गुजरात के वलसाड में एसी बना सांपों का बसेरा, ठंडी हवा के बीच निकले तीन जहरीले नाग, मची अफरा-तफरी।

गुजरात के वलसाड जिले से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक रिहायशी घर के भीतर लगे एयर कंडीशनर

May 14, 2026 - 16:02
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गुजरात के वलसाड में एसी बना सांपों का बसेरा, ठंडी हवा के बीच निकले तीन जहरीले नाग, मची अफरा-तफरी।
गुजरात के वलसाड में एसी बना सांपों का बसेरा, ठंडी हवा के बीच निकले तीन जहरीले नाग, मची अफरा-तफरी।
  • घर के भीतर मौत की दस्तक, वलसाड में एयर कंडीशनर के अंदर छिपे बैठे थे तीन खतरनाक सांप, एनजीओ ने किया सुरक्षित रेस्क्यू
  • एसी यूनिट से फुफकारने की आवाज सुन उड़े परिवार के होश, जीवदया ग्रुप के सदस्यों ने जान जोखिम में डालकर निकाला बाहर

गुजरात के वलसाड जिले से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक रिहायशी घर के भीतर लगे एयर कंडीशनर (एसी) को जहरीले सांपों ने अपना ठिकाना बना लिया था। भीषण गर्मी के इस मौसम में जब लोग राहत पाने के लिए अपने घरों में एसी का सहारा ले रहे हैं, तब इस तरह की घटना ने पूरे इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। बताया जा रहा है कि घर के सदस्यों को एसी के भीतर से कुछ अजीब सी आवाजें सुनाई दे रही थीं, जिसे शुरू में एक यांत्रिक खराबी समझा गया। लेकिन जब उन्होंने ध्यान से देखा, तो एसी के वेंट के पास से एक पूंछ हिलती हुई नजर आई, जिसके बाद परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई। वलसाड जैसे औद्योगिक और रिहायशी क्षेत्र में इस तरह की घटना यह बताती है कि मानसून के आगमन से पहले वन्यजीवों का इंसानी बस्तियों की ओर पलायन बढ़ गया है। जैसे ही घर के लोगों को इस बात का अहसास हुआ कि उनके कमरे में मौजूद एसी के भीतर जहरीले सांप छिपे हुए हैं, उन्होंने तुरंत बिना देर किए स्थानीय जीवदया ग्रुप (NGO) को इसकी सूचना दी। यह संस्था क्षेत्र में बेजुबान जानवरों और सांपों के सुरक्षित रेस्क्यू के लिए जानी जाती है। सूचना मिलते ही संस्था के सदस्य अपने आवश्यक उपकरणों और सुरक्षा किट के साथ मौके पर पहुंच गए। घर के भीतर मौजूद लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थान पर भेजा गया ताकि किसी भी अनहोनी से बचा जा सके। रेस्क्यू टीम ने पाया कि एसी के इंडोर यूनिट के भीतर केवल एक नहीं बल्कि तीन जहरीले सांप छिपे हुए थे, जो किसी भी समय बाहर निकलकर कमरे में मौजूद किसी भी व्यक्ति पर हमला कर सकते थे।

ठंडक लेने एसी के भीतर पहुंचे जहरीले सांप

सांपों को रेस्क्यू करने की प्रक्रिया अत्यंत जटिल और जोखिम भरी थी, क्योंकि एसी एक बिजली का उपकरण है और सांप उसके बारीक कलपुर्जों के बीच फंसे हुए थे। जीवदया ग्रुप के सदस्यों ने पहले बिजली की आपूर्ति को काटा और फिर धीरे-धीरे एसी के बाहरी आवरण को खोलना शुरू किया। जैसे ही पैनल को हटाया गया, सांपों की फुफकार तेज हो गई, जिससे वहां मौजूद लोगों के मन में डर और बढ़ गया। टीम ने बेहद सावधानी से काम किया ताकि सांपों को कोई चोट न पहुंचे और रेस्क्यू करने वाले सदस्य भी सुरक्षित रहें। टीम के पास मौजूद स्नेक कैचर और हुक की मदद से एक के बाद एक तीनों सांपों को बाहर निकाला गया। गर्मी के मौसम में सांप अक्सर ठंडी और अंधेरी जगहों की तलाश में घरों के भीतर घुस जाते हैं। एसी यूनिट में पानी की निकासी के लिए लगी ड्रेनेज पाइप सांपों के प्रवेश का सबसे आसान रास्ता बन जाती है। यदि यह पाइप बाहर की ओर से ढकी न हो या जमीन के बहुत करीब हो, तो सांप आसानी से रेंगते हुए यूनिट के भीतर पहुंच सकते हैं और वहां की ठंडक उन्हें लंबे समय तक रुकने के लिए आकर्षित करती है। निकाले गए सांपों की पहचान के बाद यह पता चला कि वे काफी विषैले थे और उनका दंश किसी भी इंसान के लिए जानलेवा साबित हो सकता था। वलसाड और उसके आसपास के ग्रामीण व अर्ध-शहरी इलाकों में कोबरा और क्रेट जैसे सांपों की मौजूदगी सामान्य है। रेस्क्यू टीम ने बताया कि सांपों ने एसी के भीतर सुरक्षित जगह पा ली थी और शायद वे वहां कई दिनों से मौजूद थे। गनीमत यह रही कि समय रहते परिवार की नजर उन पर पड़ गई, अन्यथा रात के समय जब घर के लोग सो रहे होते, तब कोई भी अप्रिय घटना घट सकती थी। रेस्क्यू के बाद तीनों सांपों को सुरक्षित डिब्बों में बंद किया गया ताकि उन्हें उनके प्राकृतिक आवास में छोड़ा जा सके।

इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोग अपने घरों में लगे एसी और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच करने को लेकर चिंतित हैं। अक्सर लोग एसी की सर्विसिंग कराते समय केवल कूलिंग पर ध्यान देते हैं, लेकिन बाहरी यूनिट और ड्रेनेज पाइप की सुरक्षा को नजरअंदाज कर देते हैं। जीवदया ग्रुप के सदस्यों ने स्थानीय निवासियों को सलाह दी है कि वे अपने घरों के आसपास सफाई रखें और विशेष रूप से एसी के पाइपों को जाली से ढक कर रखें। गर्मी और उमस के कारण सांप ऐसे स्थानों की तलाश करते हैं जहां उन्हें पर्याप्त नमी और ठंडक मिल सके, और एसी यूनिट उनके लिए एक आदर्श स्थान बन जाता है। रेस्क्यू किए गए तीनों सांपों को बाद में वन विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुसार पास के घने जंगलों में छोड़ दिया गया। जीवदया ग्रुप का मुख्य उद्देश्य वन्यजीवों और मनुष्यों के बीच टकराव को कम करना है, और इस मामले में भी उन्होंने बिना किसी सांप को नुकसान पहुंचाए सफलता हासिल की। वलसाड की यह घटना एक चेतावनी की तरह है कि प्रकृति के करीब रहने वाले इलाकों में सावधानी बरतना कितना आवश्यक है। घर के मालिक ने रेस्क्यू टीम का आभार व्यक्त किया, क्योंकि पेशेवर मदद के बिना इन जहरीले जीवों को घर से सुरक्षित बाहर निकालना असंभव था।

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