Saharanpur : सहारनपुर का बड़ा अस्पताल कांड- किरण हेल्थ केयर सेंटर पर बच्चा बदलने और शोषण के गंभीर आरोप

सबसे चौंकाने वाली जानकारी यह है कि सरकारी अस्पतालों की आशा वर्कर्स भी कमीशन बेस पर मरीजों को इस प्राइवेट अस्पताल में लाने का काम करती हैं। आशाओं पर आ

Sep 12, 2025 - 00:39
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Saharanpur : सहारनपुर का बड़ा अस्पताल कांड- किरण हेल्थ केयर सेंटर पर बच्चा बदलने और शोषण के गंभीर आरोप
सहारनपुर का बड़ा अस्पताल कांड- किरण हेल्थ केयर सेंटर पर बच्चा बदलने और शोषण के गंभीर आरोप

सहारनपुर : किरण हेल्थ केयर सेंटर एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गया है। गुरुवार को यहां प्रसव के दौरान परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और स्टाफ पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि न सिर्फ अस्पताल ने लापरवाही की, बल्कि नवजात शिशु को बदलने का प्रयास किया और जब इसका विरोध किया गया तो परिजनों के साथ धक्का-मुक्की व मारपीट की गई। इस घटना के बाद अस्पताल परिसर में हंगामा खड़ा हो गया और गुस्साए परिजनों ने जिम्मेदार डॉक्टरों व स्टाफ पर सख्त कार्रवाई की मांग की। परिजनों का कहना है कि अस्पताल प्रशासन की मनमानी और गैर-जिम्मेदाराना रवैया लगातार मरीजों की जान और अधिकारों से खिलवाड़ कर रहा है। सूत्रों का कहना है कि यह कोई पहला मामला नहीं है, बल्कि इससे पहले भी किरण हेल्थ केयर सेंटर पर कई बार गंभीर आरोप लग चुके हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार अस्पताल में अकसर मरीजों के साथ दुर्व्यवहार, अत्यधिक शुल्क वसूलने, फर्जी खर्चे जोड़ने और लापरवाही के मामले सामने आते रहे हैं।सबसे चौंकाने वाली जानकारी यह है कि सरकारी अस्पतालों की आशा वर्कर्स भी कमीशन बेस पर मरीजों को इस प्राइवेट अस्पताल में लाने का काम करती हैं। आशाओं पर आरोप है कि वे गर्भवती महिलाओं को सरकारी अस्पतालों में मुफ्त और सुरक्षित प्रसव की सुविधा से वंचित कर कमीशन की लालच में इस प्राइवेट अस्पताल में ले आती हैं, जहां परिजनों से मनमाने ढंग से पैसे वसूले जाते हैं और शोषण किया जाता है। यही कारण है कि यहां बार-बार विवाद खड़े होते हैं। इस बार परिजनों का आरोप और भी गंभीर है कि अस्पताल स्टाफ ने नवजात शिशु को बदलने का प्रयास किया और जब परिवार ने सवाल उठाए तो उनके साथ हाथापाई कर दी गई।

यह आरोप न केवल स्वास्थ्य सेवाओं की विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा करता है बल्कि यह भी दिखाता है कि मरीजों और उनके परिजनों को न्याय दिलाने की प्रक्रिया कितनी कमजोर है। घटना की सूचना पर थाना जनकपुरी पुलिस मौके पर पहुंची और किसी तरह स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने परिजनों की तहरीर लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। हालांकि परिजनों का कहना है कि जब तक दोषी डॉक्टरों और अस्पताल प्रबंधन पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, वे आंदोलन जारी रखेंगे। इस मामले ने सहारनपुर में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर गहरी चिंता पैदा कर दी है। लोगों का कहना है कि निजी अस्पतालों की मनमानी और लापरवाही अब आम हो चुकी है, और प्रशासन की ढीली पकड़ के चलते यह सिलसिला लगातार जारी है।विशेषज्ञों का मानना है कि यदि स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन इस तरह के अस्पतालों पर सख्त कार्रवाई नहीं करते तो आने वाले दिनों में ऐसे मामले और बढ़ेंगे, जिससे न केवल मरीजों की सुरक्षा बल्कि आम जनता का भरोसा भी टूटेगा। यह मामला इस बात की भी ओर इशारा करता है कि गरीब और मध्यमवर्गीय परिवार, जिनके पास महंगे अस्पतालों में जाने का विकल्प नहीं होता, कैसे प्राइवेट अस्पतालों की लापरवाही और शोषण के शिकार बनते हैं। सवाल यह है कि क्या जिम्मेदार अधिकारी केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित रहेंगे या फिर इस बार कोई ठोस कदम उठाया जाएगा। मौके पर भीम आर्मी के कार्यकर्ता भारी संख्या में मौजूद, भारी पुलिस फोर्स भी मौके पर मौजूद मौके पर अभी हंगामा जारी, भीम आर्मी कार्यकर्ता अस्पताल संचालक और डॉक्टरों की गिरफ्तारी पर अड़े।

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