गाजियाबाद में आंधी-तूफान ने मचाई तबाही, ACP अंकुर विहार ऑफिस की छत ढही, सब-इंस्पेक्टर वीरेंद्र मिश्रा की दर्दनाक मौत।
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में बीते शनिवार की देर रात आए भीषण तूफान और मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई, जिसके परिणामस्वरूप....
गाजियाबाद: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में बीते शनिवार की देर रात आए भीषण तूफान और मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई, जिसके परिणामस्वरूप लोनी के अंकुर विहार में स्थित असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (ACP) ऑफिस की छत ढह गई। इस हादसे में ड्यूटी पर तैनात सब-इंस्पेक्टर वीरेंद्र मिश्रा (48) मलबे में दब गए और उनकी दर्दनाक मौत हो गई। यह घटना न केवल गाजियाबाद पुलिस बल के लिए एक बड़ा झटका है, बल्कि यह सरकारी भवनों की गुणवत्ता और रखरखाव पर भी गंभीर सवाल उठाती है। बीते शनिवार को देर रात करीब 11:30 बजे, गाजियाबाद में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश शुरू हुई, जिसने पूरे शहर में कहर बरपाया। मौसम विभाग ने पहले ही दिल्ली-NCR क्षेत्र में आंधी-तूफान का अलर्ट जारी किया था, लेकिन इसकी तीव्रता ने सभी को चौंका दिया। लोनी के अंकुर विहार में स्थित ACP ऑफिस, जो मात्र ढाई साल पहले लाखों रुपये की लागत से बना था, इस तूफान की भेंट चढ़ गया। रविवार तड़के करीब 2:00 बजे ऑफिस की छत अचानक भरभराकर गिर गई। उस समय ऑफिस में ड्यूटी पर तैनात सब-इंस्पेक्टर वीरेंद्र मिश्रा अपने डेस्क पर काम कर रहे थे। छत का मलबा उनके ऊपर गिरा, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
स्थानीय लोगों और पुलिस कर्मियों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया, लेकिन भारी मलबे और बारिश के कारण बचाव कार्य में देरी हुई। फायर ब्रिगेड और आपदा प्रबंधन टीम को मौके पर बुलाया गया, जिन्होंने करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद मलबे से वीरेंद्र मिश्रा के शव को निकाला। गाजियाबाद पुलिस के एक अधिकारी ने बताया, “यह बेहद दुखद घटना है। हमने तुरंत जांच शुरू कर दी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
- वीरेंद्र मिश्रा: एक समर्पित पुलिस अधिकारी
वीरेंद्र मिश्रा, जो गाजियाबाद के मुरादनगर के रहने वाले थे, 2002 में उत्तर प्रदेश पुलिस में शामिल हुए थे। अपनी मेहनत और लगन के दम पर वे कांस्टेबल से सब-इंस्पेक्टर तक पहुंचे। उनके सहयोगियों ने उन्हें एक समर्पित और ईमानदार अधिकारी बताया, जो हमेशा अपनी ड्यूटी को प्राथमिकता देते थे। वीरेंद्र के परिवार में उनकी पत्नी और दो बच्चे हैं, जिनके लिए यह हादसा एक बड़ा आघात है। उनके एक सहकर्मी ने कहा, “वीरेंद्र भाई रात में भी ऑफिस में रहकर काम करते थे। उनकी मौत ने हमें झकझोर दिया है।”
- सरकारी भवनों की गुणवत्ता पर सवाल
ACP अंकुर विहार ऑफिस का निर्माण 2022 में किया गया था, और इसे आधुनिक सुविधाओं से लैस बताया गया था। हालांकि, ढाई साल में ही छत का ढह जाना निर्माण की गुणवत्ता और रखरखाव की कमी को उजागर करता है। X पर एक यूजर ने लिखा, “लाखों रुपये खर्च करके बनाया गया ACP ऑफिस ढाई साल में ढह गया? यह भ्रष्टाचार की हद है।” स्थानीय लोगों ने भी मांग की है कि इस हादसे की उच्च स्तरीय जांच हो और निर्माण में शामिल ठेकेदारों और अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।
गाजियाबाद के डीएम राकेश कुमार सिंह ने इस मामले में जांच के आदेश दे दिए हैं। उन्होंने कहा, “हम यह पता लगाएंगे कि छत गिरने का कारण क्या था। अगर निर्माण में कोई अनियमितता पाई गई, तो दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।” विशेषज्ञों का मानना है कि पुराने और कमजोर भवनों के साथ-साथ हाल के निर्माणों में भी मानकों का पालन नहीं हो रहा है, जो इस तरह के हादसों का कारण बन रहा है। गाजियाबाद में इस तूफान ने केवल ACP ऑफिस को ही नुकसान नहीं पहुंचाया। शहर के कई इलाकों में पेड़ उखड़ गए, बिजली के खंभे गिर गए, और सड़कों पर जलभराव की स्थिति बन गई। दिल्ली-NCR के अन्य हिस्सों, जैसे फरीदाबाद में, भी तूफान ने भारी नुकसान पहुंचाया, जहां एक घर की छत गिरने से कई लोग घायल हो गए। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों में और बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी दी है, जिसके चलते प्रशासन ने स्कूलों को बंद करने और आपदा प्रबंधन टीमें तैयार रखने के निर्देश दिए हैं। उधर, X पर कई यूजर्स ने वीरेंद्र मिश्रा को श्रद्धांजलि दी, जबकि अन्य ने सरकारी भवनों की खराब स्थिति पर गुस्सा जाहिर किया। एक यूजर ने लिखा, “वीरेंद्र मिश्रा जैसे जांबाज ड्यूटी पर अपनी जान गंवा रहे हैं, क्योंकि भ्रष्टाचार की वजह से इमारतें कागज की तरह ढह रही हैं।” स्थानीय निवासियों ने भी मांग की है कि शहर में पुराने और कमजोर भवनों की मरम्मत और नए निर्माणों की कड़ाई से जांच की जाए। गाजियाबाद के अंकुर विहार में ACP ऑफिस की छत ढहने से सब-इंस्पेक्टर वीरेंद्र मिश्रा की मौत एक दुखद और चौंकाने वाली घटना है।
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गाजियाबाद पुलिस ने वीरेंद्र मिश्रा की मौत पर गहरा शोक व्यक्त किया है। पुलिस कमिश्नर अजय मिश्रा ने कहा, “हमने अपने एक बहादुर अधिकारी को खो दिया। उनके परिवार को हर संभव मदद दी जाएगी।” उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस हादसे पर दुख जताया और मृतक के परिवार को 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और एक आश्रित को नौकरी देने की घोषणा की। पुलिस ने ACP ऑफिस को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है और कर्मचारियों को पास के थाने में शिफ्ट किया गया है। इस बीच, अन्य सरकारी भवनों की सुरक्षा जांच के आदेश भी दिए गए हैं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।
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