पश्चिम उत्तर प्रदेश को अलग राज्य बनाने की मांग, भगत सिंह वर्मा का बड़ा बयान
भगत सिंह वर्मा ने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के छह मंडलों, 26 जिलों, 27 लोकसभा क्षेत्रों, 137 विधानसभा क्षेत्रों और करीब आठ करोड़ लोगों को मिलाकर अलग पश्चिम प्रदेश बनाना समय की जरूरत है। उन्होंने आरोप लगा
मुजफ्फरनगर। पश्चिम प्रदेश मुक्ति मोर्चा और भारतीय किसान यूनियन वर्मा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भगत सिंह वर्मा ने कहा कि बढ़ती समस्याओं का एकमात्र समाधान पृथक पश्चिम प्रदेश का निर्माण है। उन्होंने निकटवर्ती ग्राम तुगलकपुर में आयोजित बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश बड़ा राज्य होने के कारण यहां कानून व्यवस्था चरमरा गई है, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और अव्यवस्था बढ़ गई है।
भगत सिंह वर्मा ने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के छह मंडलों, 26 जिलों, 27 लोकसभा क्षेत्रों, 137 विधानसभा क्षेत्रों और करीब आठ करोड़ लोगों को मिलाकर अलग पश्चिम प्रदेश बनाना समय की जरूरत है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2026-27 का बजट नौ लाख 12 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा है लेकिन पश्चिमी उत्तर प्रदेश सरकार को 80 प्रतिशत राजस्व देने के बावजूद विकास से वंचित है। बजट का बड़ा हिस्सा पूर्वांचल, अवध और बुंदेलखंड में खर्च हो रहा है।
उन्होंने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अब तक एम्स, आईआईएम, आईआईटी और एनआईटी जैसी बड़ी संस्थाएं नहीं बनाई गई हैं। पृथक राज्य बनने पर शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था बेहतर होगी तथा सभी को मुफ्त सुविधाएं मिल सकेंगी। उन्होंने छोटे राज्यों के उदाहरण देते हुए हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड, तेलंगाना जैसे राज्यों का जिक्र किया।
भगत सिंह वर्मा ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर राज्य पुनर्गठन आयोग गठित करने और पृथक पश्चिम प्रदेश बनाने की मांग की। साथ ही मुजफ्फरनगर में आईआईएम तथा मेरठ में आईआईटी और एम्स स्थापित करने की भी मांग रखी।
बैठक की अध्यक्षता ओमवीर सिंह ने की और संचालन पश्चिम प्रदेश मुक्ति मोर्चा के प्रदेश सचिव मोहम्मद मुखिया त्यागी ने किया। बैठक में अमित कुमार, वेदपाल सिंह, मांगेराम, पदम सिंह, धनवीर सिंह समेत कई लोग शामिल रहे।
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