Sitapur : कृषि विज्ञान केंद्र कटिया में महिला किसानों को दिया गया मोटे अनाज के प्रसंस्करण का प्रशिक्षण

प्रशिक्षण के दौरान डॉ. रीमा ने महिलाओं को मोटे अनाज से मिलने वाले स्वास्थ्य लाभों और मशीनों की मदद से नए उत्पाद तैयार करने के तरीके बताए। डॉ. आनंद सिंह ने पशुपालन में मोटे अनाज की उपयोगिता की जानकारी दी, जबकि डॉ. शैलेन्द्र सिंह ने

By INA News Desk
Apr 3, 2026 - 21:38
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Sitapur : कृषि विज्ञान केंद्र कटिया में महिला किसानों को दिया गया मोटे अनाज के प्रसंस्करण का प्रशिक्षण
Sitapur : कृषि विज्ञान केंद्र कटिया में महिला किसानों को दिया गया मोटे अनाज के प्रसंस्करण का प्रशिक्षण

Report : संदीप चौरसिया INA NEWS सीतापुर।

सीतापुर के कृषि विज्ञान केंद्र कटिया में महिला किसानों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में कसमंडा और मिश्रिख विकास खंड की 26 महिलाओं ने हिस्सा लिया। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य मोटे अनाज के प्रसंस्करण और उससे तैयार होने वाले उत्पादों के बारे में जानकारी देना था। कृषि विज्ञान केंद्र के अध्यक्ष डॉ. दया एस. श्रीवास्तव ने बताया कि मोटे अनाज पोषण का एक बड़ा जरिया हैं और इनसे बने उत्पादों के जरिए महिलाएं अपनी आमदनी बढ़ा सकती हैं।प्रशिक्षण के दौरान डॉ. रीमा ने महिलाओं को मोटे अनाज से मिलने वाले स्वास्थ्य लाभों और मशीनों की मदद से नए उत्पाद तैयार करने के तरीके बताए। डॉ. आनंद सिंह ने पशुपालन में मोटे अनाज की उपयोगिता की जानकारी दी, जबकि डॉ. शैलेन्द्र सिंह ने इसकी खेती की आधुनिक तकनीकों के बारे में बताया। डॉ. शिशिर कांत सिंह ने बढ़ते बाजार और स्वरोजगार के मौकों पर चर्चा की।सचिन प्रताप तोमर ने मशीनों को चलाने और उनकी देखभाल के तरीके सिखाए। इसके अलावा डॉ. योगेंद्र प्रताप सिंह और डॉ. शुभम सिंह राठौर ने खेती के आर्थिक लाभ और उत्पादों की पैकिंग के बारे में सुझाव दिए। प्रशिक्षण के अंत में सरोज कुमारी, बबली और रेनू देवी ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि इस कार्यक्रम से सीखी गई बातें उन्हें आत्मनिर्भर बनने में मदद करेंगी। यह पहल महिलाओं को पोषण और आर्थिक सुरक्षा देने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

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