उफनती नदी में बैलगाड़ी: गर्भवती महिला की जान खतरे में, पुलिया न होने से बारिश में आवागमन संकट, ग्रामीणों का चुनाव बहिष्कार और चक्काजाम बेकार, मांगें अनसुनी।
MP News: मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में भाजपा के विकास के दावों की पोल अक्सर बारिश में खुलने लगती है जब ग्रामीण अंचलों में अपनी जान की परवाह ....
रिपोर्ट- शशांक सोनकपुरिया, बैतूल मध्यप्रदेश
मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में भाजपा के विकास के दावों की पोल अक्सर बारिश में खुलने लगती है जब ग्रामीण अंचलों में अपनी जान की परवाह किये बिना ग्रामीण खुद की जान का जोखिम लेकर उफनते नदी नालों को पार करने को मजबूर होते है ऐसी ही एक विकास की तस्वीर चिचोली जनपद क्षेत्र से सामने आई है जहाँ पुल न होने से उफनती नदी में बैलगाड़ी सहित गर्भवती महिला को प्रसव के लिए ले जाने के लिए उतार दी गई।
आपको बता दें कि चिचोली तहसील मुख्यालय से 30 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम बोड़ से तस्वीर सामने आई है जहाँ गर्भवती महिला सुनीता पति बबलू को डिलेवरी के लिए चिरपाटला उप स्वास्थ केंद्र ले जाना था और भाजी नदी पर पर पुल पुलिया न होने के चलते आये दिन ग्रामीण जान का जोख़िम लेने को मजबूर है और इसी कारण गर्भवती महिला को नदी पार करवाने के लिए एक बैलगाड़ी में डाला गया और उस बैलगाड़ी को नदी में उतारा गया जिसके बाद नदी पार करवाकर उसे उपस्वास्थ्य केन्द्र पहुँचाया गया और ये पहला मामला नही है इसी तरह से स्कुली बच्चो सहित ग्रामीण ऐसे ही उफनती नदी में उतरकर नदी को पार करते है।
इससे कोई बड़ी घटना होने से भी इंकार नही किया जा सकता है जबकि बैतूल जिले में 5 विधायक भाजपा के ही है एक सांसद है जो कि वर्तमान में केंद्र सरकार में राज्य मंत्री और फिर भी जिले की विकास की तस्वीरों का हाल कुछ और ही है जबकि इस नदी पर पुल की मांग को लेकर चुनाव बहिष्कार से लेकर चक्काजाम कर चुके है ग्रामीण पर आज तक उनकी इस समस्या का कोई समाधान नही हो पाया है और जान जोखिम में डालकर नदी में उतरने को मजबूर हो रहे है ग्रामीण अब देखना यह है कि खबर चलने के बाद क्या प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की कुम्भकरणी नींद टूटेगी या किसी बड़े हादसे के बाद प्रशासन और नेता जागेंगे।
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