जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला समन्वयन समिति की बैठक: फाइलेरिया रोधी अभियान को सफल बनाने के निर्देश।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि दवा सेवन से इंकार करने वाले क्षेत्रों में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की टीम तथा सामुदायिक शिक्षा...
Hardoi News: विवेकानंद सभागार में जिला अधिकारी की अध्यक्षता में जिला समन्वयन समिति की बैठक हुई। जिला अधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी विभाग अभियान की सफलता में सहयोग दें । समुदाय को दवा सेवन को लेकर जागरूक किया जाए। अभियान को लेकर व्यापक प्रचार प्रसार किया जाए । जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि दवा सेवन से इंकार करने वाले क्षेत्रों में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की टीम तथा सामुदायिक शिक्षा अधिकारी (सीएचओ) की मुख्य भूमिका सुनिश्चित की जाए । शिक्षा विभाग विद्यालय प्रबंधन समिति की बैठक कर बच्चों एवं अन्य लोगों को शत-प्रतिशत लोगों को दवा खाने के लिए प्रेरित करें। मलिन बस्तियों, बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाए, कोई भी लक्षित व्यक्ति दवा खाने से वंचित न रह जाए ।
अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं नोडल राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम, डॉ. सुरेंद्र सिंह ने बैठक में सभी को अभियान के बारे में बताया कि जनपद के 15 ब्लाक-अहिरौरी, बावन, भरखनी, भरावन, बिलग्राम, हरियावां, हरपालपुर, कोथावां, माधोगंज, मल्लावां, पिहानी सांडी, संडीला, टोडरपुर, टड़ियावां और शहरी क्षेत्र में आईडीए अभियान चलेगा जहां का माइक्रोफाइलेरिया रेट एक से अधिक है । इसमें सभी विभाग सहयोग करें जिससे कि शत प्रतिशत लक्षित जनसंख्या को फाइलेरिया रोधी दवा का सेवन कराया जा सके । जिसके तहत फाइलेरिया रोधी एल्बेंडाजोल, डाईइथाइल कार्बामजीन और आइवरमेक्टिन खिलाई जाएगी । अभियान के तहत लगभग 39 लाख की लक्षित जनसंख्या को आच्छादित किया जाएगा ।
अभियान को सफल बनाने के लिए 615 सुपर वाइजर और 3437 टीमें बनाई गई हैं । दवा आशा कार्यकर्ता घर -घर जाकर अपने सामने खिलाएंगी। दवा बाद में खाने के लिए नहीं देंगी । यदि दवा घर पर किसी कारणवश नहीं खा पाते हैं तो उनके घर से लेकर दवा का सेवन करते हैं । आशा कार्यकर्ता के घर को डिपो बनाया गया है । दवा का सेवन खाली पेट नहीं करना है । दवा एक साल से कम आयु के बच्चों, गर्भवती और अति गंभीर बीमारी से पीड़ित को छोड़कर सभी को खानी है। एक से दो साल के बच्चों को एल्बेंडाजोल की आधी गोली पीसकर खिलाई जाएगी।
अन्य सभी को भी यह दवा चबाकर या पीसकर ही खानी है । इस बात पर भी अपने यहां लोगों को बताएं कि दवा खाने के बाद लोगों को चक्कर, उल्टी या मितली आने की समस्या होती घबराएं नहीं, यह शुभ संकेत है कि शरीर में माइक्रो फाइलेरिया थे और उनके मरने के परिणामस्वरूप यह लक्षण दिखाई दिए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी सान्या छाबड़ा, सूचना, पंचायती राज, आईसीडीएस, शिक्षा, खाद्य सुरक्षा, अल्पसंख्यक, आजीविका मिशन सहित सहयोगी विभाग के जिला स्तरीय अधिकारी, सीएचसी के अधीक्षक विश्व स्वास्थ्य संगठन, यूनिसेफ, पाथ,पीसीआई, सेंटर फॉर एडवोकेसी एंड रिसर्च(सी फॉर) के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
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