Viral: ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद सिंदूर' को घर-घर पहुंचाने की पहल, 9 जून 2025 से शुरू मोदी सरकार का नया अभियान

9 जून 2025 को मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का एक साल पूरा होने जा रहा है। इस अवसर पर सरकार और बीजेपी ने मिलकर एक महीने तक चलने वाला अभियान शु...

May 28, 2025 - 22:35
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Viral: ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद सिंदूर' को घर-घर पहुंचाने की पहल, 9 जून 2025 से शुरू मोदी सरकार का नया अभियान

नई दिल्ली : भारत सरकार ने ‘ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor)’ की सफलता को जन-जन तक पहुंचाने के लिए एक अनूठा अभियान शुरू करने की घोषणा की है। यह अभियान 9 जून 2025 से शुरू होगा और पूरे एक महीने तक चलेगा। इस पहल के तहत, केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) मिलकर देश भर में कार्यक्रम आयोजित करेंगे, जिनमें महिलाओं को मुफ्त सिंदूर वितरित किया जाएगा। यह अभियान न केवल ‘ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor)’ की सैन्य सफलता का जश्न मनाएगा, बल्कि भारतीय संस्कृति में सिंदूर के प्रतीकात्मक महत्व को भी दर्शाता है।

‘ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor)’

‘ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor)’ 7 मई 2025 को शुरू हुआ था, जब भारतीय सशस्त्र बलों ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में नौ आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए। इस हमले में 26 लोग, जिनमें ज्यादातर हिंदू पर्यटक थे, मारे गए थे। आतंकियों ने पीड़ितों को धार्मिक आधार पर निशाना बनाया और हिंदू महिलाओं के सिंदूर को अपमानित करने की कोशिश की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस ऑपरेशन को “आतंकवाद के खिलाफ भारत की नई नीति” करार दिया, जिसमें उन्होंने कहा कि यह “नया सामान्य” है और भारत अब आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करेगा।

ऑपरेशन की सफलता ने न केवल भारत की सैन्य ताकत को प्रदर्शित किया, बल्कि इसे एक सांस्कृतिक प्रतीक के रूप में भी प्रस्तुत किया गया। ‘सिंदूर’ शब्द को ऑपरेशन के नाम के रूप में चुनकर सरकार ने इसे भारतीय महिलाओं के सम्मान और सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ा। इस अभियान ने वैश्विक स्तर पर भी ध्यान आकर्षित किया, जहां जापान टाइम्स और अन्य अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने इसे भारत की आतंकवाद के खिलाफ सख्त नीति के रूप में उजागर किया।

अभियान का उद्देश्य

9 जून 2025 को मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का एक साल पूरा होने जा रहा है। इस अवसर पर सरकार और बीजेपी ने मिलकर एक महीने तक चलने वाला अभियान शुरू करने का फैसला किया है, जिसका नाम ‘घर-घर सिंदूर’ रखा गया है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य ‘ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor)’ की सफलता को जनता तक पहुंचाना और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करना है। इसके तहत, केंद्रीय मंत्री और बीजेपी कार्यकर्ता देश भर में पैदल यात्राएं निकालेंगे, जिनमें वे एक हफ्ते में दो दिन, प्रत्येक दिन 20 से 25 किलोमीटर की यात्रा करेंगे। इन यात्राओं के दौरान, कार्यकर्ता महिलाओं को मुफ्त सिंदूर वितरित करेंगे, जो भारतीय संस्कृति में सुहाग और सम्मान का प्रतीक माना जाता है।

सोशल मीडिया पर इस अभियान की घोषणा ने उत्साह पैदा किया है। @news24tvchannel ने X पर पोस्ट किया, “मोदी सरकार घर-घर पहुंचाएगी सिंदूर, 9 जून से चलेगा अभियान।” इसी तरह, @IBC24News ने लिखा, “घर-घर पहुंचेगा सिंदूर- मोदी सरकार का नया अभियान 9 जून से शुरू, एक महीने तक चलेगा।”

