Pratapgarh : 7 वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म के दोषी को आजीवन कारावास और 1.40 लाख रुपये का जुर्माना
मामले में राज्य की ओर से विशेष लोक अभियोजक निर्भय सिंह ने पैरवी की। पीड़िता के पिता ने प्रार्थना पत्र दिया था कि सत्यम पाल ने बच्ची को बेवजह मारा-पीटा और हाथ-पैर में चु
उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में विशेष न्यायाधीश पाक्सो अदालत पारुल वर्मा ने 7 वर्षीय अनुसूचित जाति की बच्ची से दुष्कर्म करने और मारपीट करने के मामले में आरोपी सत्यम पाल को दोषी ठहराया है। अदालत ने आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई और 1 लाख 40 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। यह राशि पीड़िता को उसके चिकित्सा इलाज, मानसिक आघात की भरपाई और पुनर्वास के लिए दी जाएगी।
मामले में राज्य की ओर से विशेष लोक अभियोजक निर्भय सिंह ने पैरवी की। पीड़िता के पिता ने प्रार्थना पत्र दिया था कि सत्यम पाल ने बच्ची को बेवजह मारा-पीटा और हाथ-पैर में चुटकी काट ली। अदालत में पीड़िता ने बयान दिया कि सत्यम ने उसके निजी अंग पर चुटकी काटी। घटना के समय बच्ची दुकान पर खेल रही थी। दुकान पर केवल सत्यम था जबकि उसकी मां किचन में थी। बच्ची स्वेटर, पजामा और चड्डी पहने थी। आरोपी ने उंगली डालकर चोट पहुंचाई जिससे खून निकला और काफी दर्द हुआ। चलने में भी परेशानी हुई।
अभियोजन पक्ष ने आठ गवाहों के बयान और 12 सबूत पेश किए। अदालत ने पीड़िता को उत्तर प्रदेश रानी लक्ष्मीबाई महिला सम्मान कोष से नियमों के अनुसार आर्थिक सहायता देने का भी आदेश दिया है।
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