Trending News: खांकी हुयी शर्मसार, दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल में हेड कांस्टेबल खुर्शीद ने मालखाने से लूटे 51 लाख रुपये और सोना, गिरफ्तार।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल, जो आतंकवादियों और गैंगस्टरों को पकड़ने के लिए जानी जाती है, स्वयं एक सनसनीखेज चोरी का शिकार हो....
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल, जो आतंकवादियों और गैंगस्टरों को पकड़ने के लिए जानी जाती है, स्वयं एक सनसनीखेज चोरी का शिकार हो गई। लोधी रोड स्थित स्पेशल सेल के मालखाने से 51 लाख रुपये नकद और भारी मात्रा में सोने के आभूषण चोरी होने की घटना ने पूरे देश में हड़कंप मचा दिया। इस मामले में चौंकाने वाला खुलासा तब हुआ, जब दिल्ली पुलिस ने अपने ही हेड कांस्टेबल खुर्शीद आलम को इस चोरी का मुख्य आरोपी पाया। 31 मई, 2025 की रात को हुई इस चोरी के बाद, स्पेशल सेल की एक विशेष टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 1 जून, 2025 को खुर्शीद को तिलक नगर के पुराने महावीर नगर क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। जांच में पाया गया कि खुर्शीद ने मालखाने की चाबियों तक पहुंच का दुरुपयोग किया और चोरी को अंजाम दिया। यह घटना न केवल दिल्ली पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि अपराधी कितने करीब हो सकते हैं।
- घटना का विवरण
31 मई, 2025 की रात को लोधी रोड स्थित दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के मालखाने में चोरी की घटना हुई। मालखाना वह स्थान है जहां जब्त किए गए सामान, जैसे नकदी, आभूषण, और अन्य मूल्यवान वस्तुएं, सुरक्षित रखी जाती हैं। इस मामले में, लगभग 51 लाख रुपये नकद और भारी मात्रा में सोने के आभूषण गायब पाए गए। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया कि चोरी को अंजाम देने वाला कोई बाहरी व्यक्ति नहीं, बल्कि स्पेशल सेल में तैनात हेड कांस्टेबल खुर्शीद आलम था।
खुर्शीद हाल ही में स्पेशल सेल से पूर्वी दिल्ली में स्थानांतरित किया गया था, लेकिन उसे मालखाने तक पहुंच थी। पुलिस के अनुसार, उसने अपनी इस पहुंच का दुरुपयोग करते हुए चोरी को अंजाम दिया। चोरी की सूचना मिलने के बाद, स्पेशल सेल ने तुरंत एक विशेष जांच दल का गठन किया, जिसने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी निगरानी के आधार पर खुर्शीद को चिन्हित किया। 1 जून, 2025 को तिलक नगर के पुराने महावीर नगर क्षेत्र में एक लक्षित ऑपरेशन के दौरान उसे गिरफ्तार किया गया। उसके पास से चोरी का अधिकांश माल, जिसमें 50 लाख रुपये नकद और सोने के आभूषण शामिल थे, बरामद कर लिया गया।
- जांच प्रक्रिया
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने इस मामले को अत्यंत गंभीरता से लिया और त्वरित कार्रवाई शुरू की। डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (स्पेशल सेल), अपूर्वा गुप्ता के नेतृत्व में एक टीम ने सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण किया, जिसमें खुर्शीद को मालखाने में संदिग्ध गतिविधियों में शामिल पाया गया। तकनीकी निगरानी और गुप्त सूचनाओं के आधार पर, पुलिस ने खुर्शीद के ठिकाने का पता लगाया और उसे गिरफ्तार किया।
पुलिस ने भारतीय दंड संहिता (BNS) की धारा 305 (चोरी) और 317(2) (चोरी की संपत्ति) के तहत मामला दर्ज किया। पूछताछ के दौरान, खुर्शीद ने अपराध स्वीकार किया और बताया कि उसने आर्थिक तंगी के कारण यह कदम उठाया। उसने यह भी खुलासा किया कि उसने चोरी किए गए सामान को अपने घर में छिपा रखा था। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि इस चोरी में कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं।
- दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल का महत्व
