‘अभी पिक्चर बाकी है’, पूर्व थलसेना प्रमुख मनोज नरवणे के ट्वीट ने पाकिस्तान को किया बेचैन, भारत की अगले कदम का इंतजार

ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor)’ भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना की संयुक्त कार्रवाई थी, जो 7 मई 2025 को रात 1:05 से 1:30 बजे के बीच अंजाम दी गई। इस ऑपरेशन में भारत ने 24 सटीक मिसाइलों और पहली बार लॉ....

May 8, 2025 - 00:17
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‘अभी पिक्चर बाकी है’, पूर्व थलसेना प्रमुख मनोज नरवणे के ट्वीट ने पाकिस्तान को किया बेचैन, भारत की अगले कदम का इंतजार
पूर्व थलसेना प्रमुख मनोज नरवणे

7 मई 2025 की रात भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor)’ के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में आतंकी ठिकानों पर सटीक हवाई हमले कर दुनिया को अपनी सैन्य ताकत और आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति का परिचय दिया। इस ऑपरेशन ने जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के सरगना मसूद अजहर के परिवार सहित आतंकी संगठनों की कमर तोड़ दी। लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई। ऑपरेशन के कुछ घंटों बाद पूर्व थलसेना प्रमुख जनरल (सेवानिवृत्त) मनोज मुकुंद नरवणे ने एक रहस्यमयी ट्वीट किया—“अभी पिक्चर बाकी है…”—जिसने पाकिस्तान में खलबली मचा दी और भारत की अगली रणनीतिक चाल को लेकर अटकलों का दौर शुरू कर दिया। आइए, इस ट्वीट के मायने, ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) के प्रभाव और पाकिस्तान की बढ़ती टेंशन को विस्तार से समझते हैं।

‘ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor)’ भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना की संयुक्त कार्रवाई थी, जो 7 मई 2025 को रात 1:05 से 1:30 बजे के बीच अंजाम दी गई। इस ऑपरेशन में भारत ने 24 सटीक मिसाइलों और पहली बार लॉइटरिंग म्यूनिशन (आत्मघाती ड्रोन) का उपयोग कर 9 आतंकी ठिकानों को नष्ट किया। यह कार्रवाई 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम के बैसारन घाटी में हुए आतंकी हमले का जवाब थी, जिसमें 25 भारतीय और एक नेपाली नागरिक मारे गए थे।

  • निशाने: जैश-ए-मोहम्मद का बहावलपुर मुख्यालय (मार्कज सुभान अल्लाह), लश्कर-ए-तैयबा का मुरीदके कैंप (जहां 26/11 मुंबई हमले के आतंकी प्रशिक्षित हुए थे), और हिजबुल मुजाहिदीन का सियालकोट ठिकाना (महमूना जॉया फैसिलिटी) नष्ट किए गए।
  • मसूद अजहर का परिवार खत्म: मसूद अजहर ने स्वीकार किया कि बहावलपुर हमले में उनके परिवार के 10 सदस्य (बड़ी बहन, बहनोई, भतीजा, भतीजी, पांच बच्चे) और 4 सहयोगी मारे गए। कुल मिलाकर 70-90 आतंकी ढेर हुए।
  • सटीकता का सबूत: रक्षा मंत्रालय ने कहा कि किसी भी पाकिस्तानी सैन्य ठिकाने या नागरिक को नुकसान नहीं पहुंचा। कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में वीडियो और नक्शों के साथ यह साबित किया।

मनोज नरवणे (Manoj Naravane) का ट्वीट: पाकिस्तान में खलबली

ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) की सफलता के कुछ घंटों बाद पूर्व थलसेना प्रमुख जनरल मनोज नरवणे (Manoj Naravane) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ट्वीट किया: “अभी पिक्चर बाकी है…” इस हिंदी मुहावरे, जिसका अर्थ है “कहानी अभी खत्म नहीं हुई,” ने पाकिस्तान को बेचैन कर दिया।

नरवणे, जो 2019 से 2022 तक भारत के 28वें थलसेना प्रमुख रहे, अपने रणनीतिक और कूटनीतिक बयानों के लिए जाने जाते हैं। उनके इस ट्वीट ने कई सवाल खड़े किए—क्या भारत और बड़ी कार्रवाई की योजना बना रहा है? क्या यह PoK पर कार्रवाई का संकेत है?

