Sitapur : सीतापुर के निजी अस्पताल में विवाद समझौते से शांत, जांच को लेकर सवाल बरकरार
मामला रामकोट थाना क्षेत्र के टेडवा गांव की लवप्रीत कौर से जुड़ा था। आरोप था कि नौ मई को इलाज के लिए अस्पताल आई महिला को गलत इंजेक्शन लगाया गया, जबरन भर्ती रखा गया और चार दिन तक इलाज के नाम पर करीब सोलह ह
Report : संदीप चौरसिया INA NEWS सीतापुर
सीतापुर। शहर के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान लापरवाही और ज्यादा पैसे वसूलने के आरोप में उठा विवाद अब समझौते के बाद शांत हो गया है। भारतीय सिख संगठन के जिलाध्यक्ष गुरपाल सिंह अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ जिलाधिकारी को ज्ञापन देने की तैयारी कर रहे थे लेकिन दोनों पक्षों में बातचीत हो गई।
मामला रामकोट थाना क्षेत्र के टेडवा गांव की लवप्रीत कौर से जुड़ा था। आरोप था कि नौ मई को इलाज के लिए अस्पताल आई महिला को गलत इंजेक्शन लगाया गया, जबरन भर्ती रखा गया और चार दिन तक इलाज के नाम पर करीब सोलह हजार रुपये लिए गए। गुरपाल सिंह ने आरोप लगाया था कि कई निजी अस्पताल गरीब लोगों को अनावश्यक भर्ती रखकर ज्यादा पैसे वसूलते हैं। उन्होंने धरना देने की भी चेतावनी दी थी।
बाद में दोनों पक्षों में सुलह हो गई और अस्पताल द्वारा खर्चा वापस किए जाने के बाद मामला खत्म हो गया। साईं अस्पताल के अधीक्षक गौरव ने बताया कि दोनों पक्षों में बातचीत हो गई है और अब कोई विवाद नहीं बचा है। गुरपाल सिंह भी समझौते से संतुष्ट दिखे।
हालांकि इस घटना के बाद शहर में निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। लोग पूछ रहे हैं कि अगर इलाज सही था तो पैसे वापस क्यों किए गए। अब देखना है कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी इस मामले में जांच कराते हैं या मामला समझौते के साथ बंद मान लिया जाएगा।
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