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल, जिसे अक्सर एंटी-टेरर स्क्वॉड (ATS) के रूप में जाना जाता है, आतंकवाद, संगठित अपराध, और गैंगस्टरों से संबंधित मामलों की जांच के लिए जानी जाती है। यह यूनिट देशभर में अपनी तेज-तर्रार कार्रवाइयों और खुफिया जानकारी पर आधारित ऑपरेशनों के लिए प्रसिद्ध है। ऐसे में, इसके अपने दफ्तर में चोरी की घटना न केवल शर्मनाक है, बल्कि इसकी आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाती है।
सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। एक एक्स पोस्ट में यूजर @journalistspsc ने लिखा, “गजब बेइज्जती है यार, दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल की भारी फजीहत!!” एक अन्य यूजर @aajtak ने टिप्पणी की, “एंटी टेरर यूनिट भी सुरक्षित नहीं!” ये पोस्ट्स इस घटना के प्रति जनता के आक्रोश और आश्चर्य को दर्शाते हैं।
इस चोरी ने दिल्ली पुलिस की विश्वसनीयता और आंतरिक अनुशासन पर गंभीर सवाल उठाए हैं। स्पेशल सेल, जो देश की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है, अपने ही दफ्तर में सुरक्षा चूक का शिकार हो गई, जिससे जनता का भरोसा डगमगा सकता है। यह घटना पुलिस विभाग में भर्ती प्रक्रिया, कर्मचारियों की पृष्ठभूमि जांच, और आंतरिक निगरानी तंत्र की कमियों को उजागर करती है।
इसके अलावा, यह मामला पुलिस सुधारों की आवश्यकता को रेखांकित करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि मालखाने जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में सीसीटीवी निगरानी, बायोमेट्रिक लॉक, और नियमित ऑडिट जैसे कदम उठाए जाने चाहिए। साथ ही, कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति और मानसिक स्वास्थ्य पर भी ध्यान देना जरूरी है, क्योंकि आर्थिक तंगी अक्सर ऐसे अपराधों का कारण बनती है।
- दिल्ली में हाल की अन्य चोरी की घटनाएं
यह घटना दिल्ली में हाल के महीनों में हुई चोरी की कई घटनाओं में से एक है। उदाहरण के लिए:
जनकपुरी चोरी (13 मई, 2025): दिल्ली पुलिस ने एक 19 वर्षीय चोर को जनकपुरी में एक एनजीओ कार्यालय से चोरी के लिए गिरफ्तार किया, जहां से चोरी हुए गैजेट्स बरामद किए गए।
कूरियर वैन चोरी (22 अप्रैल, 2025): दक्षिण-पश्चिम दिल्ली में एक कूरियर वैन से 31 स्मार्टफोन चोरी के मामले में एक 27 वर्षीय व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया।
दिल्ली मेट्रो केबल चोरी (मार्च 2025): दिल्ली मेट्रो की रेड लाइन पर केबल चोरी की घटनाओं में पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिन्होंने आठ चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया था।
ये घटनाएं दर्शाती हैं कि दिल्ली में चोरी और सेंधमारी की समस्या एक गंभीर चुनौती बनी हुई है। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने इन मामलों में त्वरित कार्रवाई करके अपनी सक्रियता दिखाई है।
दिल्ली पुलिस ने इस घटना को “अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण” करार देते हुए आंतरिक जांच शुरू कर दी है। डीसीपी अपूर्वा गुप्ता ने कहा, “हमने तुरंत कार्रवाई की और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं कि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।” पुलिस ने मालखाने की सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त करने की योजना बनाई है, जिसमें अतिरिक्त सीसीटीवी, बायोमेट्रिक एक्सेस, और नियमित ऑडिट शामिल हैं।
साथ ही, दिल्ली पुलिस ने जनता से अपील की है कि इस घटना को पूरे विभाग की छवि से जोड़कर न देखा जाए। पुलिस आयुक्त संजय अरोड़ा ने कहा, “यह एक अलग-थलग घटना है, और हम इसे गंभीरता से ले रहे हैं। हमारी स्पेशल सेल की विश्वसनीयता और प्रतिबद्धता पर कोई सवाल नहीं उठना चाहिए।”
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