Hardoi: किसान के बेटे ने रचा इतिहास: हरदोई के अभिनीत कुमार मौर्य ‘स्वामी विवेकानंद यूथ अवॉर्ड’ से मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित। 

“हालात कितने भी कठिन हों, अगर हौसला अडिग हो तो मंज़िल खुद झुक जाती है।”इस कहावत को हरदोई जिले के कछौना क्षेत्र के अंतरराष्ट्रीय

Jan 13, 2026 - 11:13
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Hardoi: किसान के बेटे ने रचा इतिहास: हरदोई के अभिनीत कुमार मौर्य ‘स्वामी विवेकानंद यूथ अवॉर्ड’ से मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित। 
किसान के बेटे ने रचा इतिहास: हरदोई के अभिनीत कुमार मौर्य ‘स्वामी विवेकानंद यूथ अवॉर्ड’ से मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित। 

लखनऊ।  “हालात कितने भी कठिन हों, अगर हौसला अडिग हो तो मंज़िल खुद झुक जाती है।”इस कहावत को हरदोई जिले के कछौना क्षेत्र के अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोही अभिनीत कुमार मौर्य ने अपने जीवन से सच कर दिखाया है। साधारण किसान परिवार में जन्मे अभिनीत कुमार मौर्य ने सीमित संसाधनों और आर्थिक संघर्षों के बावजूद वह मुकाम हासिल किया, जहाँ पहुँचना हर किसी के बस की बात नहीं। अफ्रीका महाद्वीप की दूसरी सबसे ऊँची चोटी माउंट केन्या पर तिरंगा फहराकर उन्होंने न केवल हरदोई, बल्कि पूरे देश का नाम रोशन किया।

उनकी इसी असाधारण उपलब्धि और युवा प्रेरणा को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा उन्हें वर्ष 2026 का प्रतिष्ठित ‘स्वामी विवेकानंद यूथ अवॉर्ड’ प्रदान किया गया। यह सम्मान राष्ट्रीय युवा दिवस (12 जनवरी) को लखनऊ में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा प्रदान किया गया। संघर्षों से सफलता तक ग्रामीण परिवेश में पले-बढ़े अभिनीत के लिए पर्वतारोहण का रास्ता आसान नहीं था। संसाधनों की कमी, कठिन प्रशिक्षण और जोखिम भरे अभियानों के बावजूद उन्होंने कभी हार नहीं मानी। निरंतर अभ्यास, अनुशासन और आत्मविश्वास के बल पर वे अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुँचे और भारत का परचम विदेशी धरती पर लहराया।

  • समाज और प्रकृति के प्रति भी समर्पण

पर्वतारोहण के साथ-साथ अभिनीत कुमार मौर्य पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण और युवाओं को साहसिक खेलों से जोड़ने के लिए भी लगातार सक्रिय रहे हैं। वे मानते हैं कि प्रकृति का सम्मान किए बिना किसी भी शिखर की जीत अधूरी है।

  • सीमित युवाओं को मिलता है यह सम्मान

स्वामी विवेकानंद यूथ अवॉर्ड उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा हर वर्ष केवल 10 विशिष्ट युवाओं को दिया जाता है। इस सम्मान के अंतर्गत ₹50,000 की प्रोत्साहन राशि स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा‌ प्रशस्ति पत्र व अंगवस्त्र तथा सम्मान स्वरूप सड़क का नामकरण शामिल है।

अभिनीत कुमार मौर्य को मिले इस सम्मान से हरदोई जनपद, विशेषकर कछौना क्षेत्र में खुशी की लहर है। ग्रामीणों और युवाओं ने इसे जिले के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया है। उनकी सफलता ने यह साबित कर दिया है कि गाँव से निकलकर भी वैश्विक पहचान बनाई जा सकती है।

अभिनीत कुमार मौर्य खेतों से लेकर अंतरराष्ट्रीय पर्वत शिखरों तक पहुँचे अभिनीत कुमार मौर्य आज युवाओं के लिए उम्मीद और हौसले की मिसाल बन चुके हैं।

उनकी कहानी यही संदेश देती है—

“सपने वही सच होते हैं, जिनके पीछे हिम्मत खड़ी होती है।”
प्रदेश में प्रथम स्थान, हरदोई का नाम रोशन
इस सम्मान को और अधिक विशेष बनाता है यह तथ्य कि अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोही अभिनीत कुमार मौर्य ने स्वामी विवेकानंद यूथ अवॉर्ड चयन प्रक्रिया में पूरे उत्तर प्रदेश में प्रथम रैंक हासिल की है। प्रदेश भर से चयनित युवाओं में शीर्ष स्थान प्राप्त करना उनकी उपलब्धियों, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक योगदान की सशक्त पुष्टि करता है। प्रथम रैंक के साथ यह सम्मान प्राप्त कर अभिनीत ने न केवल हरदोई, बल्कि पूरे प्रदेश को गौरवान्वित किया है।

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