बरेली में कुदरत का कहर- भमोरा के बमियाना में टीन शेड के साथ हवा में उड़ा युवक, रोंगटे खड़े कर देने वाला वीडियो वायरल।
उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के भमोरा थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले ग्राम बमियाना में प्रकृति का एक ऐसा खौफनाक मंजर
- आसमान से बरसी आफत: तेज आंधी के बीच टीन शेड को पकड़े रखना युवक को पड़ा भारी, कई फीट की ऊंचाई से गिरने पर गंभीर घायल
- प्रकृति का विकराल रूप: बरेली में तूफान ने मचाई तबाही, घर की छत बचाने की कोशिश में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा ग्रामीण
उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के भमोरा थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले ग्राम बमियाना में प्रकृति का एक ऐसा खौफनाक मंजर देखने को मिला, जिसने हर किसी को हैरत में डाल दिया है। क्षेत्र में अचानक आई भीषण आंधी और मूसलाधार बारिश के दौरान एक युवक अपनी जान जोखिम में डालकर घर की छत पर लगी टीन शेड को बचाने की कोशिश कर रहा था, लेकिन हवा का वेग इतना प्रचंड था कि वह युवक को टीन शेड समेत आसमान में उड़ा ले गया। यह घटना इतनी अप्रत्याशित और तेज गति से हुई कि वहां मौजूद लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही युवक हवा में कई फीट ऊपर गोते खाने लगा। इस पूरी घटना का एक वीडियो पास ही मौजूद किसी व्यक्ति ने अपने मोबाइल में कैद कर लिया, जो अब सोशल मीडिया के विभिन्न माध्यमों पर तेजी से प्रसारित हो रहा है।
हादसे का शिकार हुआ युवक अपने परिवार की आर्थिक स्थिति और घर की संपत्ति को बचाने के इरादे से छत पर गया था। जैसे ही आंधी ने अपनी गति पकड़ी, छत पर लगी लोहे की भारी-भरकम टीन की चादरें उखड़ने लगीं। युवक ने सोचा कि यदि वह इन चादरों पर अपना वजन डाल देगा या उन्हें मजबूती से पकड़ लेगा, तो वे उड़ने से बच जाएंगी। हालांकि, कुदरत के थपेड़ों के सामने इंसानी जोर पूरी तरह बेअसर साबित हुआ। हवा के दबाव ने टीन शेड को नीचे से ऊपर की ओर धकेला और युवक के हाथों की पकड़ इतनी मजबूत थी कि वह टीन के साथ ही हवा में लिपट गया। चश्मदीदों के अनुसार, नजारा कुछ ऐसा था जैसे कोई कागज का टुकड़ा हवा में उड़ रहा हो, जबकि वह एक जीवित इंसान था जो अपनी सुरक्षा के लिए संघर्ष कर रहा था। जैसे-जैसे टीन शेड हवा के दबाव के साथ ऊपर की ओर बढ़ा, युवक भी जमीन से काफी ऊंचाई पर चला गया। कुछ सेकंड तक हवा में अनियंत्रित रहने के बाद, टीन शेड का संतुलन बिगड़ा और युवक सीधे जमीन पर आ गिरा। इस भयानक गिरावट के कारण उसे गंभीर चोटें आईं। मौके पर मौजूद ग्रामीणों में चीख-पुकार मच गई और लोग तुरंत घायल की मदद के लिए दौड़ पड़े। युवक की हालत अत्यंत नाजुक बनी हुई थी और वह दर्द से कराह रहा था। ग्रामीणों ने बिना समय गंवाए उसे स्थानीय स्तर पर प्राथमिक उपचार देने की कोशिश की, लेकिन चोटों की गंभीरता को देखते हुए उसे बड़े चिकित्सा केंद्र ले जाने का निर्णय लिया गया। ग्रामीण इलाकों में अक्सर कच्चे निर्माण और टीन शेड का उपयोग बहुतायत में होता है। आंधी-तूफान के समय इन ढांचों के पास जाना या उन्हें पकड़ने की कोशिश करना जानलेवा साबित हो सकता है। भौतिक विज्ञान के अनुसार, तेज हवाएं टीन के नीचे एक वैक्यूम जैसी स्थिति पैदा करती हैं, जो इसे एक हवाई जहाज के पंख की तरह ऊपर की ओर लिफ्ट प्रदान करती हैं।
पीड़ित युवक को तत्काल एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों की एक टीम उसकी निगरानी कर रही है। प्रारंभिक जांच और एक्स-रे रिपोर्ट से पता चला है कि युवक के हाथ और पैर की हड्डियां कई जगहों से टूट गई हैं। इसके अलावा, उसे सिर और पीठ में भी अंदरूनी चोटें आई हैं। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि गिरने की ऊंचाई अधिक होने के कारण शरीर के निचले हिस्से पर दबाव बहुत ज्यादा था, जिससे रिकवरी में लंबा समय लग सकता है। फिलहाल उसे गहन चिकित्सा इकाई में रखा गया है और उसके रक्तचाप व अन्य महत्वपूर्ण अंगों की कार्यप्रणाली को स्थिर करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
इस घटना के बाद से पूरे बमियाना गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है और लोग कुदरत के इस भयावह रूप को लेकर डरे हुए हैं। ग्रामीण क्षेत्र में इस तरह के हादसे पहले भी देखे गए हैं, लेकिन किसी इंसान का टीन के साथ हवा में उड़ जाना पहली बार प्रत्यक्ष रूप से देखा गया है। प्रशासन की ओर से भी इस तरह के मौसम में लोगों को घरों के भीतर रहने और अस्थाई ढांचों से दूर रहने की सलाह दी जा रही है। बरेली के इस क्षेत्र में फसल कटाई और अन्य कृषि गतिविधियों के बीच अचानक आए इस तूफान ने जान-माल का काफी नुकसान किया है, जिसमें यह युवक सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। सोशल मीडिया पर जो वीडियो चल रहा है, वह समाज के लिए एक चेतावनी की तरह है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे पलक झपकते ही एक सामान्य स्थिति जानलेवा दुर्घटना में बदल जाती है। लोग इस वीडियो को साझा करते हुए सुरक्षा उपायों के प्रति सचेत रहने की बात कर रहे हैं। युवक के परिवार की स्थिति भी काफी दयनीय है, क्योंकि वह घर का कमाऊ सदस्य था। अब अस्पताल के भारी-भरकम खर्च और शारीरिक अक्षमता ने परिवार के सामने आर्थिक संकट भी खड़ा कर दिया है। ग्रामीण मांग कर रहे हैं कि आपदा राहत कोष से पीड़ित परिवार को कुछ सहायता प्रदान की जाए ताकि उसका उचित इलाज हो सके।
What's Your Reaction?


