Sambhal: बीमारी का बहाना या जांच से बचने की कोशिश? सम्भल के जिला प्रोबेशन अधिकारी पर घोटाले की आंच तेज।
जनपद सम्भल में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों में घिरे जिला प्रोबेशन अधिकारी चंद्रभूषण यादव अब जांच के दायरे में और गहराते नजर आ रहे हैं
उवैस दानिश, सम्भल
जनपद सम्भल में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों में घिरे जिला प्रोबेशन अधिकारी चंद्रभूषण यादव अब जांच के दायरे में और गहराते नजर आ रहे हैं। ताजा घटनाक्रम में अधिकारी ने बीमारी का हवाला देते हुए जिलाधिकारी को ईमेल कर आकस्मिक अवकाश की मांग की है, जिससे पूरे मामले में नई हलचल मच गई है।
मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी राजेंद्र पेंसिया ने अधिकारी की बीमारी की सत्यता जांचने के लिए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। इस कमेटी में डिप्टी कलेक्टर, डिप्टी सीएमओ और आर्थोपेडिक सर्जन को शामिल किया गया है, जो यह जांच करेंगे कि बीमारी वास्तविक है या जांच से बचने का प्रयास। गौरतलब है कि जिला प्रोबेशन अधिकारी पर चाइल्ड हेल्प यूनिट में फर्जीवाड़ा, विधवा एवं बेसहारा महिलाओं के पुनर्वास और ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ जैसी योजनाओं में 50 लाख रुपये से अधिक के घोटाले के गंभीर आरोप हैं। इन आरोपों की जांच के लिए 22 दिन पहले ही जिलाधिकारी द्वारा कमेटी गठित की गई थी। चौंकाने वाली बात यह है कि जांच कमेटी द्वारा अब तक आठ बार जरूरी अभिलेख मांगे जाने के बावजूद अधिकारी ने कोई दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए हैं। इससे संदेह और गहरा गया है कि कहीं जानबूझकर जांच में बाधा तो नहीं डाली जा रही। अब सभी की नजरें जांच कमेटी की रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो तय करेगी कि बीमारी का दावा कितना सच है और घोटाले की परतें कितनी गहरी हैं।
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