जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने किया बड़ा ऐलान, नायडू-नीतीश के ईद मिलन कार्यक्रम का किया बहिष्कार

जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने कहा है कि संविधान विरोधी नीतियों का नीतीश-नायडू और चिराग पासवान समर्थन कर रहे हैं। इसलिए हम लोग वक्फ...

Mar 22, 2025 - 11:25
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जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने किया बड़ा ऐलान, नायडू-नीतीश के ईद मिलन कार्यक्रम का किया बहिष्कार

जमीयत उलेमा-ए-हिंद के द्वारा एक पद फैसला लिया गया है जिसमें उन्होंने ऐलान किया है कि वह नीतीश और नायडू के द्वारा इफ्तार और ईद मिलन के कार्यक्रम में शामिल नहीं होंगे।

  • जमीयत उलेमा-ए-हिंद सेकुलर नेताओं की कार्यक्रम का करेगा बहिष्कार

जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने कहा है कि संविधान विरोधी नीतियों का नीतीश-नायडू और चिराग पासवान समर्थन कर रहे हैं। इसलिए हम लोग वक्फ (संशोधन) विधेयक पर रुख को देखते हुए वह नीतीश कुमार, एन चंद्रबाबू नायडू और चिराग पासवान के इफ्तार, ईद मिलन और दूसरे कार्यक्रमों का बहिष्कार करेंगे।

अरशद मदनी ने मौजूदा राजनीतिक स्थिति और खासकर मुसलमानों पर हो रहे अत्याचारों पर चिंता जताते हुए कहा है कि ऐसे लोग जो खुद को सेक्युलर और मुसलमानों का हमदर्द बताते हैं, वे अब सत्ता के लालच में चुप हैं और अप्रत्यक्ष रूप से अन्याय का समर्थन कर रहे हैं। जमीयत उलमा-ए-हिंद ने इस स्थिति में अपने विरोध को बढ़ाने का फैसला किया है और ऐसे नेताओं के आयोजनों से खुद को दूर रखने का निर्णय लिया है, चाहे वह इफ्तार पार्टी हो, ईद मिलन हो या अन्य कोई आयोजन।

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  • मुसलमानों पर हो रहे अत्याचार चुप्पी साधे सेकुलर नेता

अरशद मदनी ने नीतीश कुमार, चंद्रबाबू नायडू और चिराग पासवान जैसे नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए हैं, उन्होंने कहा ये नेता सत्ता प्राप्ति के लिए मुसलमानों के खिलाफ हो रहे अन्याय को अनदेखा कर रहे हैं और साथ ही देश के संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की भी अवहेलना कर रहे हैं। मदनी ने आगे कहा कि इन नेताओं का रवैया वक्फ संशोधन विधेयक पर उनकी दोहरी नीति को उजागर करता है। वे मुसलमानों के वोट के लिए धर्मनिरपेक्षता का दिखावा करते हैं, लेकिन सत्ता में आने के बाद मुस्लिम समुदाय के मुद्दों को पूरी तरह से नकार देते हैं।

इसके चलते जमीयत उलमा-ए-हिंद ने यह निर्णय लिया है कि वे ऐसे नेताओं के आयोजनों में भाग नहीं लेंगे, ताकि उनकी नीतियों को वैधता न दी जा सके। मदनी ने अन्य मुस्लिम संगठनों से भी अपील की है कि वे इस सांकेतिक विरोध में शामिल हों और इन नेताओं के आयोजनों, जैसे इफ्तार पार्टी और ईद मिलन, में भाग लेने से परहेज करें।

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