Lucknow : खाद्य प्रसंस्करण सेक्टर उत्तर प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने में देगा मजबूत सहारा
इस क्षेत्र में किसानों के उत्पादों का प्रसंस्करण, भंडारण और मूल्यवृद्धि पर जोर दिया जा रहा है। स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को जोड़कर महिला सशक्तिकरण हो
उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। यह सेक्टर विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने और प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के मार्गदर्शन में उद्यमियों को प्रोत्साहन और सुविधाएं देने के प्रयास जारी हैं। इस क्षेत्र में किसानों के उत्पादों का प्रसंस्करण, भंडारण और मूल्यवृद्धि पर जोर दिया जा रहा है। स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को जोड़कर महिला सशक्तिकरण हो रहा है। साथ ही युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं। उत्तर प्रदेश देश में खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों की संख्या में अग्रणी है। यह आईटी के बाद दूसरा सबसे महत्वपूर्ण सेक्टर है, जहां रोजगार की असीम संभावनाएं हैं।
उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग की अप्रेजल समिति ने खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 के तहत 12 प्रस्तावों पर विचार किया। इनमें से 10 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इनकी राज्य स्तरीय इम्पावर्ड कमेटी के सामने पेश करने की सिफारिश की गई। मंजूर प्रस्ताव सहारनपुर से 2, सीतापुर, अम्बेडकरनगर, शाहजहांपुर, लखनऊ, पीलीभीत, अलीगढ़, बरेली और मेरठ से 1-1 हैं। समिति ने पहले से स्थापित कुछ इकाइयों को प्रशस्ति पत्र दिए। निवेशकों से अपेक्षा की गई कि वे स्थानीय किसानों से ही कच्चा माल खरीदें। स्वदेशी मशीनों का उपयोग करें। महिलाओं को आगे लाएं और इकाइयों में सोलर ऊर्जा का इस्तेमाल बढ़ाएं, जिसके लिए सब्सिडी उपलब्ध है।
ई-कॉमर्स, निर्यात और तकनीकी प्रगति से इस क्षेत्र में तेज विकास की उम्मीद है। युवाओं, एफपीओ और लाभार्थियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। अधिक इकाइयों की स्थापना से किसानों की आय बढ़ेगी और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
Also Click : Lucknow : राष्ट्र प्रेरणा स्थल पर होगा उत्तर प्रदेश दिवस 2026 का मुख्य आयोजन, CM योगी ने बैठक कर दिए निर्देश
What's Your Reaction?