Lucknow: लखनऊ ने दिल्ली की 'फ़ाइल' को कुर्सी पर बिठाया- पूर्व डीजीपी प्रशांत कुमार बने उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष। 

दिल्ली की फ़ाइलों में जो नाम ठहर गया था, लखनऊ ने उसी नाम को कुर्सी पर बैठा दिया। यह महज़ एक नियुक्ति नहीं, बल्कि सत्ता

Dec 18, 2025 - 19:40
 0  63
Lucknow: लखनऊ ने दिल्ली की 'फ़ाइल' को कुर्सी पर बिठाया- पूर्व डीजीपी प्रशांत कुमार बने उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष। 
पूर्व डीजीपी प्रशांत कुमार बने उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष। 
लखनऊ: दिल्ली की फ़ाइलों में जो नाम ठहर गया था, लखनऊ ने उसी नाम को कुर्सी पर बैठा दिया। यह महज़ एक नियुक्ति नहीं, बल्कि सत्ता के मनोविज्ञान में आई दरार की आवाज़ है—धीमी नहीं, साफ़ और दूर तक सुनाई देने वाली।पूर्व डीजीपी रहे एक सख़्त, बेबाक और भरोसेमंद अफ़सर प्रशांत कुमार को उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की कमान सौंपना योगी सरकार का साधारण प्रशासनिक कदम नहीं है। यह फ़ैसला उस दौर में आया है, जब एक ही पार्टी की सरकारें—केंद्र और प्रदेश—अपने-अपने दायरे तय करने में जुटी हैं।
डीजीपी पद से विदा होने के बाद जिस अधिकारी को सेवा विस्तार नहीं मिला, उसे प्रदेश ने न सिर्फ़ सम्मान दिया बल्कि तीन साल की निर्णायक ज़िम्मेदारी भी सौंपी। यह संकेत है कि उत्तर प्रदेश अब सिर्फ़ केंद्र की धड़कन सुनकर नहीं चलता, बल्कि अपनी ज़मीन की नब्ज़ पहचानकर फ़ैसले करता है।शिक्षा से जुड़े दो बड़े आयोगों को एक कर, एक मज़बूत प्रशासनिक चेहरे को आगे करना दरअसल सिस्टम को सख़्ती और स्थिरता देने की कोशिश है।
लेकिन राजनीति के जानकार इसे इससे आगे पढ़ रहे हैं—यह बताने की कोशिश कि प्रदेश की सत्ता अब आत्मनिर्भर निर्णय क्षमता का प्रदर्शन कर रही है।जब एक ही दल की सरकारें अलग-अलग सुर में बोलने लगें, तो समझ लीजिए कि भीतर कुछ बड़ा बदल रहा है। यह नियुक्ति उसी बदलाव की एक झलक है—जहाँ उत्तर प्रदेश सिर्फ़ चुनावी मैदान नहीं, बल्कि नीति और दिशा तय करने वाला केंद्र बनकर उभरना चाहता है।आने वाले समय में यह फ़ैसला प्रशासनिक सुधार के साथ-साथ सत्ता संतुलन की नई रेखाएँ भी खींच सकता है। और शायद दिल्ली को यह एहसास दिला सकता है कि लखनऊ अब केवल सुनता नहीं, बोलता भी है—और अपने शब्द खुद चुनता है।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

INA News_Admin आई.एन. ए. न्यूज़ (INA NEWS) initiate news agency भारत में सबसे तेजी से बढ़ती हुई हिंदी समाचार एजेंसी है, 2017 से एक बड़ा सफर तय करके आज आप सभी के बीच एक पहचान बना सकी है| हमारा प्रयास यही है कि अपने पाठक तक सच और सही जानकारी पहुंचाएं जिसमें सही और समय का ख़ास महत्व है।