Pilibhit : गोमती उद्गम स्थल माधोटांडा से लखनऊ तक गोमती दर्शन यात्रा का आज होगा शुभारंभ

लखनऊ की जीवन धारा कहीं जाने वाली आदि गंगा मां गोमती नदी का उद्गम पीलीभीत जनपद के माधोटांडा गांव में स्थित है। जनपद से उदगमित होकर गोमती नदी 14 जनपदों में प्रभावित होती हुई वाराणसी औ

Mar 27, 2026 - 21:34
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Pilibhit : गोमती उद्गम स्थल माधोटांडा से लखनऊ तक गोमती दर्शन यात्रा का आज होगा शुभारंभ
Pilibhit : गोमती उद्गम स्थल माधोटांडा से लखनऊ तक गोमती दर्शन यात्रा का आज होगा शुभारंभ

मुख्य अतिथि के रूप में रहेंगे उत्तर प्रदेश सरकार के वन मंत्री डॉ अरुण कुमार

Report : कुँवर निर्भय सिंह, आईएनए पीलीभीत- उत्तर प्रदेश

पीलीभीत : लखनऊ को चरण स्पर्श करने वाली,जीवनदायिनी आदि गंगा माँ गोमती के अस्तित्व को बचाने और उसे उसका खोया हुआ गौरव वापस दिलाने के लिए 'गोमती दर्शन' संस्था ने बीड़ा उठाया है। 28 मार्च से गोमती उद्गम स्थल से राजधानी लखनऊ तक गोमती दर्शन यात्रा के प्रथम चरण की पदयात्रा का आयोजन किया जा रहा है। गोमती दर्शन यात्रा के शुभारंभ के अवसर मुख्य अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार वन, पर्यावरण, जंतु उद्यान एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के डॉक्टर अरुण कुमार सक्सेना मौजूद रहेंगे।'गोमती दर्शन यात्रा' के प्रथम चरण का समापन 4 अप्रैल को होगा। गोमती दर्शन संस्था के अध्यक्ष श्वेता सिंह ने पीलीभीत के जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह से मिलकर पदयात्रा के बारे में जानकारी दी।लखनऊ की जीवन धारा कहीं जाने वाली आदि गंगा मां गोमती नदी का उद्गम पीलीभीत जनपद के माधोटांडा गांव में स्थित है। जनपद से उदगमित होकर गोमती नदी 14 जनपदों में प्रभावित होती हुई वाराणसी और गाजीपुर के मध्य मारकंडेश्वर आश्रम के पास गंगा में विलीन हो जाती है। गोमती दर्शन संस्था की अध्यक्ष श्वेता सिंह ने बताया कि इस पदयात्रा का मुख्य उद्देश्य गोमती नदी के संरक्षण के लिए सरकार और समाज को जगाना है।

यह यात्रा गोमती को नदी आधिकारिक तौर पर 'राज्य नदी' घोषित करने, गोमती की भूमि को राजस्व अभिलेखों में स्पष्ट रूप से गोमती नदी के नाम सुरक्षित किया जाने, नदी के डूब क्षेत्र में किसी भी प्रकार के अवैध निर्माण और अतिक्रमण को रोका लगाने, नदी में किसी भी तरह के ठोस या तरल अपशिष्ट के बहाव पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने, गोमती के बेस फ्लो को बढ़ाने के लिए शारदा नदी से सतही जल का प्रबंधन स्थाई रूप से करने का उद्देश्य है।गोमती दर्शन एक सामाजिक और पर्यावरणीय अभियान है जिसका उद्देश्य मां गोमती नदी की स्वच्छता संरक्षण और पुनर्जीवन के लिए समाज को जागरूक करना है। गोमती दर्शन के तत्वाधान में मां गोमती के उद्गम स्थल माधोटांडा से लखनऊ तक 28 मार्च से 4 अप्रैल तक यात्रा का प्रथम चरण होगा। 28 मार्च को सुबह लगभग 9:00 बजे मां गोमती पूजन किया जाएगा जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार वन, पर्यावरण जंतु उद्यान एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के डॉक्टर अरुण कुमार सक्सेना मौजूद रहेंगे।

अपराह्न 3:00 बजे हवन कार्यक्रम होगा 4:00 बजे एक गोष्ठी का आयोजन किया जाएगा जिसमें मां गोमती का ऐतिहासिक एवं वर्तमान महत्व पर प्रकाश डाला जाएगा जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में पीलीभीत के जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार सिंह , मुख्य वक्ता के रूप में महंत शंकराचार्य मठ बोध गया के विवेकानंद महाराज मौजूद रहेंगे। शाम विशेष को गोमती आरती का आयोजन किया जाएगा। गोमती दर्शन यात्रा की अध्यक्ष श्वेता सिंह ने गोमती उद्गम स्थल के संस्थापक ट्रस्टी योगेश्वर सिंह एवं निर्भय सिंह के साथ गुरूवार को डीएम ज्ञानेंद्र सिंह से मुलाक़ात की। उन्होंने डीएम को पत्रक भेट कर यात्रा के सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी दी।

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