बदहाली के आंसू रो रहा मंसूरपुर और उमरौली जैतपुर, ग्राम विकास अधिकारी को नहीं गांव की सुध।
मंसूरपुर/उमरौली जैतपुर। एक ही ग्राम विकास अधिकारी के पास दो गांवों का चार्ज और दोनों ही गांव अपनी बदहाली को रो रहे हैं। मामला विकासखंड....
रिपोर्ट- अभिषेक त्रिवेदी अरवल
मंसूरपुर/उमरौली जैतपुर। एक ही ग्राम विकास अधिकारी के पास दो गांवों का चार्ज और दोनों ही गांव अपनी बदहाली को रो रहे हैं। मामला विकासखंड सांडी के ग्राम मंसूरपुर और उमरौली जैतपुर का है, जहां के ग्राम विकास अधिकारी और ग्राम प्रधान पूर्ण रूप से भ्रष्टाचार में डूबे हैं, जिसका प्रमाण दोनों गांवों में देखने को मिलता है। एक ओर जहां ग्राम मंसूरपुर में पंचायत भवन नया होने के बावजूद अव्यवस्थाओं एवं गंदगी से भरा हुआ था, की खबर कुछ न्यू चैनलों द्वारा रविवार को चलाई गई, इसके बाद जिम्मेदारों द्वारा आनंद-फानन में बीते सोमवार को पंचायत भवन के अंदर एवं बाहर सफाई के कार्य को अंजाम दिया गया।
आज दोनों गांव के लोगों द्वारा रास्तों की बदहाली के बारे में बताया गया और परेशानियों के संबंध में किसी भी जिम्मेदार के संज्ञान न लेने की बात भी कही गई। जहां एक और ग्राम पंचायत में बने कूड़ा घर, जो आज तक बंद पड़ा है, के बारे में ग्रामीण जयदीप एवं अनुपम मिश्रा आदि द्वारा बताया गया, वही ग्राम उमरौली जैतपुर की पानी एवं कीचड़ से भारी मुख्य सड़क के बारे में शिवरानी आदि द्वारा बताया गया। उमरौली जैतपुर के पंचायत भवन के बारे में शिव प्रकाश सिंह ने बताया की पंचायत घर की दशा बड़ी ही दयनीय है और इसके अंदर तथा बाहर गंदगी का साम्राज्य फैला हुआ है।
पंचायत भवन के बाहर गंदा पानी भरा हुआ है तथा झाड़ियां ने अपना बसेरा बना लिया है। गंदगी के कारण गांव का कोई भी व्यक्ति पंचायत भवन की ओर नहीं जाता है, जिससे ग्रामीणों को इसका लाभ भी नहीं मिल पा रहा है। मामले के संबंध में जब विकासखंड जाकर ग्राम विकास अधिकारी राजेश मिश्रा से संपर्क करने का प्रयास किया गया तो उनके द्वारा मामले को गंभीरता से न लेने की बात प्रतीत हुई, जिससे ग्राम विकास अधिकारी की अपनी जिम्मेदारी के प्रति लापरवाही एवं कार्य के प्रति उदासीनता जाहिर होती है। अब देखना यहां है कि क्या उच्च अधिकारियों द्वारा मामले का संज्ञान लेकर ग्राम विकास अधिकारी पर कार्यवाही की जाती है अथवा लीपापोती कर मामले को दबा दिया जाता है।
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