Sambhal: किसानों के हक और ज़मीन की लड़ाई आर-पार, चकबंदी विभाग के खिलाफ अनिश्चितकालीन धरना शुरू।
सम्भल में किसानों के अधिकार और सम्मान की लड़ाई एक बार फिर सड़क पर आ गई है। भारतीय किसान यूनियन (असली अराजनैतिक) के आह्वान पर
उवैस दानिश, सम्भल
सम्भल में किसानों के अधिकार और सम्मान की लड़ाई एक बार फिर सड़क पर आ गई है। भारतीय किसान यूनियन (असली अराजनैतिक) के आह्वान पर सोमवार को पुरानी तहसील सम्भल में चकबंदी से जुड़ी समस्याओं को लेकर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू किया गया। संगठन ने SOC बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी सम्भल और DDC उपसंचालक अधिकारी चकबंदी सम्भल के घेराव का भी ऐलान किया है।
भारतीय किसान यूनियन (असली अराजनैतिक) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी हरपाल सिंह बिलारी के आहवान पर धरना दिया जा रहा है। किसानों ने कहा कि यह लड़ाई किसानों के हक की है और जब तक समाधान नहीं होगा, आंदोलन जारी रहेगा। धरना स्थल पर प्रदेश प्रवक्ता किसान नेता जयवीर सिंह ने बताया कि चकबंदी विभाग में भ्रष्टाचार और गंभीर अनियमितताएं सामने आ रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना बैनामा के भी आदेश पारित किए जा रहे हैं और गलत तरीके से दाखिल-खारिज दूसरे के नाम की जा रही है, जबकि वैध बैनामा दिखाने वाले किसानों को उनके अधिकार से वंचित किया जा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि जहां किसानों की कीमती ज़मीन और चक स्थित है, वहां पैसे के बल पर प्रभावशाली लोगों को ज़मीन दे दी जाती है और असली हकदार किसानों को हटाया जा रहा है। यह पूरी प्रक्रिया भ्रष्टाचार से ग्रस्त है, जिसके खिलाफ किसान एकजुट होकर संघर्ष कर रहे हैं। किसान नेता ने एक और बड़ी समस्या उठाते हुए बताया कि सम्भल ज़िले का चकबंदी रिकॉर्ड अभी तक मुरादाबाद से स्थानांतरित नहीं हुआ है। किसान दिवस में ज़िलाधिकारी से कई बार यह मांग उठाई जा चुकी है, लेकिन अब तक रिकॉर्ड सम्भल नहीं पहुंच पाया। नतीजतन किसानों को जरूरी कागज़ात के लिए कभी मुरादाबाद तो कभी सम्भल के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। किसान नेताओं ने साफ कहा कि जब तक चकबंदी से जुड़ी सभी समस्याओं का समाधान नहीं किया जाता, तब तक यह धरना-प्रदर्शन अनिश्चितकालीन रूप से जारी रहेगा।
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