Varanasi : वाराणसी में 72वीं सीनियर नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप का शुभारंभ, पीएम मोदी ने वर्चुअल संबोधन किया, टीम भावना पर जोर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उद्घाटन के बाद खिलाड़ियों, जनप्रतिनिधियों और खेल प्रेमियों का स्वागत किया। उन्होंने प्रधानमंत्री के संबोधन के लिए आभार जताया। उन्होंने कहा कि
वाराणसी में खेल इतिहास का नया अध्याय जुड़ गया है। सिगरा स्थित डॉक्टर संपूर्णानंद स्पोर्ट्स स्टेडियम में 72वीं सीनियर नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप का भव्य शुभारंभ हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल रूप से कार्यक्रम में शामिल होकर खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चैंपियनशिप का औपचारिक उद्घाटन किया। कार्यक्रम शुरू होते ही प्रधानमंत्री के जुड़ते ही पूरा स्टेडियम हर-हर महादेव के जयकारों से गूंज उठा। पीएम ने संबोधन की शुरुआत नमः पार्वती पतये हर-हर महादेव के उद्घोष से की और खिलाड़ियों, कोचों तथा आयोजन से जुड़े सभी लोगों का अभिवादन किया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि एक कहावत है- काशी के जाने के हौ तो काशी आवे के पड़ी। अब आप सभी काशी आ गए हैं तो यहां की संस्कृति को भी करीब से समझेंगे। वॉलीबॉल ऐसा खेल है जो टीम फर्स्ट का संदेश देता है। इसमें कोई अकेला नहीं जीतता। टीम की जीत से ही सबकी जीत होती है। यही भावना हमारे देश में भी है- इंडिया फर्स्ट।
उन्होंने कहा कि खेल केवल प्रतियोगिता नहीं बल्कि राष्ट्र निर्माण का माध्यम है। वॉलीबॉल हमें सिखाती है कि जीत अकेले संभव नहीं होती। समन्वय, विश्वास और टीम भावना से ही सफलता मिलती है। राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचना आसान नहीं होता। वर्षों की मेहनत, अनुशासन और संकल्प के बाद खिलाड़ी इस मंच तक पहुंचते हैं।
देश के 28 से अधिक राज्यों की 58 टीमें इस प्रतियोगिता में हिस्सा ले रही हैं। यह एक भारत-श्रेष्ठ भारत की जीवंत तस्वीर है। काशी केवल मोक्ष की भूमि नहीं बल्कि खेल प्रेम की भी भूमि है। यहां कुश्ती, मुक्केबाजी, नौका दौड़ और कबड्डी जैसे खेलों की समृद्ध परंपरा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि 2014 के बाद भारत का खेल मॉडल एथलीट केंद्रित हुआ है। टैलेंट की वैज्ञानिक पहचान, आधुनिक प्रशिक्षण, पोषण और पारदर्शी चयन से खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का मौका मिला है। खेल बजट बढ़ा है और भारत का प्रदर्शन अंतरराष्ट्रीय मंचों पर बेहतर हुआ है। भारत अब खेलों का वैश्विक केंद्र बन रहा है। खेलो इंडिया, राष्ट्रीय खेल नीति और पारदर्शिता ने युवाओं को मंच दिया है। भारत 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स और 2036 ओलंपिक की मेजबानी के लिए गंभीर प्रयास कर रहा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उद्घाटन के बाद खिलाड़ियों, जनप्रतिनिधियों और खेल प्रेमियों का स्वागत किया। उन्होंने प्रधानमंत्री के संबोधन के लिए आभार जताया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन काशी और उत्तर प्रदेश के लिए गौरव का क्षण है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत ने प्राचीन विरासत के साथ आधुनिक विकास का मॉडल प्रस्तुत किया है।
खेल केवल समय बिताने का माध्यम नहीं बल्कि जीवन के सर्वांगीण विकास का आधार है। खेलो इंडिया, फिट इंडिया मूवमेंट और प्रदेश में विकसित हो रही आधुनिक खेल सुविधाओं ने खेल संस्कृति को नई दिशा दी है। 45 वर्षों बाद वाराणसी में यह राष्ट्रीय वॉलीबॉल चैंपियनशिप आयोजित होना खेल इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास का प्रमाण है।
यह काशी में पहली बार इतने बड़े स्तर पर राष्ट्रीय वॉलीबॉल प्रतियोगिता है। स्टेडियम को रंग-बिरंगे झंडों, बैनर और होर्डिंग से सजाया गया था। कार्यक्रम से पहले और मुख्यमंत्री के आगमन पर लोग मोदी-योगी जल्दी आवा और हर-हर महादेव के नारे लगा रहे थे। मंच पर उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक और महापौर अशोक तिवारी ने मुख्यमंत्री को अंगवस्त्र और स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। वंदे मातरम् का गायन हुआ। मुख्यमंत्री ने स्टेडियम के विभिन्न खेल प्रभागों का अवलोकन किया और शूटिंग रेंज में खिलाड़ियों से बात की।
कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक, राज्य मंत्री रविंद्र जायसवाल, डॉक्टर दयाशंकर मिश्र दयालु, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्या, महापौर अशोक तिवारी, विधायक डॉक्टर नीलकंठ तिवारी, हंसराज विश्वकर्मा, धर्मेंद्र राय, रामौतार जाखड़, वीरेंद्र कुंवर, सुनील तिवारी, सौरभ श्रीवास्तव, डॉक्टर अवधेश सिंह, टी राम, क्षेत्र अध्यक्ष दिलीप पटेल, महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरी, कमिश्नर एस राजलिंगम, जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार सहित कई जनप्रतिनिधि, पूर्व सांसद, पूर्व मेयर और अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।
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