विधान परिषद बजट सत्र 2026-27: उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं पर  रखे विचार।

उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री व विधान परिषद मे नेता सदन केशव प्रसाद मौर्य ने लखनऊ में विधान परिषद के बजट सत्र 2026-27

By INA News Desk
Feb 16, 2026 - 18:29
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विधान परिषद बजट सत्र 2026-27: उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं पर  रखे विचार।
विधान परिषद बजट सत्र 2026-27: उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं पर  रखे विचार।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री व विधान परिषद मे नेता सदन केशव प्रसाद मौर्य ने लखनऊ में विधान परिषद के बजट सत्र 2026-27 के दौरान  सोमवार को उत्तर प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और सरकारी नीतियों के बारे मे विस्तार से जानकारी दी। उत्तर प्रदेश मे चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं के ढांचा, डाक्टरो व पैरा मेडिकल स्टाफ के बारे जानकारी देते हुये कहा कि प्रदेश में डॉक्टरों की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। जिन जिला अस्पतालों का मेडिकल कॉलेजों में विलय हुआ है, उनके अलावा पीएचसी, सीएचसी और अन्य जिला अस्पतालों में सुविधाएं पहले से बेहतर हुई हैं। जहां एमआरआई या सीटी स्कैन के लिए विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं हैं, वहां निजी क्षेत्र की साझेदारी से सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

मौर्य ने चिकित्सा सहायता न देने के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि लाभार्थियों की सूची सार्वजनिक है और सहायता पात्रता के आधार पर दी जाती है। गैर-पैनल निजी अस्पतालों के मामलों में सरकारी मदद संभव नहीं होती। आयुष्मान भारत और मुख्यमंत्री आरोग्य योजना का उल्लेख करते हुये उन्होंने बताया कि सरकार गरीबों को स्वास्थ्य सुरक्षा देने के लिए संवेदनशील है। आयुष्मान भारत और राज्य की योजनाओं से बड़ी आबादी को मुफ्त या सस्ती इलाज सुविधा मिल रही है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अब सड़क हादसे के पीड़ितों को नियमानुसार 1.5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मिलेगा। इस योजना के व्यापक प्रचार की जरूरत बताई गई। 2017 के बाद मेडिकल शिक्षा और संस्थानों की क्षमता में वृद्धि का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि लक्ष्य है कि प्रदेश के सभी लोगों को चरणबद्ध स्वास्थ्य सुविधा मिले—पहले पीएचसी/सीएचसी, फिर जिला अस्पताल और गंभीर मामलों में मेडिकल कॉलेजों में इलाज मिले।स्थानांतरण नीति और पारदर्शिता का उल्लेख करते हुये कहा कि  स्थानांतरण प्रशासनिक आवश्यकता होती है, जिससे दूर-दराज क्षेत्रों में भी डॉक्टर, नर्स और पैरामेडिकल स्टाफ उपलब्ध हो सकें। किसी भी शिकायत की जांच का आश्वासन दिया गया।

उन्होंने “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास” के मंत्र को दोहराते हुए कहा कि सरकार की कल्याणकारी योजनाएं सभी नागरिकों के लिए हैं, और बिना किसी भेदभाव के हर व्यक्ति को उपलब्ध करायी जा रही हैं, चाहे कोरोनाकाल मे टीकाकरण हो, या अन्य चिकित्सा सेवायें सभी को दी जा रही है। हमारे संस्कारो व नीति व नीयत मे कोई भेदभाव नही है। हम सबका साथ -सबका विकास और सबका अच्छा स्वास्थ्य की भावना से साथ समाजसेवा कर रहे हैं।

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