मोतिहारी में चुनावी रंजिश का खौफनाक मामला- सलहा पैक्स अध्यक्ष ने युवक को कार से कुचला, फिर बेरहमी से पीटा, पुलिस जांच में जुटी। 

Bihar Viral News: बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के मोतिहारी में एक सनसनीखेज घटना ने इलाके में दहशत फैला दी। सलहा पैक्स (प्राथमिक कृषि ऋण सहकारी समिति) के....

Jul 28, 2025 - 16:29
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मोतिहारी में चुनावी रंजिश का खौफनाक मामला- सलहा पैक्स अध्यक्ष ने युवक को कार से कुचला, फिर बेरहमी से पीटा, पुलिस जांच में जुटी। 
मोतिहारी में चुनावी रंजिश का खौफनाक मामला- सलहा पैक्स अध्यक्ष ने युवक को कार से कुचला, फिर बेरहमी से पीटा, पुलिस जांच में जुटी। 

बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के मोतिहारी में एक सनसनीखेज घटना ने इलाके में दहशत फैला दी। सलहा पैक्स (प्राथमिक कृषि ऋण सहकारी समिति) के अध्यक्ष मुन्ना सिंह और उनके भाई ने चुनावी रंजिश के चलते 32 वर्षीय युवक सुमित कुमार सिंह पर पहले कार से टक्कर मारकर कुचलने की कोशिश की। जब सुमित बच गया, तो दोनों ने उसे लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटकर गंभीर रूप से घायल कर दिया। यह पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिसके आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। सुमित को मोतिहारी के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। इस घटना ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले मोतिहारी में तनाव बढ़ा दिया है, और लोग कानून-व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं। पुलिस ने दो आरोपियों को हिरासत में लिया है और मामले की जांच कर रही है।

घटना मोतिहारी के सलहा बाजार क्षेत्र में 27 जुलाई 2025 की सुबह करीब 8 बजे हुई। स्थानीय निवासी सुमित कुमार सिंह अपने घर के पास सड़क पर खड़े थे, जब सलहा पैक्स अध्यक्ष मुन्ना सिंह ने अपनी सफेद SUV कार से उन्हें जानबूझकर टक्कर मारने की कोशिश की। सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि कार तेजी से सुमित की ओर बढ़ी, लेकिन वह किसी तरह कूदकर बच गए। इसके बाद मुन्ना सिंह और उनके भाई कार से उतरे और सुमित पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। हमले में सुमित के सिर, हाथ, और पीठ पर गंभीर चोटें आईं। आसपास के लोगों ने हस्तक्षेप कर सुमित को बचाया और पुलिस को सूचना दी।

सुमित को तुरंत मोतिहारी के सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां से उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर कर दिया गया। सुमित के परिवार ने बताया कि वह स्थानीय स्तर पर सामाजिक कार्यों में सक्रिय हैं और आगामी विधानसभा चुनाव में एक प्रत्याशी के समर्थन में प्रचार कर रहे थे। परिवार का दावा है कि मुन्ना सिंह का सुमित से पुराना विवाद था, जो पैक्स समिति के चुनाव में मतभेदों से शुरू हुआ था।

मोतिहारी पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए भारतीय दंड संहिता की धारा 307 (हत्या का प्रयास), 323 (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना), और 506 (आपराधिक धमकी) के तहत मुन्ना सिंह और उनके भाई के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया है। मोतिहारी के पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने बताया कि जांच चल रही है और अन्य संदिग्धों की तलाश की जा रही है। उन्होंने कहा, “यह एक गंभीर मामला है। हम सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर कार्रवाई कर रहे हैं। इलाके में शांति बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।”

पुलिस ने यह भी बताया कि सलहा और आसपास के गांवों में तनाव को देखते हुए अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं। इंटरनेट पर अफवाहें फैलने से रोकने के लिए सोशल मीडिया पर निगरानी बढ़ा दी गई है।

यह घटना बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले हुई, जो राज्य में राजनीतिक तनाव को दर्शाती है। मोतिहारी और चंपारण क्षेत्र ऐतिहासिक और राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हैं। 18 जुलाई 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मोतिहारी के गांधी मैदान में एक विशाल रैली को संबोधित किया था, जिसमें उन्होंने NDA के लिए समर्थन मांगा और विपक्ष पर भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था की विफलता का आरोप लगाया था।

