Hardoi: हरदोई के राजघाट पर माघ मेला कल्पवास की तैयारियों के लिए BJP नेता ने CM योगी को लिखा पत्र।
भारतीय जनता पार्टी (BJP) उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ नेता और जिला सहकारी बैंक, हरदोई के अध्यक्ष अशोक कुमार सिंह ने आगामी माघ
हरदोई। भारतीय जनता पार्टी (BJP) उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ नेता और जिला सहकारी बैंक, हरदोई के अध्यक्ष अशोक कुमार सिंह ने आगामी माघ मेला रामनगरिया (कल्पवास) की तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक महत्वपूर्ण पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने हरदोई के बिलग्राम स्थित पौराणिक राजघाट पर माघ मास में जुटने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षा, स्वास्थ्य और आधारभूत सुविधाओं की युद्धस्तर पर व्यवस्था करने की मांग की है।राजघाट: 88 हजार ऋषियों की पुण्यभूमि और 'मिनी प्रयाग'अशोक कुमार सिंह ने पत्र में राजघाट के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व को रेखांकित किया।
उन्होंने बताया कि मां गंगा की लगभग 60 किलोमीटर लंबी धारा में यह घाट सबसे अधिक पूजनीय है। यह वह पवित्र स्थल है जहां प्राचीन काल में कन्नौज के चक्रवर्ती सम्राट महाराज हर्षवर्धन और वीरगाथा काल के राजा लाखन जैसे महान राजाओं ने स्नान-दान किया था। मान्यता है कि नैमिषारण्य के 88 हजार ऋषियों ने भी यहीं से गंगाजल ग्रहण किया था। लाखों श्रद्धालुओं के लिए यह स्थान 'मिनी प्रयाग' की तरह है।कल्पवास के दौरान तत्काल जरूरी व्यवस्थाएं: छह प्रमुख मांगेंमाघ मास में राजघाट पर एक महीने तक चलने वाले कल्पवास में साधु-संत और श्रद्धालु गंगा किनारे निवास करते हैं। मानवीय और प्रशासनिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अशोक कुमार सिंह ने निम्नलिखित छह प्रमुख बिंदुओं पर तत्काल कार्रवाई की मांग की है:
- सुरक्षा व्यवस्था: लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए पुलिस बल की पर्याप्त तैनाती और सीसीटीवी निगरानी।
- स्वास्थ्य सुविधाएं: अस्थायी अस्पताल, एम्बुलेंस और चिकित्सा टीमों की व्यवस्था।
- पेयजल और स्वच्छता: शुद्ध पेयजल की आपूर्ति और शौचालयों की पर्याप्त संख्या।
- आवास और प्रकाश व्यवस्था: कल्पवासियों के लिए टेंट और घाटों पर पर्याप्त लाइटिंग।
- यातायात प्रबंधन: पार्किंग और सड़क मार्गों की मरम्मत।
- आधारभूत ढांचा: घाटों की सफाई, सीढ़ियों की मरम्मत और आपातकालीन सुविधाएं।
BJP नेता ने उम्मीद जताई कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर इन व्यवस्थाओं को शीघ्र पूरा किया जाएगा, ताकि श्रद्धालु निर्विघ्न रूप से कल्पवास कर सकें। यह पत्र स्थानीय स्तर पर माघ मेले की तैयारियों को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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