Sambhal: सम्भल हिंसा की पहली बरसी पर डीएम–एसपी का फ्लैगमार्च, शहर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था।
सम्भल में 24 नवंबर 2024 को हुई हिंसा की पहली बरसी पर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में दिखा। सोमवार को डीएम और एसपी ने शहर में फ्लैगमार्च निकालकर
उवैस दानिश, सम्भल
सम्भल में 24 नवंबर 2024 को हुई हिंसा की पहली बरसी पर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में दिखा। सोमवार को डीएम और एसपी ने शहर में फ्लैगमार्च निकालकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। अधिकारियों ने बताया कि पिछले एक साल में सम्भल की कानून–व्यवस्था में जमीन–आसमान का फर्क आया है। नए थाने, चौकियां, एटीएस यूनिट और अत्याधुनिक इंटीग्रेटिड कमांड सेंटर ने सुरक्षा तंत्र को मजबूत किया है।
अधिकारियों ने फ्लैगमार्च के दौरान बताया कि बिजली चोरी पर रोक, बदमाशों पर कार्रवाई और एक साल के कामकाज से प्रशासन संतुष्ट है। शहर में स्कूल, कॉलेज और बाजार सामान्य रूप से खुले रहे और माहौल शांत रहा।
- 12 मुकदमों में 133 गिरफ्तारी, कई आरोपी जेल में
सम्भल हिंसा के 12 मामलों में अब तक 133 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें से आधे से अधिक अभी जेल में हैं। इस हिंसा में सम्भल सांसद जियाउर्रहमान बर्क और कुख्यात अपराधी शारिक साटा भी आरोपी हैं। प्रशासनिक रिकॉर्ड के अनुसार आजादी के बाद और 24 नवंबर 2024 से पहले शहर में 17 दंगे हुए, लेकिन किसी भी मामले में एक भी आरोपी को सजा नहीं मिली। कई मुकदमे पिछली सरकारों ने वापस ले लिए और कई में आरोपी छूट गए। इसके विपरीत 24 नवंबर की हिंसा में योगी सरकार की पुलिस बीएनएस की धाराओं के तहत केसों की त्वरित पैरवी कर रही है।
- सुरक्षा के लिए जमकर काम, शहर सीसीटीवी से लैस
हिंसा के बाद प्रदेश सरकार ने सम्भल में सुरक्षा के बड़े कदम उठाए। शहर में दो नए थाने, 33 पुलिस चौकियां और पाँच आउटपोस्ट बनाए गए। 250 से अधिक हाई-क्वालिटी सीसीटीवी कैमरों वाला कंट्रोल रूम शहर की 24 घंटे निगरानी कर रहा है। बरसी पर सुरक्षा के लिए तीन सेक्शन पीएसी, आरआरएफ और स्थानीय पुलिस की भारी तैनाती की गई है।
एसपी ने लोगों से अपील की है कि वे सामान्य दिनों की तरह अपने कामकाज में लगे रहें। गड़बड़ी करने वालों को सख्त कार्रवाई की चेतावनी देते हुए पुलिस ने कहा है कि किसी भी तरह की अराजकता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सम्भल हिंसा की पहली बरसी पर शहर शांत रहा और प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजामों के साथ अपना संदेश साफ किया—कानून व्यवस्था से समझौता नहीं।
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