Lucknow : उत्तर प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्र को मजबूती मिलेगी: परिधान, रक्षा, इलेक्ट्रॉनिक्स समेत कई क्षेत्रों में समझौते

ये निवेश कई क्षेत्रों में हैं। परिधान विनिर्माण में टॉन्स कंसल्टिंग ग्रुप और एमसीए कंसल्टिंग शामिल हैं। कॉमर्स और स्पेस एजुकेशन में अपस्किलिंग के लिए अपग्रैड और एडवेट लर्निंग ने सहयो

Feb 6, 2026 - 22:38
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Lucknow : उत्तर प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्र को मजबूती मिलेगी: परिधान, रक्षा, इलेक्ट्रॉनिक्स समेत कई क्षेत्रों में समझौते
Lucknow : उत्तर प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्र को मजबूती मिलेगी: परिधान, रक्षा, इलेक्ट्रॉनिक्स समेत कई क्षेत्रों में समझौते

लखनऊ में मैन्युफैक्चरिंग ऐज अ सर्विस (MaaS) राउंडटेबल आयोजित हुई। इसमें वरिष्ठ अधिकारी, उद्योग जगत के प्रतिनिधि और प्रौद्योगिकी साझेदार शामिल हुए। बैठक में स्केलेबल और सस्ते विनिर्माण मॉडलों पर गहन चर्चा हुई, ताकि उत्तर प्रदेश का औद्योगिक इकोसिस्टम और मजबूत हो।

इस आयोजन का मुख्य हिस्सा उत्तर प्रदेश सरकार और उद्योग साझेदारों के बीच हुए समझौते थे। इनसे लगभग 3030 करोड़ रुपये के निवेश के वादे हुए हैं। इससे प्रदेश में करीब 2.3 लाख नए रोजगार पैदा होने की उम्मीद है, जो राज्य के औद्योगिक विकास को नई गति देगा।

ये निवेश कई क्षेत्रों में हैं। परिधान विनिर्माण में टॉन्स कंसल्टिंग ग्रुप और एमसीए कंसल्टिंग शामिल हैं। कॉमर्स और स्पेस एजुकेशन में अपस्किलिंग के लिए अपग्रैड और एडवेट लर्निंग ने सहयोग किया। औद्योगिक वेयरहाउसिंग और सेमीकंडक्टर्स में अविग्ना प्राइवेट लिमिटेड तथा रक्षा और इलेक्ट्रॉनिक्स में एस एन धवन एंड कंपनी एलएलपी के प्रस्ताव प्रमुख हैं। साक्षी स्टील प्रोसेसिंग, टेक्निकल कंसल्टिंग फॉर MaaS और नियो सैन प्राइवेट लिमिटेड ने डिवाइस मैन्युफैक्चरिंग में निवेश की पहल की है।मुख्यमंत्री के आर्थिक सलाहकार डॉ केवी राजू की अध्यक्षता वाले सत्र में उत्तर प्रदेश की वैश्विक भूमिका और आर्थिक प्रगति का रोडमैप बताया गया। उन्होंने कहा कि 2017 से अब तक राज्य की जीडीपी तीन गुना बढ़ी है। प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य पर काम हो रहा है। सर्विस-बेस्ड मैन्युफैक्चरिंग से लागत कम करने और उत्पादकता बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।

चर्चा में UP Means Business विजन के तहत इन्वेस्ट यूपी की भूमिका बताई गई। कौशल-केंद्रित जोन और नवाचार क्लस्टर बनाने की रणनीतियों पर भी बात हुई। मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश कुमार अवस्थी की अध्यक्षता वाले सत्र में कौशल, सुरक्षा और कनेक्टिविटी को सतत विकास का आधार बताया गया। उन्होंने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर और बड़ा उपभोक्ता आधार प्रदेश को कंपनियों के लिए आकर्षक बनाता है।

मुख्यमंत्री के सलाहकार जी एन सिंह ने हेल्थकेयर और फार्मा हब के विकास तथा एकीकृत सप्लाई चेन के लिए उद्योग से सहयोग बढ़ाने की बात कही। इन्वेस्ट यूपी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विजय किरण आनंद ने डेस्टिनेशन उत्तर प्रदेश पर प्रस्तुति दी। इसमें राज्य के मजबूत लैंड बैंक, निवेशक प्रोत्साहन और प्रगतिशील नीतियों को बताया गया।

उद्योग साझेदारों ने भी विचार साझा किए। डब्ल्यूएमजी ग्रुप ने MaaS को परिवर्तनकारी मॉडल बताया और लैंड ऐज अ सर्विस, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, क्लस्टर विकास, मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी तथा मशीन-शेयरिंग जैसे तत्वों पर जोर दिया। आरएमजी मैन्युफैक्चरिंग ग्रुप ने रेडीमेड गारमेंट्स में संभावनाएं बताईं। अपग्रैड के सह-संस्थापक विवेक अग्रवाल ने अपस्किलिंग उत्तर प्रदेश पहल पर बात की। अविग्ना ग्रुप के सीएफओ एम वी पवन और नियो सैन के प्रेसिडेंट नव्रुन जैकब ने उन्नत विनिर्माण क्षमताएं दिखाईं। कार्यक्रम के अंत में सभी सहभागी कंपनियों को डॉ केवी राजू ने ओडीओपी स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।

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