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, सलहा पैक्स समिति का चुनाव पिछले कुछ महीनों से विवाद का विषय बना हुआ था। मुन्ना सिंह और सुमित के बीच पैक्स समिति के नेतृत्व को लेकर मतभेद थे, जो विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक गुटबाजी में बदल गए। सुमित के परिवार का कहना है कि वह एक विपक्षी प्रत्याशी का समर्थन कर रहे थे, जिससे मुन्ना सिंह नाराज थे।

इस घटना ने मोतिहारी में व्यापक आक्रोश पैदा किया है। स्थानीय लोगों ने कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाए हैं। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने इस हमले की निंदा की और त्वरित कार्रवाई की मांग की। एक यूजर ने लिखा, “सीसीटीवी में सब कुछ साफ है, फिर भी पुलिस कार्रवाई में देरी क्यों कर रही है? क्या बिहार में आम आदमी की जान की कोई कीमत नहीं?”

विपक्षी नेताओं ने इस घटना को बिहार में बिगड़ती कानून-व्यवस्था का उदाहरण बताया। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता तेजस्वी यादव ने ट्वीट किया, “मोतिहारी में एक युवक को कार से कुचलने और पीटने की घटना शर्मनाक है। नीतीश सरकार में अपराधी बेखौफ हैं।” भारतीय युवा कांग्रेस के नेता उदय भानु ने भी इस मामले को उठाते हुए कहा, “क्या बिहार में सत्ता का मतलब जान से मारने का लाइसेंस है? सीसीटीवी में सब कुछ कैद है, फिर भी कार्रवाई नदारद!”

दूसरी ओर, सत्तारूढ़ जनता दल (यूनाइटेड) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं ने इस घटना को व्यक्तिगत रंजिश का मामला बताया और कहा कि पुलिस निष्पक्ष जांच कर रही है। BJP के स्थानीय नेता दिलीप जायसवाल ने कहा, “यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना है, लेकिन इसे राजनीतिक रंग न दिया जाए। पुलिस अपना काम कर रही है।”

  • बिहार में चुनावी हिंसा का इतिहास

बिहार में चुनावी हिंसा कोई नई बात नहीं है। आजादी के बाद से ही बिहार के चुनावों में हिंसा की घटनाएं होती रही हैं। 1951-52 के पहले विधानसभा चुनाव से लेकर अब तक, हर चुनाव में खूनखराबा और हिंसा की खबरें सामने आई हैं। खासकर 1980 और 1990 के दशक में जातीय और सामाजिक तनाव के कारण हिंसा की कई बड़ी घटनाएं हुईं, जैसे औरंगाबाद के दलेलचक-भागौरा नरसंहार (1986) और भोजपुर के दनवार-बिहटा नरसंहार (1989)।

हाल के वर्षों में भी बिहार में चुनावी हिंसा की घटनाएं सामने आई हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव में सारण जिले में मतदान के दौरान अनियमितताओं और हिंसक झड़पों में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। इस बार विधानसभा चुनाव से पहले मोतिहारी की यह घटना चिंता का विषय बन गई है।

मोतिहारी की इस घटना ने बिहार में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर फिर से सवाल उठाए हैं। हाल ही में पटना के पारस अस्पताल में एक अपराधी की हत्या और बेगूसराय में एक BJP नेता की बेटी पर तेजाब हमला जैसी घटनाएं भी सुर्खियों में थीं। विपक्ष ने नीतीश कुमार सरकार पर अपराधियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया है। तेजस्वी यादव ने कहा, “पटना में अस्पताल के अंदर हत्या हो रही है, मोतिहारी में खुलेआम हमला हो रहा है। यह बिहार का हाल है।”

मोतिहारी के सलहा और आसपास के गांवों में इस घटना के बाद तनाव का माहौल है। स्थानीय लोगों ने बताया कि सुमित एक सामाजिक कार्यकर्ता हैं और उनके परिवार का गांव में सम्मान है। इस हमले के बाद उनके समर्थकों ने सलहा बाजार में प्रदर्शन किया और मुन्ना सिंह के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। कुछ लोगों ने यह भी मांग की कि पैक्स समिति के कामकाज की जांच हो, क्योंकि यह विवाद का मुख्य कारण माना जा रहा है।

मोतिहारी में सलहा पैक्स अध्यक्ष मुन्ना सिंह द्वारा सुमित कुमार सिंह पर कार से टक्कर और मारपीट की घटना ने बिहार में चुनावी हिंसा और कानून-व्यवस्था की कमियों को फिर से सामने ला दिया। यह घटना सीसीटीवी में कैद होने के बावजूद तनाव और डर का कारण बनी है। पुलिस ने दो आरोपियों को हिरासत में लिया है, लेकिन सुमित की गंभीर हालत और इलाके में तनाव ने कई सवाल खड़े किए हैं।

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