Lakhimpur- Kheri : धौरहरा के लाल का कमाल: शोध कार्य के लिए यूरोपीय देशों की यात्रा पर जाएंगे डॉ. आशुतोष अवस्थी
धौरहरा के शुक्ला वार्ड निवासी आचार्य नारायण दत्त अवस्थी के पुत्र आशुतोष इस यात्रा के माध्यम से आधुनिक संस्कृत और अन्य भारतीय भाषाओं के प्रति विदेशी विद्वानों के नजरिए को समझेंगे। साथ ही वे भारतीय संस्कृति और संस्कृत भाषा
लखीमपुर खीरी जिले के धौरहरा कस्बे के रहने वाले डॉ. आशुतोष अवस्थी अपनी विद्वत्ता का परचम अब सात समंदर पार लहराएंगे। दिल्ली विश्वविद्यालय के सीनियर रिसर्चर आशुतोष का चयन जर्मनी के प्रतिष्ठित हैम्बर्ग विश्वविद्यालय के लिए हुआ है। यहाँ वे प्रोफेसर हारुनागा आईजैक्सन के निर्देशन में अपने शोध कार्य को आगे बढ़ाएंगे। लगभग 4 महीने की इस यात्रा के दौरान वे यूरोप के विभिन्न देशों का दौरा करेंगे और वहाँ के भारतीय विद्या केंद्रों में जाकर शोधकर्ताओं के साथ संवाद करेंगे।
धौरहरा के शुक्ला वार्ड निवासी आचार्य नारायण दत्त अवस्थी के पुत्र आशुतोष इस यात्रा के माध्यम से आधुनिक संस्कृत और अन्य भारतीय भाषाओं के प्रति विदेशी विद्वानों के नजरिए को समझेंगे। साथ ही वे भारतीय संस्कृति और संस्कृत भाषा के प्रचार-प्रसार पर भी काम करेंगे। इससे पहले भी आशुतोष की प्रतिभा का लोहा दुनिया मान चुकी है। उनके शोध पत्र ऑक्सफोर्ड और फ्लोरिडा जैसे विश्व प्रसिद्ध विश्वविद्यालयों में शामिल किए जा चुके हैं।
आशुतोष इससे पहले कनाडा के टोरंटो विश्वविद्यालय और ताइवान के फो गुवांग विश्वविद्यालय की शैक्षणिक यात्राएं भी कर चुके हैं। अपनी इस नई विदेश यात्रा के दौरान वे विभिन्न संकायों में जाकर संस्कृत और भारतीय विधाओं पर व्याख्यान देंगे। धौरहरा जैसे छोटे कस्बे से निकलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने वाली इस उपलब्धि से उनके परिवार और क्षेत्र के लोगों में खुशी की लहर है।
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