Bareilly: हाथ काट लूंगा, वर्दी उतरवा दूंगा, ‘आई लव मुहम्मद’ पोस्टर हटाने पर IMC नेता डॉ. नफीस की इंस्पेक्टर को दी धमकी वायरल
उत्तर प्रदेश के बरेली शहर में ‘आई लव मुहम्मद’ पोस्टर हटाने को लेकर स्थानीय लोगों और पुलिस के बीच नोकझोंक हो गई। यह घटना किला थाना क्षेत्र के जग्गीरा इलाके में 22 सितंबर को हुई। पोस्टर
उत्तर प्रदेश के बरेली शहर में ‘आई लव मुहम्मद’ पोस्टर हटाने को लेकर स्थानीय लोगों और पुलिस के बीच नोकझोंक हो गई। यह घटना किला थाना क्षेत्र के जग्गीरा इलाके में 22 सितंबर को हुई। पोस्टर हटाने पहुंची पुलिस का लोगों ने विरोध किया, जिसके दौरान इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल (आईएमसी) के नेता डॉ. नफीस खान ने किला थाने के इंस्पेक्टर सुभाष कुमार को धमकी दी। एक वीडियो में डॉ. नफीस कहते दिख रहे हैं कि हाथ काट लूंगा, वर्दी उतरवा दूंगा। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। पुलिस ने डॉ. नफीस के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया। यह विवाद कानपुर में शुरू हुए ‘आई लव मुहम्मद’ अभियान से जुड़ा है, जो अब पूरे उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों में फैल गया है। हिंदू संगठनों ने इसे उकसावे का प्रयास बताया, जबकि मुस्लिम समुदाय ने इसे आस्था का प्रतीक कहा। पुलिस ने शांति बनाए रखने की अपील की है।
यह घटना कानपुर से शुरू हुई विवाद की कड़ी का हिस्सा है। 4 सितंबर को कानपुर में बारावफात जुलूस के दौरान सड़क पर ‘आई लव मुहम्मद’ लिखे बोर्ड लगाए गए थे। हिंदू संगठनों ने इसका विरोध किया और इसे धार्मिक उकसावा बताया। 9 सितंबर को कानपुर पुलिस ने नौ नामजद और 15 अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। एसएचओ रावतपुर कृष्ण मिश्रा ने पुष्टि की कि एफआईआर बोर्ड लगाने के लिए नहीं, बल्कि सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने के लिए हुई। आरोपी ने हिंदू धार्मिक पोस्टर भी नष्ट किए थे, जो छिपाया गया। एआईएमआईएम नेता असदुद्दीन ओवैसी ने सोशल मीडिया पर कहा कि पैगंबर मुहम्मद से प्यार जताना अपराध नहीं। इस बयान ने विवाद को हवा दी।
बरेली में भी यही नारा गूंजा। 21 सितंबर को किला थाना क्षेत्र में स्थानीय लोगों ने दीवारों और सड़कों पर ‘आई लव मुहम्मद’ पोस्टर चिपकाए। रविवार सुबह करीब 10 बजे किला थाने के इंस्पेक्टर सुभाष कुमार अपनी टीम के साथ पोस्टर हटाने पहुंचे। उन्होंने कहा कि ये पोस्टर अवैध हैं और सांप्रदायिक तनाव पैदा कर सकते हैं। लेकिन वहां मौजूद लोग भड़क गए। दर्जनों लोग इकट्ठे हो गए और पुलिस को घेर लिया। नारेबाजी शुरू हो गई। डॉ. नफीस खान, जो आईएमसी के जिला अध्यक्ष हैं, मौके पर पहुंचे। वे 70 वर्षीय डॉक्टर हैं और स्थानीय मुस्लिम समुदाय में प्रभावशाली हैं। वीडियो में वे इंस्पेक्टर को धमकाते दिख रहे हैं। वे चिल्लाते हैं, मैंने कहा था इंस्पेक्टर साहब, हाथ काट लूंगा। वर्दी उतरवा दूंगा। अगर फिर से ऐसे पोस्टर हटाए तो देखना। भीड़ ने तालियां बजाईं। इंस्पेक्टर ने संयम बरता और टीम के साथ पीछे हट गए। पोस्टर हटा लिए गए, लेकिन तनाव बढ़ गया।
वीडियो शाम तक वायरल हो गया। हजारों लोग देख चुके थे। सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई। एक यूजर ने लिखा, यह धमकी अस्वीकार्य है। पुलिस का सम्मान करें। दूसरे ने कहा, पोस्टर आस्था का प्रतीक हैं, हटाना गलत। बरेली के एसपी सिटी मनुष परिवेक ने कहा कि वीडियो के वायरल होने पर तुरंत जांच शुरू की। प्रारंभिक पूछताछ में पाया गया कि धमकी दो दिन पहले दी गई थी। डॉ. नफीस पर बीएनएस की धारा 224 (सार्वजनिक सेवक को चोट पहुंचाने की धमकी), 352 (शांति भंग करने का अपमान), 351 (आपराधिक धमकी) और 353 (सार्वजनिक उपद्रव फैलाने वाले बयान) के तहत मुकदमा दर्ज हुआ। गिरफ्तारी नहीं हुई, लेकिन नोटिस जारी हैं। एसपी ने कहा कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
