Lucknow News: डिजिटल और वित्तीय रूप से सशक्त होंगी बेटियां, योगी सरकार बनाएगी आत्मनिर्भर।
योगी सरकार ने एक बार फिर बालिकाओं के सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक पहल की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश के 746...
- बेटियों को डिजिटल युग के अनुरूप तैयार करेगी योगी सरकार
- 746 विद्यालयों की 80 हजार बालिकाएं ‘वित्तीय साक्षरता और डिजिटल कुशलता’ में होंगी प्रशिक्षित
- वित्तीय साक्षरता कोर्स में 12 अध्याय, डिजिटल कुशलता में 8 अध्याय से लेंगी ज्ञान
- यूनिसेफ देगा तकनीकी सहयोग, बालिकाओं को मिलेगा निःशुल्क प्रमाण-पत्र
- भविष्य की सशक्त महिला नागरिक बनेंगी बेटियां: संदीप सिंह
लखनऊ। योगी सरकार ने एक बार फिर बालिकाओं के सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक पहल की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश के 746 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (केजीबीवी) की 80 हजार छात्राओं को अब वित्तीय साक्षरता और डिजिटल कुशलता का प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह प्रशिक्षण यूनिसेफ के सहयोग से ऑनलाइन ‘पासपोर्ट टू अर्निंग (P2E)’ प्लेटफॉर्म पर निःशुल्क उपलब्ध होगा, जहाँ छात्राएं प्रमाण-पत्र अर्जित कर सकेंगी।
नई शिक्षा नीति-2020 की भावना के अनुरूप यह पहल न केवल बेटियों को व्यवहारिक शिक्षा से जोड़ेगी, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर भी बनाएगी। बेटियां अब 21वीं सदी के अनिवार्य कौशल जैसे डिजिटल साक्षरता और वित्तीय निर्णय क्षमता में दक्ष होंगी।
प्रशिक्षण से बेटियां होंगी इन क्षेत्रों में दक्ष वित्तीय निर्णय लेना, बचत और निवेश की समझ ऋण प्रबंधन व वित्तीय अनियमितताओं की पहचान एक्सेल व पावरपॉइंट जैसे डिजिटल उपकरणों का प्रयोग ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर प्रमाण-पत्र अर्जन की प्रक्रिया
- 746 केजीबीवी में चरणबद्ध रूप से होगा कार्यक्रम लागू
इस महत्वाकांक्षी कार्यक्रम को चरणबद्ध ढंग से लागू किया जाएगा। सर्वप्रथम 20 मई तक प्रत्येक विद्यालय से एक नोडल शिक्षक/शिक्षिका का चयन किया जाएगा, जिसके बाद 24-25 मई के मध्य उनका ऑनलाइन उन्मुखीकरण आयोजित किया जाएगा। 25 जून तक नोडल शिक्षक स्वयं प्लेटफॉर्म पर प्रशिक्षण पूरा करेंगे और 25 जुलाई तक सभी बालिकाओं का लॉगिन तैयार किया जाएगा। इसके उपरांत छात्राएँ 10 सितम्बर तक वित्तीय साक्षरता कोर्स पूर्ण कर प्रमाण-पत्र प्राप्त करेंगी और 15 सितम्बर तक उसकी समेकित रिपोर्ट तैयार की जाएगी। फिर 30 अक्टूबर तक डिजिटल साक्षरता प्रशिक्षण पूर्ण किया जाएगा तथा 10 नवम्बर 2025 तक इसकी समेकित रिपोर्ट तैयार कर समीक्षा की जाएगी। प्रत्येक चरण में यूनिसेफ एवं समग्र शिक्षा की तकनीकी सहायता प्राप्त होगी और जिला समन्वयक तथा वार्डेन कार्यक्रम की नियमित निगरानी करेंगे।
- ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर ‘वीडियो, अभ्यास और मूल्यांकन के साथ है उपलब्ध
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम up.my.p2e.org प्लेटफॉर्म पर ऑनलाइन, वीडियो, अभ्यास और मूल्यांकन के साथ उपलब्ध है। वित्तीय साक्षरता में 12 अध्याय व डिजिटल कुशलता में 8 अध्याय हैं। प्रत्येक कोर्स लगभग 10 घंटे का है।
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- जवाबदेही तय, उत्कृष्ट प्रदर्शन पर मिलेगा सम्मान
इस कार्यक्रम की जवाबदेही विद्यालय की वार्डेन व सम्बन्धित नोडल शिक्षक व शिक्षिका की होगी। जिला समन्वयक (बालिका शिक्षा) तथा जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी इसकी नियमित निगरानी करेंगे।
सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले विद्यालयों को जनपद स्तर पर सम्मानित किया जाएगा।
बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह का कहना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में हमारी सरकार बेटियों को न केवल शिक्षा दे रही है, बल्कि उन्हें डिजिटल और वित्तीय रूप से सक्षम बनाकर आत्मनिर्भर भी बना रही है। 'पासपोर्ट टू अर्निंग' जैसी पहल से बेटियों में 21वीं सदी के कौशल विकसित होंगे और वे आत्मविश्वास के साथ भविष्य की सशक्त महिला नागरिक बनेंगी।
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