आशंकाओं ने वैश्विक तेल और गैस बाजार में अनिश्चितता पैदा कर दी है। भारत अपनी एलपीजी खपत का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा आयात करता है, जिसका एक बड़ा भाग इसी समुद्री मार्ग से होकर गुजरता है। इस संकट की आहट को भांपते हुए केंद्र सरकार ने देश के भीतर घरेलू गैस की उपलब्धता बनाए रखने के लिए फ्री ट्रेड एलपीजी (FTL) सिलेंडरों, जिन्हें आम भाषा में 'छोटू' या 'मुन्ना' सिलेंडर कहा जाता है, की बिक्री और वितरण प्रक्रिया को बेहद सरल बना दिया है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने निर्देश दिया है कि अब इन 5 किलोग्राम वाले सिलेंडरों को प्राप्त करने के लिए किसी स्थानीय पते के प्रमाण (Address Proof) की आवश्यकता नहीं होगी।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले कुछ ही दिनों में इन छोटे सिलेंडरों की मांग और आपूर्ति में अभूतपूर्व उछाल देखा गया है। 23 मार्च 2026 से अब तक पूरे देश में लगभग 6.6 लाख से अधिक 5 किलो वाले एफटीएल सिलेंडरों की बिक्री हो चुकी है। अकेले पिछले 24 घंटों के भीतर 90,000 से अधिक उपभोक्ताओं ने इन सिलेंडरों को खरीदा है। सरकार का मुख्य उद्देश्य उन लोगों तक रसोई गैस पहुँचाना है जिनके पास स्थायी निवास का प्रमाण नहीं है, जैसे कि प्रवासी श्रमिक, दिहाड़ी मजदूर और छात्र। अब कोई भी नागरिक किसी भी अधिकृत एलपीजी वितरक या चिन्हित किराना स्टोर और पेट्रोल पंप पर जाकर केवल एक वैध पहचान पत्र (जैसे आधार कार्ड या वोटर आईडी) दिखाकर यह सिलेंडर प्राप्त कर सकता है।

ईरान और अमेरिका के बीच चरम पर पहुँचे तनाव ने इस कदम को और भी अनिवार्य बना दिया है। राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा ईरान के पावर प्लांटों और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने की धमकी के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गैस की कीमतों में अस्थिरता आने की संभावना है। होर्मुज़ स्ट्रेट के माध्यम से होने वाली आपूर्ति में किसी भी लंबी बाधा का अर्थ होगा कि भारत को अपने घरेलू स्टॉक और वैकल्पिक वितरण माध्यमों पर अधिक निर्भर रहना होगा। इसी रणनीति के तहत, सरकार ने तेल विपणन कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे छोटे सिलेंडरों के उत्पादन और रिफिलिंग की क्षमता बढ़ाएं ताकि सामान्य 14.2 किलो वाले सिलेंडरों पर पड़ने वाले अतिरिक्त बोझ को कम किया जा सके।

  • क्या है 'छोटू' सिलेंडर और इसके फायदे?

'छोटू' इंडियन ऑयल का 5 किलो वाला एफटीएल (Free Trade LPG) सिलेंडर है। इसके लिए किसी सिक्योरिटी डिपॉजिट की जरूरत नहीं होती और इसे आसानी से कहीं भी ले जाया जा सकता है। वर्तमान संकट के दौरान इसकी कीमत लगभग ₹649 (स्थानीय करों के आधार पर परिवर्तन संभव) रखी गई है। यह उन लोगों के लिए सबसे उपयुक्त है जिनकी खपत कम है या जो अस्थायी रूप से किसी शहर में रह रहे हैं।

सरकार ने एलपीजी वितरण के लिए 'राशनिंग' और 'प्रायोरिटी' मॉडल को भी सक्रिय कर दिया है। शहरी क्षेत्रों में बुकिंग के अंतराल को बढ़ाकर 21 से 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन तक करने जैसे कदम उठाए गए हैं ताकि जमाखोरी और पैनिक बाइंग (घबराहट में खरीदारी) को रोका जा सके। इसके साथ ही, रिफाइनरियों को आदेश दिया गया है कि वे सी-3 और सी-4 गैस धाराओं (जो एलपीजी का मुख्य घटक हैं) का उत्पादन अधिकतम करें। दवा निर्माण, खाद्य वितरण और उर्वरक जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को गैस आपूर्ति में प्राथमिकता दी जा रही है, जबकि वाणिज्यिक उपयोग के लिए आवंटन को पूर्व-संकट स्तर के 70 प्रतिशत तक सीमित किया गया है।

प्रवासी आबादी के लिए यह योजना किसी वरदान से कम नहीं है। पहले पते के प्रमाण के अभाव में इन लोगों को अक्सर ब्लैक मार्केट से महंगे दामों पर गैस खरीदनी पड़ती थी, लेकिन अब केवल पहचान पत्र और एक स्व-घोषणा पत्र के माध्यम से वे आधिकारिक दर पर गैस प्राप्त कर रहे हैं। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि ये छोटे सिलेंडर केवल घरेलू उपयोग के लिए हैं और इनका व्यावसायिक इस्तेमाल प्रतिबंधित है। राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को पत्र लिखकर कहा गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में इन सिलेंडरों की कालाबाजारी और अवैध भंडारण के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें ताकि जरूरतमंदों को परेशानी न हो। भले ही वैश्विक स्तर पर तनाव बना हुआ है, लेकिन भारत सरकार का दावा है कि देश के पास पर्याप्त बफर स्टॉक मौजूद है। प्राकृतिक गैस और पेट्रोलियम उत्पादों के वितरण के लिए हाल ही में अधिसूचित आवश्यक वस्तु अधिनियम (Essential Commodities Act) के तहत नए आदेशों ने सरकार को वितरण व्यवस्था पर पूर्ण नियंत्रण दे दिया है। डिजिटल बुकिंग को बढ़ावा दिया जा रहा है और वितरकों को पारदर्शी तरीके से आपूर्ति करने के निर्देश दिए गए हैं।

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