Sultanpur News: सुल्तानपुर के पंतस्पोर्ट्स स्टेडियम में बदहाली, करोड़ों खर्च के बाद भी खिलाड़ियों को बुनियादी सुविधाओं का अभाव, जताई नाराजगी
जिला क्रीड़ा अधिकारी को दो जिलों का प्रभार सौंपा गया है, जिसके चलते वे स्टेडियम की व्यवस्थाओं पर ध्यान नहीं दे पा रहे। खिलाड़ियों का कहना है कि जल्दबाजी में स्टेडियम का हस्तां...
By INA News Sultanpur.
सुल्तानपुर के प्रतिष्ठित पंतस्पोर्ट्स स्टेडियम की दुर्दशा ने खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों में आक्रोश पैदा कर दिया है। पिछले पांच वर्षों में स्टेडियम के जीर्णोद्धार पर 5 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए गए, लेकिन इसके बावजूद खिलाड़ियों को बुनियादी सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हैं। स्टेडियम की बदहाल स्थिति को लेकर राष्ट्रीय रेफरी, अंतरराष्ट्रीय अंपायर और वरिष्ठ खिलाड़ियों ने गहरी नाराजगी व्यक्त की है।
स्थानीय खिलाड़ियों ने स्टेडियम की कई गंभीर समस्याओं को उजागर किया। स्टेडियम परिसर में पंत जी की प्रतिमा धूल से ढकी हुई है, जो रखरखाव की कमी को दर्शाती है। मैदान में बड़ी-बड़ी घास उगी हुई है, जगह-जगह कबाड़ और मिट्टी के ढेर पड़े हैं। मैदान की सतह असमतल होने के कारण कई खिलाड़ी चोटिल हो चुके हैं। पानी की उचित व्यवस्था न होने से धूल उड़ती रहती है, जिससे खिलाड़ियों को अभ्यास करने में कठिनाई होती है। ड्रेनेज सिस्टम की खराबी भी एक बड़ी समस्या है, जिसके कारण बारिश के बाद मैदान कीचड़मय हो जाता है।
महिला खिलाड़ियों के लिए स्थिति और भी चिंताजनक है, क्योंकि स्टेडियम में उनके लिए चेंज रूम की कोई व्यवस्था नहीं है। वॉलीबॉल ग्राउंड, टेबल टेनिस और बैडमिंटन कक्ष में रोशनी की समुचित व्यवस्था न होने से खिलाड़ी शाम के समय अभ्यास करने में असमर्थ हैं। कई खेलों के लिए प्रशिक्षकों की नियुक्ति अभी तक नहीं की गई है, जिसके कारण युवा खिलाड़ियों को उचित मार्गदर्शन नहीं मिल पा रहा।
जिला क्रीड़ा अधिकारी को दो जिलों का प्रभार सौंपा गया है, जिसके चलते वे स्टेडियम की व्यवस्थाओं पर ध्यान नहीं दे पा रहे। खिलाड़ियों का कहना है कि जल्दबाजी में स्टेडियम का हस्तांतरण कर दिया गया, जबकि इसकी खामियों को पहले दूर किया जाना चाहिए था। सिविल लाइन क्षेत्र में स्थित इस स्टेडियम को लेकर खिलाड़ियों ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
राष्ट्रीय रेफरी और अंतरराष्ट्रीय अंपायरों ने भी स्टेडियम की स्थिति पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी राशि खर्च करने के बाद भी यदि खिलाड़ियों को मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं, तो यह प्रशासनिक लापरवाही का स्पष्ट उदाहरण है। खिलाड़ियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
स्थानीय लोगों और खेल प्रेमियों ने भी इस स्थिति पर गहरी चिंता जताई है। उनका कहना है कि स्टेडियम जिले के युवा खिलाड़ियों के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र है, और इसकी बदहाली से खेल प्रतिभाओं का विकास प्रभावित हो रहा है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि स्टेडियम की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाए, ताकि खिलाड़ी बेहतर माहौल में अभ्यास कर सकें और अपनी प्रतिभा को निखार सकें।
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