  • ट्वीट का मायने: सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, नरवणे का ट्वीट भारत की रणनीतिक तैयारियों और आतंकवाद के खिलाफ निरंतर कार्रवाई का संकेत है। न्यूज18 ने इसे “बड़ी रणनीतिक प्रतिक्रिया” का हिस्सा बताया, जबकि फर्स्टपोस्ट ने लिखा कि यह पाकिस्तान के लिए चेतावनी है कि अगर वह तनाव बढ़ाएगा, तो और हमले हो सकते हैं।
  • सोशल मीडिया पर हलचल: एक्स पर यूजर्स ने नरवणे के ट्वीट को खूब सराहा। @SudarshanNewsTV ने लिखा, “नरवणे की चेतावनी से पाकिस्तान हिल गया!” @ZeeBusiness ने इसे “सस्पेंस बढ़ाने वाला” बताया। कुछ यूजर्स ने इसे PoK को वापस लेने की संभावना से जोड़ा।
  • पाकिस्तान की टेंशन: पाकिस्तानी मीडिया और सोशल मीडिया पर नरवणे के ट्वीट ने बेचैनी बढ़ा दी। एक यूजर ने लिखा, “भारत का अगला कदम क्या होगा? PoK पर हमला?” पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा, “हम तनाव नहीं बढ़ाना चाहते, लेकिन हमला हुआ तो जवाब देंगे।”

नरवणे का इतिहास: पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी का रिकॉर्ड

जनरल मनोज मुकुंद नरवणे (General Manoj Mukund Naravane) ने अपने 40 साल के सैन्य करियर में कई बार पाकिस्तान को कड़ी चेतावनियां दी हैं। 2019 से 2022 तक थलसेना प्रमुख रहते हुए उन्होंने सीमा पर तनाव, गलवान झड़प और कोविड जैसी चुनौतियों का सामना किया।

  • पहलगाम हमले पर बयान: 28 अप्रैल 2025 को नरवणे ने पहलगाम हमले पर कहा था, “पाकिस्तान के नेतृत्व को निशाना बनाना होगा, जहां से आतंकवाद को समर्थन मिलता है।” उन्होंने कूटनीतिक और कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ सैन्य जवाब की वकालत की थी।
  • पाक-चीन साठगांठ पर चेतावनी: 2020 में नरवणे ने कहा था कि सियाचिन और शक्सगाम घाटी में पाकिस्तान और चीन की साठगांठ सबसे बड़ा खतरा है। उनकी यह रणनीतिक सोच ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) की सफलता में भी झलकती है।
  • कूटनीतिक सुझाव: नरवणे ने सुझाव दिया था कि आतंकवादियों के परिवारों को विदेश से निर्वासित किया जाए और पाकिस्तान पर वैश्विक प्रतिबंध लगाए जाएं।

‘ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor)’ ने भारत की सैन्य और तकनीकी श्रेष्ठता को दुनिया के सामने रखा। पहली बार लॉइटरिंग म्यूनिशन का उपयोग इस ऑपरेशन की खासियत थी।

  • लॉइटरिंग म्यूनिशन: ये आत्मघाती ड्रोन आसमान में मंडराते हैं, लक्ष्य की निगरानी करते हैं और 1-10 मीटर की सटीकता से हमला करते हैं। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि भारत ने स्वदेशी और पोलैंड के “वार्मेट” ड्रोन का उपयोग किया।
  • अन्य हथियार: SCALP क्रूज मिसाइल (250 किमी रेंज) और HAMMER बम ने बंकरों और प्रशिक्षण केंद्रों को नष्ट किया।
  • नारी शक्ति: कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में नेतृत्व किया, जो भारत की लैंगिक समानता और सैन्य ताकत का प्रतीक बना।

ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) ने पाकिस्तान को हक्का-बक्का कर दिया। पाकिस्तानी सेना ने दावा किया कि भारत ने “नागरिक क्षेत्रों” पर हमला किया, जिसमें 8 लोग मारे गए, लेकिन कोई सबूत नहीं दिया।

  • सीजफायर उल्लंघन: ऑपरेशन के बाद पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर के भिंबर गली में गोलीबारी की, जिसमें तीन नागरिक मारे गए। भारतीय सेना ने “उपयुक्त जवाब” दिया।
  • आर्थिक झटका: एक्स पर दावों के अनुसार, कराची शेयर बाजार 5000 अंक लुढ़क गया। पाकिस्तान ने हवाई क्षेत्र 48 घंटों के लिए बंद कर दिया और स्कूल-कॉलेज बंद किए।
  • प्रचार युद्ध: पाकिस्तान ने सोशल मीडिया पर “पांच भारतीय विमान मार गिराए” जैसे झूठे दावे किए, जिन्हें भारत ने खारिज किया।

भारत ने ऑपरेशन के बाद तुरंत अमेरिका, ब्रिटेन, रूस, सऊदी अरब और यूएई को कार्रवाई की जानकारी दी। एनएसए अजीत डोभाल ने कई देशों के समकक्षों से बात की।

  • समर्थन: अमेरिका, रूस और सऊदी अरब ने भारत के आतंकवाद विरोधी रुख का समर्थन किया। इजरायल ने कहा, “भारत को आत्मरक्षा का अधिकार है।”
  • चीन की चिंता: चीन ने “तनाव बढ़ने” पर चिंता जताई, लेकिन भारत की कूटनीति ने उसे अलग-थलग कर दिया।
  • पाकिस्तान का दोगलापन: विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने खुलासा किया कि पहलगाम हमले के लिए जिम्मेदार ‘द रेसिस्टेंस फ्रंट’ लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा है, और पाकिस्तान ने UNSC में इसका उल्लेख हटाने की कोशिश की।

नरवणे का ट्वीट: भविष्य की कार्रवाई का संकेत?

नरवणे का ट्वीट कई संभावनाओं की ओर इशारा करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत निम्नलिखित कदम उठा सकता है:

  • PoK पर कार्रवाई: एक्स पर कुछ यूजर्स ने दावा किया कि यह ट्वीट PoK को वापस लेने की योजना का संकेत हो सकता है।
  • आतंकी नेतृत्व पर हमला: नरवणे ने पहले कहा था कि आतंकवाद के “पावर बिहाइंड द थ्रोन” को निशाना बनाना होगा।
  • कूटनीतिक दबाव: भारत पाकिस्तान पर वैश्विक प्रतिबंध और आतंकी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई के लिए दबाव बढ़ा सकता है।

‘ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor)’ ने आतंकवाद के खिलाफ भारत की दृढ़ता को साबित किया, और जनरल मनोज नरवणे (Manoj Naravane) के ट्वीट “अभी पिक्चर बाकी है…” ने पाकिस्तान को यह साफ संदेश दिया कि भारत की कहानी अभी खत्म नहीं हुई। मसूद अजहर के परिवार का सफाया, आतंकी ठिकानों का विनाश और लॉइटरिंग म्यूनिशन जैसे हथियारों का उपयोग भारत की सैन्य और तकनीकी ताकत का प्रतीक है। पीएम नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और एनएसए अजीत डोभाल के नेतृत्व में भारत ने न केवल पहलगाम हमले का बदला लिया, बल्कि दुनिया को दिखाया कि वह आतंकवाद को जड़ से उखाड़ने के लिए तैयार है। नरवणे का ट्वीट पाकिस्तान के लिए एक चेतावनी है—“भारत अब न रुकेगा, न झुकेगा!”

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