डॉ. नफीस ने बाद में सफाई दी। उन्होंने कहा कि उनके बयान को तोड़ा-मरोड़ा गया। हम शांतिपूर्ण विरोध कर रहे थे। पोस्टर हटाना हमारी भावनाओं को ठेस पहुंचाता है। आईएमसी ने कहा कि यह अभियान पैगंबर मुहम्मद से प्यार जताने का है। कानपुर की घटना के बाद बरेली में इमाम जामा मस्जिद के मौलवी खुर्शीद आलम ने जुमे की नमाज के बाद अपील की कि घरों पर ऐसे पोस्टर लगाएं। 21 सितंबर को हरि मस्जिद के बाहर मौलाना सैयद आमिर मियां के नेतृत्व में सभा हुई। उन्होंने कहा कि आस्था का अपराधीकरण गलत है। हिंदू राष्ट्रवादी प्रतीकों को क्यों नहीं हटाया जाता। यह दोहरा मापदंड है। बरेली में सैकड़ों मुस्लिम महिलाओं ने जामा मस्जिद के बाहर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया।
यह विवाद अब पूरे देश में फैल गया। कानपुर के बाद बरेली, लखनऊ, कौशांबी, पीलीभीत, भदोही, उन्नाव, कश्मीर, हैदराबाद, नागपुर और महाराष्ट्र में विरोध प्रदर्शन हुए। पीलीभीत के जहांनाबाद में ‘आई लव मुहम्मद’ अभियान पर सोशल मीडिया पर आलोचना करने वाले शिवा सैनी को मुहम्मद रागिब और जुनैद ने पीटा। तीनों गिरफ्तार हुए। उन्नाव में युवाओं ने बैनर लेकर जुलूस निकाला। पत्थरबाजी हुई, आठ एफआईआर और पांच गिरफ्तारियां हुईं। कश्मीर के अली खान इलाके में अनधिकृत जुलूस पर पुलिस से भिड़ंत हुई। संपत्ति क्षतिग्रस्त हुई। हैदराबाद में शांतिपूर्ण रैलियां निकलीं। तेलंगाना और महाराष्ट्र में भी समर्थन जुटा। मौलाना तौकीर रजा ने बरेली में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कहा कि एमएसपी कानून और कर्ज माफी जैसे मुद्दों पर भी ध्यान दें।
हिंदू संगठनों ने इसे नया ट्रेंड बताया। विश्व हिंदू परिषद ने कहा कि यह जानबूझकर उकसावा है। कानपुर में हिंदू पोस्टर तोड़े गए, लेकिन चुप्पी साध ली गई। बरेली में भी स्थानीय हिंदू संगठनों ने विरोध जताया। एक नेता ने कहा कि धार्मिक भावनाओं का सम्मान करें, लेकिन कानून का पालन हो। सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट बढ़ गए। बरेली के प्रेमनगर में एक व्यक्ति ने आपत्तिजनक कंटेंट डाला, जिस पर एफआईआर हुई। पुलिस ने साइबर सेल को अलर्ट किया।
बरेली शहर पूर्वांचल का महत्वपूर्ण केंद्र है। यहां हिंदू-मुस्लिम आबादी लगभग बराबर है। ऐसे विवाद सांप्रदायिक तनाव पैदा कर सकते हैं। एसएसपी ने अतिरिक्त फोर्स तैनात की। जिला प्रशासन ने शांति समितियां बुलाईं। डीएम ने कहा कि धार्मिक स्वतंत्रता संवैधानिक है, लेकिन उकसावा नहीं चलेगा। विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया पर निगरानी बढ़ानी चाहिए। अभियान को शांतिपूर्ण रखें। विपक्षी दलों ने सरकार पर निशाना साधा। समाजवादी पार्टी ने कहा कि पुलिस पूर्वाग्रह दिखा रही। भाजपा ने कहा कि कानून सबके लिए बराबर।
यह घटना ‘आई लव मुहम्मद’ अभियान की व्यापकता दिखाती है। कानपुर में शुरू हुए मुद्दे ने मुस्लिम समुदाय को एकजुट किया। लेकिन हिंसा की आशंका बढ़ी। पुलिस ने चेतावनी दी कि प्रदर्शन अनुमति से हों। डॉ. नफीस की गिरफ्तारी पर विचार चल रहा। जांच पूरी होने पर कार्रवाई होगी। स्थानीय लोग शांति चाहते हैं। एक बुजुर्ग ने कहा कि प्यार का नारा अच्छा है, लेकिन झगड़ा क्यों। सोशल मीडिया पर वीडियो को लाखों व्यूज मिले। मीम्स बने। बहस जारी है।
Also Read- Lucknow : गोमती पुस्तक महोत्सव में शीला रोहेकर से विशेष बातचीत, यहूदी समाज की त्रासदी पर जोर
UP : बरेली में आई लव मुहम्मद लिखे पोस्टर हटाने पर लोगों की पुलिस से नोकझोंक हो गई
◆ पोस्टर हटाने पहुंची पुलिस का लोगों ने विरोध किया
◆ एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है, जिसमें IMC नेता डॉ. नफीस इंस्पेक्टर को धमकी देते हुए कह रहे हैं, “हाथ काट लूंगा, वर्दी उतरवा दूंगा”… pic.twitter.com/EcHZmlsvmN — News24 (@news24tvchannel) September 23, 2025
What's Your Reaction?