Sambhal: छह दशक से अधर में लटकी सम्भल–गजरौला रेलवे लाइन: राष्ट्रीय भ्रष्टाचार दमन परिषद रेल मंत्री तक ज्ञापन देने की चेतावनी।
सम्भल–गजरौला रेलवे लाइन के विस्तारीकरण की वर्षों पुरानी मांग को लेकर एक बार फिर राष्ट्रीय भ्रष्टाचार दमन परिषद ने आवाज बुलंद की गई है। इसी
उवैस दानिश, सम्भल
सम्भल–गजरौला रेलवे लाइन के विस्तारीकरण की वर्षों पुरानी मांग को लेकर एक बार फिर राष्ट्रीय भ्रष्टाचार दमन परिषद ने आवाज बुलंद की गई है। इसी क्रम में राष्ट्रीय अध्यक्ष के. के. मिश्र के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने नगर मजिस्ट्रेट कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह मांग कोई नई नहीं, बल्कि पिछले छह दशकों से लगातार उठाई जा रही है, लेकिन आज तक इसे अमलीजामा नहीं पहनाया गया।
राष्ट्रीय अध्यक्ष के. के. मिश्र ने बताया कि पहले चरण में नगर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया है। इसके बाद तीन से चार दिनों के भीतर DRM को ज्ञापन दिया जाएगा और फिर 5 से 10 फरवरी के बीच माननीय रेल मंत्री के आवास पर पहुंचकर मांग रखी जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि इसके बाद भी कोई ठोस पहल नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि सम्भल का दुर्भाग्य रहा है कि यहां से चुने गए जनप्रतिनिधियों ने संसद में कभी इस मुद्दे को गंभीरता से नहीं उठाया। उन्होंने कहा कि आज तक किसी भी सांसद ने सम्भल–गजरौला रेलवे लाइन के लिए संसद में सवाल तक नहीं रखा, जिससे जनता को निराशा हाथ लगी है। पदाधिकारियों का कहना है कि रेलवे लाइन न होने से क्षेत्र के व्यापार, रोजगार और आवागमन पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। व्यापारियों और आम लोगों को लंबी दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे समय और धन दोनों की बर्बादी होती है। हालांकि, साल भर खामोशी और बजट के समय सक्रिय होने के सवाल पर पदाधिकारियों ने कहा कि समय-समय पर पैरवी लगातार की जा रही है और व्यापारियों व जनप्रतिनिधियों के माध्यम से लोकसभा में आवाज उठाने का प्रयास होता रहा है।
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