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सिंदूर भारतीय संस्कृति में एक महत्वपूर्ण प्रतीक है, जो विवाहित महिलाओं के लिए उनके पति की लंबी आयु और वैवाहिक जीवन की खुशहाली का प्रतीक माना जाता है। ‘ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor)’ का नामकरण और अब इस अभियान का शुरू होना इस प्रतीक को और मजबूत करता है। सरकार का कहना है कि यह अभियान न केवल आतंकवाद के खिलाफ भारत की जीत का उत्सव है, बल्कि यह भारतीय महिलाओं के सम्मान और उनकी सांस्कृतिक पहचान को बढ़ावा देने का भी प्रयास है।

@Mithileshdhar ने X पर लिखा, “मोदी सरकार ने पतियों को सशक्त बनाने और रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में फैसला लिया है। हमारी गवर्नमेंट घर-घर सिंदूर पहुंचाएगी। इससे सिंदूर की खपत बढ़ेगी, रोजगार के लाखों नए अवसर तैयार होंगे।” इस पोस्ट ने अभियान के आर्थिक और सामाजिक प्रभावों पर भी प्रकाश डाला।

आर्थिक और रोजगार के अवसर

इस अभियान को आर्थिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सरकार का दावा है कि मुफ्त सिंदूर वितरण से इसकी मांग बढ़ेगी, जिससे छोटे और मध्यम उद्यमों (MSMEs) को बढ़ावा मिलेगा। सिंदूर उत्पादन से जुड़े व्यवसायों, जैसे हर्बल और प्राकृतिक उत्पाद निर्माताओं, को नए ऑर्डर मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा, पैदल यात्राओं और आयोजनों में शामिल कार्यकर्ताओं के लिए अस्थायी रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। यह अभियान ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने का भी हिस्सा है, जैसा कि प्रधानमंत्री ने हाल ही में गुजरात के दौरे पर कहा था।

हालांकि, इस अभियान को लेकर सोशल मीडिया पर मिश्रित प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ यूजर्स ने इसे राष्ट्रीय गौरव और सांस्कृतिक पहचान को बढ़ावा देने वाला कदम बताया है। @IBC24News ने इसे “महिलाओं के लिए उपहार” के रूप में प्रस्तुत किया। लेकिन कुछ यूजर्स ने इसकी आलोचना भी की है। @taushif955 ने X पर टिप्पणी की, “ये लो भाइयों एक और अभियान चालू, कभी थाली बजाओ कभी मॉक ड्रिल। ना शिक्षा ना नौकरी हमेशा नया नया अभियान।” यह पोस्ट शिक्षा और रोजगार जैसे मुद्दों पर सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाती है।

‘घर-घर सिंदूर’ अभियान को ‘ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor)’ की सफलता से जोड़कर सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा और सांस्कृतिक एकता का एक शक्तिशाली संदेश देने की कोशिश की है। गृह मंत्री अमित शाह ने इसे “प्रधानमंत्री मोदी की दृढ़ राजनीतिक इच्छाशक्ति और सटीक खुफिया जानकारी” का प्रतीक बताया था। यह अभियान न केवल आतंकवाद के खिलाफ भारत की नीति को मजबूत करता है, बल्कि जनता के बीच एकता और देशभक्ति की भावना को भी बढ़ावा देता है।

इस अभियान के तहत, सरकार ने 9 जून से 9 जुलाई 2025 तक देश भर में विभिन्न कार्यक्रमों की योजना बनाई है। इनमें सांस्कृतिक आयोजन, महिलाओं के लिए जागरूकता शिविर, और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने वाले मेले शामिल हैं। बीजेपी ने इसके लिए एक समिति का गठन भी किया है, जिसमें वरिष्ठ मंत्री और संगठन के महासचिव शामिल होंगे।

‘घर-घर सिंदूर’ अभियान मोदी सरकार की रणनीति का हिस्सा है, जो सैन्य उपलब्धियों को सांस्कृतिक और सामाजिक पहलुओं से जोड़कर जनता के बीच अपनी छवि को मजबूत करता है। यह अभियान ‘ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor)’ की सफलता को न केवल एक सैन्य जीत के रूप में, बल्कि भारतीय संस्कृति और राष्ट्रीय गौरव के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत करता है।

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