Viral: राजा रघुवंशी हत्याकांड में नया मोड़, मेघालय एसआईटी और एफएसएल इंदौर ने हरे कृष्ण विहार कॉलोनी में जले हुए बैग की जांच तेज की।
इंदौर के चर्चित व्यवसायी राजा रघुवंशी हत्याकांड, जिसने मेघालय के हनीमून मर्डर केस के रूप में देशभर में सुर्खियां बटोरीं, में एक नया और महत्वपूर्ण ...
इंदौर के चर्चित व्यवसायी राजा रघुवंशी हत्याकांड, जिसने मेघालय के हनीमून मर्डर केस के रूप में देशभर में सुर्खियां बटोरीं, में एक नया और महत्वपूर्ण मोड़ आया है। मेघालय पुलिस की विशेष जांच दल (एसआईटी) और इंदौर की फोरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (एफएसएल) की टीम ने 22 जून 2025 को इंदौर की हरे कृष्ण विहार कॉलोनी में एक जले हुए बैग और उसमें मौजूद सोनम रघुवंशी के सामान के अवशेषों को फोरेंसिक जांच के लिए एकत्र किया। इस बैग को प्रॉपर्टी डीलर शिलोम जेम्स ने जलाया था, जिसे मेघालय पुलिस ने सबूत नष्ट करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। यह बैग हत्याकांड से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्यों, जैसे देसी पिस्तौल, नकदी, और गहनों को छिपाने का माध्यम माना जा रहा है।
राजा रघुवंशी, एक 29 वर्षीय इंदौर-आधारित ट्रांसपोर्ट व्यवसायी, की हत्या 23 मई 2025 को मेघालय के सोहरा (चेरापूंजी) क्षेत्र में वेई सॉडॉन्ग फॉल्स के पास एक सुनसान पार्किंग स्थल पर कर दी गई थी। उनकी नवविवाहिता पत्नी सोनम रघुवंशी (24) और उनके कथित प्रेमी राज कुशवाह (21) इस हत्याकांड के मुख्य आरोपी हैं। पुलिस के अनुसार, सोनम ने राज कुशवाह के साथ मिलकर राजा की हत्या की साजिश रची और तीन किराए के हत्यारों—विशाल सिंह चौहान, आकाश राजपूत, और आनंद कुर्मी—को 20 लाख रुपये की सुपारी दी थी। यह हत्या राजा और सोनम के हनीमून के दौरान हुई, जो उनकी शादी (11 मई 2025) के मात्र 12 दिन बाद शुरू हुआ था।
2 जून 2025 को राजा का क्षत-विक्षत शव मेघालय के एक गहरे गॉर्ज में मिला, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की। शुरुआत में सोनम को लापता माना गया, लेकिन 8 जून को उन्होंने उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में नंदगंज पुलिस स्टेशन में आत्मसमर्पण कर दिया। इसके बाद, राज कुशवाह और तीन हत्यारों को इंदौर और उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया गया। जांच के दौरान पता चला कि सोनम ने हत्या के बाद मेघालय से गुवाहाटी, सिलीगुड़ी, और फिर ट्रेन के जरिए इंदौर तक का सफर तय किया था। इंदौर में वह 26 मई से 8 जून तक एक किराए के फ्लैट में छिपी रही, जिसे प्रॉपर्टी डीलर शिलोम जेम्स ने विशाल सिंह चौहान को किराए पर दिया था।
- हरे कृष्ण विहार कॉलोनी में जांच
22 जून 2025 को मेघालय पुलिस की एसआईटी और इंदौर की एफएसएल टीम ने शिलोम जेम्स को साथ लेकर हरे कृष्ण विहार कॉलोनी में उस स्थान का दौरा किया, जहां जेम्स ने सोनम का काला बैग जलाया था। यह बैग हत्याकांड से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्यों को छिपाने का साधन माना जा रहा है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस बैग में 5 लाख रुपये नकद, एक देसी पिस्तौल, सोनम का मोबाइल फोन, और राजा के गहने (जिनकी कीमत 10 लाख रुपये से अधिक थी) शामिल थे। हालांकि, जब पुलिस ने इस स्थान की जांच की, तो बैग पूरी तरह से जल चुका था, और इसमें मौजूद पिस्तौल, लैपटॉप, या गहने नहीं मिले।
एफएसएल इंदौर की टीम ने जले हुए बैग के टुकड़े और सोनम के सामान के अवशेषों को सावधानीपूर्वक एकत्र किया। इन अवशेषों को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या इनमें कोई ऐसा साक्ष्य बचा है, जो हत्याकांड की जांच में मदद कर सके। मेघालय के पूर्वी खासी हिल्स जिले के पुलिस अधीक्षक (एसपी) विवेक सिम ने बताया, "फोरेंसिक टीम ने मलबे को उठाया है। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि हर संभव साक्ष्य की जांच हो।" इस जांच में शिलोम जेम्स की मौजूदगी महत्वपूर्ण थी, क्योंकि उसने ही पुलिस को उस स्थान तक पहुंचाया, जहां बैग जलाया गया था।
