Hardoi : शाहाबाद में खाद संकट- किसानों ने एसडीएम कार्यालय का घेराव किया, कालाबाजारी के गंभीर आरोप

किसानों का कहना है कि वे तीन दिनों से खत्ता जमाल खां सहकारी समिति के चक्कर काट रहे थे, लेकिन उन्हें खाद नहीं मिली। जब उन्होंने समिति के सचिव से इस बारे में ज

By INA News Desk
Aug 14, 2025 - 23:15
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Hardoi : शाहाबाद में खाद संकट- किसानों ने एसडीएम कार्यालय का घेराव किया, कालाबाजारी के गंभीर आरोप
शाहाबाद में खाद संकट- किसानों ने एसडीएम कार्यालय का घेराव किया, कालाबाजारी के गंभीर आरोप

शाहाबाद (हरदोई) : जिले के शाहाबाद तहसील में खाद की कमी से परेशान किसानों का गुस्सा बुधवार को उस समय भड़क उठा, जब लगातार तीन दिनों तक खाद न मिलने के कारण वे तहसील मुख्यालय पहुंचे और एसडीएम कार्यालय का घेराव कर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। किसानों ने खाद वितरण में कालाबाजारी और अधिकारियों के अभद्र व्यवहार के गंभीर आरोप लगाए। इस प्रदर्शन में सैकड़ों किसान शामिल हुए, जिन्होंने अपनी फसलों को बचाने के लिए तत्काल खाद उपलब्ध कराने की मांग की।किसानों का कहना है कि वे तीन दिनों से खत्ता जमाल खां सहकारी समिति के चक्कर काट रहे थे, लेकिन उन्हें खाद नहीं मिली। जब उन्होंने समिति के सचिव से इस बारे में जवाब मांगा, तो सचिव ने कई किसानों के आधार कार्ड फेंक दिए। कुछ किसानों ने बताया कि उनके असली आधार कार्ड भी गायब हो गए, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ गई। इस घटना ने किसानों के बीच भारी नाराजगी पैदा की।किसानों ने आरोप लगाया कि खाद आम किसानों को न देकर बिचौलियों को ऊंचे दामों पर बेचा जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने इस कालाबाजारी का विरोध किया, तो समिति के सचिव मौके से फरार हो गए। इसके अलावा, गोदाम प्रभारी ने भी उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और उनकी समस्याओं को अनसुना कर दिया। किसानों ने बताया कि खाद की कमी के कारण उनकी खेतों में खड़ी फसलें बर्बाद होने की कगार पर हैं, और इस समय खाद की सबसे ज्यादा जरूरत है।प्रदर्शन के दौरान किसानों ने नारेबाजी की और खाद वितरण में हो रही अनियमितताओं के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की। उन्होंने कहा कि सरकारी गोदामों में भ्रष्टाचार और लापरवाही के कारण वे भारी संकट का सामना कर रहे हैं। किसानों ने यह भी बताया कि निर्धारित दरों पर डीएपी 1350 रुपये और यूरिया 266.50 रुपये प्रति बोरी मिलना चाहिए, लेकिन उन्हें 1650 रुपये में डीएपी और 350 रुपये में यूरिया खरीदना पड़ रहा है। यह स्थिति प्रशासन और खाद विक्रेताओं की मिलीभगत को दर्शाती है।किसानों ने गोदाम प्रभारी और समिति सचिव के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो वे और बड़ा आंदोलन शुरू करेंगे। प्रदर्शन की सूचना पर पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। प्रशासन ने किसानों को आश्वासन दिया कि मामले की जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। साथ ही, खाद की आपूर्ति को तत्काल सुचारू करने का वादा किया गया।हरदोई में खाद संकट कोई नई बात नहीं है। हाल ही में जिले के 668 खाद विक्रेताओं के लाइसेंस रद्द किए गए, क्योंकि उन पर कालाबाजारी और अनियमितता के आरोप थे। इसके बावजूद, खाद की किल्लत और कालाबाजारी की समस्या बनी हुई है। किसानों का कहना है कि वितरण व्यवस्था में गड़बड़ी और तस्करी इस संकट का मुख्य कारण है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि खाद की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए ताकि उनकी फसलें बर्बाद होने से बच सकें।खाद के लिए लंबी कतारों में खड़े होने और फिर भी खाली हाथ लौटने की मजबूरी ने उनके गुस्से को और भड़का दिया है। स्थानीय लोग और किसान संगठनों ने इस मुद्दे को लेकर सरकार और प्रशासन पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो वे सड़कों पर उतरकर और बड़े स्तर पर प्रदर्शन करेंगे।

प्रशासन ने किसानों की शिकायतों को गंभीरता से लेने का दावा किया है। जिला प्रशासन ने कहा कि खाद की आपूर्ति बढ़ाने और कालाबाजारी रोकने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। साथ ही, सहकारी समितियों और गोदामों की जांच के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं। किसानों को उम्मीद है कि प्रशासन अपने वादों पर खरा उतरेगा और उनकी परेशानियों का जल्द समाधान होगा।

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