इटावा ट्रेन हादसे में नया मोड़: बहस के बाद ट्रेन से फेंका, टीटीई पर नौसेना अफसर की पत्नी की हत्या का आरोप, परिवार ने लगाए गंभीर इल्जाम। 

उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना ने रेल यात्रियों के बीच दहशत फैला दी है। पटना से आनंद विहार टर्मिनल

Nov 28, 2025 - 15:50
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इटावा ट्रेन हादसे में नया मोड़: बहस के बाद ट्रेन से फेंका, टीटीई पर नौसेना अफसर की पत्नी की हत्या का आरोप, परिवार ने लगाए गंभीर इल्जाम। 
इटावा ट्रेन हादसे में नया मोड़: बहस के बाद ट्रेन से फेंका, टीटीई पर नौसेना अफसर की पत्नी की हत्या का आरोप, परिवार ने लगाए गंभीर इल्जाम। 

उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना ने रेल यात्रियों के बीच दहशत फैला दी है। पटना से आनंद विहार टर्मिनल के लिए चल रही सुपरफास्ट स्पेशल ट्रेन नंबर 04089 में सवार एक महिला की संदिग्ध मौत ने पूरे मामले को हत्या की शक की ओर मोड़ दिया है। मृतका नौसेना के एक अधिकारी की पत्नी थीं, जो दिल्ली में इलाज के लिए अकेले यात्रा कर रही थीं। शुरुआत में इसे सामान्य ट्रेन दुर्घटना माना गया, लेकिन परिवार के गंभीर आरोपों के बाद रेलवे ग्रुप आरपीएफ ने ट्रेन के ट्रैवलिंग टिकट एग्जामिनर यानी टीटीई के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 103 के तहत हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है। यह घटना 26 नवंबर 2025 को हुई, जब ट्रेन इटावा के साम्हो और भरथना रेलवे स्टेशनों के बीच से गुजर रही थी। परिवार का दावा है कि टिकट को लेकर हुई मामूली बहस इतनी भड़क गई कि टीटीई ने गुस्से में महिला को चलती ट्रेन से धक्का दे दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

मृतका की पहचान आरती यादव के रूप में हुई है। वह 32 वर्ष की थीं और कानपुर देहात जिले के भोगनीपुर थाना क्षेत्र के अहरौली शेख गांव की रहने वाली थीं। आरती का विवाह नौसेना अधिकारी अजय यादव से हुआ था, जो वर्तमान में चेन्नई में विशेष प्रशिक्षण पर तैनात हैं। परिवार के अनुसार, आरती को स्वास्थ्य संबंधी कुछ समस्या थी, जिसके इलाज के लिए वह अकेले दिल्ली जा रही थीं। अजय यादव ने पत्नी को स्टेशन तक छोड़ा था और ट्रेन के एस-11 कोच में उनकी सीट पहले से बुक थी। सुबह के समय ट्रेन इटावा के आसपास पहुंची, तभी घटना घटी। आरती के परिजनों ने बताया कि वह सुबह करीब साढ़े नौ बजे के आसपास ट्रेन से संपर्क में थीं, लेकिन उसके बाद फोन बंद हो गया। जब ट्रेन दिल्ली पहुंची, तो अजय ने स्टेशन पर पत्नी को देखा, लेकिन वह गायब थीं। घबराए अजय ने तुरंत रेलवे हेल्पलाइन पर संपर्क किया, जिसके बाद खोजबीन शुरू हुई।

रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स की टीम ने साम्हो और भरथना स्टेशनों के बीच रेल पटरियों पर एक महिला का शव बरामद किया। शव की तलाशी में आधार कार्ड मिला, जिससे पहचान आरती यादव के रूप में हुई। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में पाया गया कि उनकी मौत चोटों के कारण हुई, जिसमें सिर और छाती पर गंभीर चोटें शामिल थीं। एक हाथ कट गया था और शरीर पर कई जगहें घायल थीं। शुरुआत में जीआरपी ने इसे अनजाने में ट्रेन से गिरने का मामला माना और धारा 174 के तहत अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ केस दर्ज किया। लेकिन जैसे ही परिवार को सूचना मिली, वे इटावा पहुंचे। वहां घटनास्थल का मुआयना करने पर उन्हें कई संदिग्ध बातें नजर आईं। आरती का पर्स शव मिलने की जगह से करीब चार किलोमीटर दूर मिला, जबकि उनका सामान तीन अलग-अलग जगहों पर बिखरा पड़ा था। परिवार का कहना है कि अगर यह सामान्य हादसा होता, तो सामान इतना दूर कैसे फैल जाता। इससे साफ संकेत मिलता है कि कोई बाहरी व्यक्ति शामिल था।

परिवार ने जीआरपी थाने में तहरीर दी, जिसमें ट्रेन के टीटीई संतोष कुमार पर सीधा आरोप लगाया। तहरीर के मुताबिक, आरती के पास टिकट था, लेकिन टीटीई ने किसी कारणवश विवाद किया। बहस इतनी बढ़ गई कि टीटीई ने पहले उनका सामान बाहर फेंक दिया और फिर आरती को धक्का दे दिया। परिवार ने कहा कि आरती कभी ऐसी हरकत नहीं करतीं, वह शांत स्वभाव की महिला थीं। उनके दो बच्चे हैं, एक बेटा और एक बेटी, जो कानपुर में दादा-दादी के पास रहते हैं। अजय यादव चेन्नई से तुरंत इटावा पहुंचे और उन्होंने भी टीटीई पर हत्या का आरोप लगाया। जीआरपी के सीओ उदय प्रताप सिंह ने पुष्टि की कि तहरीर मिलने के बाद टीटीई के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जांच के दौरान कॉल डिटेल रिकॉर्ड और सीसीटीवी फुटेज की पड़ताल की जा रही है। टीटीई संतोष कुमार को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है, लेकिन अभी तक उनकी कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। रेलवे अधिकारियों ने कहा कि ट्रेन के कोच में लगे कैमरों की रिकॉर्डिंग से सच्चाई सामने आएगी।

यह घटना रेल यात्रा की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर रही है। विशेष रूप से महिलाओं के लिए ट्रेनों में अकेले सफर करना कितना जोखिम भरा हो सकता है, यह इस हादसे से साफ झलकता है। परिवार ने मांग की है कि दोषी को कड़ी सजा मिले और नौसेना के अधिकारी होने के नाते उन्हें न्याय मिले। इटावा के एसएसपी हैं भी पुलिस महानिरीक्षक डॉ. भानु भास्कर ने भी मामले को गंभीरता से लिया है। उन्होंने कहा कि फॉरेंसिक टीम घटनास्थल पर पहुंची और साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। अगर टीटीई दोषी पाया गया, तो यह रेलवे के लिए बड़ा झटका होगा। पिछले कुछ वर्षों में ट्रेनों में ऐसी घटनाएं बढ़ी हैं, जहां टिकट चेकिंग के नाम पर विवाद हत्या तक पहुंच जाते हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर प्रदेश में ही पिछले साल रेल दुर्घटनाओं में 50 से अधिक मौतें हुईं, जिनमें से कई संदिग्ध थीं।

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