Sitapur : खेती के ट्रैक्टरों से मिट्टी का अवैध कारोबार, प्रशासन की चुप्पी से सरकार को राजस्व का नुकसान

स्थानीय निवासियों का कहना है कि ओवरलोड ट्रैक्टरों पर तिरपाल न ढके होने के कारण मिट्टी सड़कों पर गिरती रहती है, जो बाद में धूल बनकर उड़ती है। इस धूल की वजह से लोगों को सांस लेने में परेशानी हो रही है और बच्चों

Apr 10, 2026 - 21:09
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Sitapur : खेती के ट्रैक्टरों से मिट्टी का अवैध कारोबार, प्रशासन की चुप्पी से सरकार को राजस्व का नुकसान
Sitapur : खेती के ट्रैक्टरों से मिट्टी का अवैध कारोबार, प्रशासन की चुप्पी से सरकार को राजस्व का नुकसान

Report : संदीप चौरसिया INA NEWS सीतापुर

सीतापुर के विभिन्न इलाकों में इन दिनों अवैध खनन का काम धड़ल्ले से चल रहा है। खनन माफिया सरकारी नियमों की अनदेखी करते हुए खेती के काम में आने वाले ट्रैक्टर-ट्रालियों का इस्तेमाल मिट्टी ढोने के लिए कर रहे हैं। इससे न केवल सड़कों की स्थिति खराब हो रही है, बल्कि सरकार को मिलने वाले टैक्स का भी बड़ा नुकसान हो रहा है। जमीनी तौर पर देखा जाए तो खनन की अनुमति केवल कागजों तक सीमित है और नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। सड़कों पर दौड़ रहे इन वाहनों पर न तो हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट है और न ही ज्यादातर चालकों के पास ड्राइविंग लाइसेंस मौजूद है। बिना किसी रॉयल्टी पर्ची के मिट्टी से लदे यह वाहन बेखौफ घूम रहे हैं।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि ओवरलोड ट्रैक्टरों पर तिरपाल न ढके होने के कारण मिट्टी सड़कों पर गिरती रहती है, जो बाद में धूल बनकर उड़ती है। इस धूल की वजह से लोगों को सांस लेने में परेशानी हो रही है और बच्चों व बुजुर्गों का स्वास्थ्य बिगड़ रहा है। लोगों में इस बात को लेकर हैरानी है कि व्यस्त रास्तों से गुजरने वाले इन बिना नंबर के वाहनों पर पुलिस और परिवहन विभाग की नजर क्यों नहीं पड़ रही। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि इस अवैध काम को तुरंत रोका जाए, दोषियों पर कड़ी कार्यवाही की जाए और क्षेत्र में लगातार चेकिंग अभियान चलाया जाए।

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