Sambhal : शंकराचार्य विवाद पर सरकार पर बरसे सम्भल विधायक इकबाल महमूद, बोले 'अब निशाने पर संत भी, 2027 में पड़ेगा असर'
विधायक इकबाल महमूद ने सवाल उठाया कि शंकराचार्य से उनकी पहचान और डिग्री पूछी जा रही है, जबकि देश के प्रधानमंत्री की डिग्री आज तक सार्वजनिक नहीं की गई। उन्हों
Report : उवैस दानिश, सम्भल
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को लेकर चल रहे विवाद और मौनी अमावस्या पर स्नान न करने के मामले में उठे बवाल पर सम्भल विधायक इकबाल महमूद ने प्रदेश सरकार और प्रशासन पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि पहले लगता था कि सिर्फ मुसलमान ही मुख्यमंत्री के निशाने पर हैं, लेकिन अब शंकराचार्य जैसे सम्मानित संत भी उसी सूची में आ गए हैं।
विधायक इकबाल महमूद ने सवाल उठाया कि शंकराचार्य से उनकी पहचान और डिग्री पूछी जा रही है, जबकि देश के प्रधानमंत्री की डिग्री आज तक सार्वजनिक नहीं की गई। उन्होंने कहा कि “इतने सम्मानित शंकराचार्य के साथ जिस तरह का व्यवहार किया गया, वह शर्मनाक है। क्या अब उन्हें भी मुसलमानों में गिन लिया गया है?” उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन ने शंकराचार्य के साथ अत्याचार किया, स्नान करने से रोका गया और उनके साथ अभद्रता की गई। इकबाल महमूद ने कहा कि देश की लगभग 70 प्रतिशत जनता शंकराचार्य को मानती है और उनकी बातों का अनुसरण करती है। ऐसे में उन्हें परेशान करना सरकार के लिए भारी पड़ सकता है। सिटी मजिस्ट्रेट बरेली अलंकार अग्निहोत्री के इस्तीफे पर विधायक ने कहा कि यह राजनीति नहीं, बल्कि आक्रोश और पीड़ा का परिणाम है।
उन्होंने कहा कि “अगर किसी पढ़े-लिखे PCS अधिकारी ने इस्तीफा दिया है, तो उसने सोच-समझकर ही यह फैसला लिया होगा। अपने गुरु पर हमला कौन बर्दाश्त कर सकता है?” विधायक ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर हालात ऐसे ही रहे तो इसका असर 2027 के विधानसभा चुनावों में साफ दिखाई देगा। UGC बिल को लेकर भी इकबाल महमूद ने सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि इस बिल को लेकर सभी वर्गों में चिंता है और इतना विरोध हो रहा है तो निश्चित रूप से इसमें कुछ न कुछ खामियां हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि गठित आयोग इन कमियों को दूर करने के लिए ऐसे सुझाव देगा, जिससे सभी वर्ग संतुष्ट हो सकें। अंत में विधायक ने साफ कहा “सरकार को सबको साथ लेकर चलना चाहिए। मैं जनता के साथ हूं और जनता की आवाज उठाता।
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