- शिलोम जेम्स और बल्ला अहिरवार की गिरफ्तारी
शिलोम जेम्स, एक इंदौर-आधारित प्रॉपर्टी डीलर, को 21 जून 2025 की रात मेघालय पुलिस की एसआईटी ने देवास जिले के भोनरासा टोल गेट से गिरफ्तार किया, जब वह भोपाल भागने की कोशिश कर रहा था। जेम्स ने विशाल सिंह चौहान को 30 मई को हीरा बाग कॉलोनी में एक फ्लैट किराए पर दिया था, जहां सोनम हत्या के बाद छिपी थी। पुलिस को सीसीटीवी फुटेज में जेम्स को फ्लैट से एक काला बैग निकालते और कार में रखते हुए देखा गया था, जिसके बाद उसकी संलिप्तता की जांच शुरू हुई।
इसके बाद, 22 जून को तड़के 2 बजे, पुलिस ने अशोकनगर जिले के अपने गांव से बल्ला अहिरवार (उर्फ बल्लू), एक सिक्योरिटी गार्ड, को गिरफ्तार किया। अहिरवार उस इमारत में तैनात था, जहां सोनम छिपी थी, और उसने जेम्स के साथ मिलकर बैग को जलाने में मदद की थी। दोनों को इंदौर की स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहां से मेघालय पुलिस ने उनकी ट्रांजिट रिमांड मांगी ताकि उन्हें शिलांग ले जाकर पूछताछ की जा सके। इन गिरफ्तारियों के साथ, इस हत्याकांड में अब तक सात लोग गिरफ्तार हो चुके हैं।
- फोरेंसिक और अन्य साक्ष्य
इस हत्याकांड में फोरेंसिक साक्ष्य जांच का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहे हैं। पहले, पुलिस ने एक खून से सना रेनकोट बरामद किया था, जो सोनम का था और हत्या के दौरान आकाश राजपूत ने पहना था। फोरेंसिक विश्लेषण में इस रेनकोट पर राजा के खून के निशान पाए गए। इसके अलावा, आकाश का एक खून से सना शर्ट और हत्या में इस्तेमाल एक खुकरी (घुमावदार ब्लेड) भी बरामद की गई थी, जिसकी फोरेंसिक जांच हो रही है।
इस हत्याकांड ने न केवल इंदौर और मेघालय, बल्कि पूरे देश में सनसनी फैला दी है। राजा की मां, उमा रघुवंशी, ने बताया कि राजा हनीमून के लिए जाने को तैयार नहीं था, लेकिन सोनम के आग्रह पर गया। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि सोनम ने इतने महंगे गहने हनीमून पर ले जाने की जरूरत क्यों समझी। राजा के परिवार ने इस मामले की सीबीआई जांच की मांग की है, क्योंकि उनका मानना है कि यह केवल प्रेम त्रिकोण की कहानी नहीं, बल्कि इसमें वित्तीय या अन्य गहरे मकसद हो सकते हैं।
सोनम के भाई गोविंद ने इंदौर में राजा की मां से मुलाकात की और कहा कि अगर सोनम दोषी है, तो उसे फांसी की सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने यह भी दावा किया कि सोनम ने शादी से पहले अपनी मां को धमकी दी थी कि अगर उसकी शादी कराई गई, तो वह कुछ बड़ा कर देगी।
कानूनी रूप से, सोनम, राज कुशवाह, और तीन हत्यारों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है, जबकि जेम्स और अहिरवार की पूछताछ चल रही है। मेघालय पुलिस का दावा है कि उनके पास पर्याप्त साक्ष्य हैं, लेकिन जले हुए बैग की फोरेंसिक जांच इस मामले में नया खुलासा कर सकती है।
राजा रघुवंशी हत्याकांड में हरे कृष्ण विहार कॉलोनी में जले हुए बैग की जांच एक महत्वपूर्ण कदम है, जो इस सनसनीखेज मामले में नए साक्ष्य उजागर कर सकता है। मेघालय पुलिस की एसआईटी और इंदौर की एफएसएल की संयुक्त कार्रवाई से यह स्पष्ट है कि जांच हर संभव कोण से की जा रही है। पुलिस ने 42 स्थानों से सीसीटीवी फुटेज एकत्र किए हैं, जो सोनम, राजा, और अन्य आरोपियों की गतिविधियों को ट्रैक करते हैं। एक वायरल इंस्टाग्राम वीडियो में सोनम और राजा को हत्या से कुछ घंटे पहले नोंगरीट गांव में ट्रेकिंग करते देखा गया था, जिसमें सोनम एक सफेद शर्ट पहने थी, जो बाद में क्राइम सीन के पास बरामद हुई।
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