भारत की सैन्य शक्ति का शानदार प्रदर्शन, 26 जनवरी को 'ऑपरेशन सिंदूर' फॉर्मेशन से गणतंत्र दिवस परेड में वायुसेना की ताकत।
भारत 26 जनवरी 2026 को अपना 77वां गणतंत्र दिवस मनाएगा। इस अवसर पर दिल्ली के कर्तव्य पथ पर परेड में देश की सैन्य शक्ति का
- 77वें गणतंत्र दिवस पर दिल्ली के कर्तव्य पथ पर भव्य फ्लाईपास्ट, IAF का 'सिंदूर' फॉर्मेशन राफेल-सुखोई-मिग-जगुआर से बनेगा आकर्षण का केंद्र
- ऑपरेशन सिंदूर की याद दिलाएगा वायुसेना का विशेष फॉर्मेशन, 29 विमानों के साथ गणतंत्र दिवस 2026 में सैन्य क्षमता का होगा प्रदर्शन
भारत 26 जनवरी 2026 को अपना 77वां गणतंत्र दिवस मनाएगा। इस अवसर पर दिल्ली के कर्तव्य पथ पर परेड में देश की सैन्य शक्ति का भव्य प्रदर्शन होगा। भारतीय वायुसेना के फ्लाईपास्ट में 'ऑपरेशन सिंदूर' नामक विशेष फॉर्मेशन मुख्य आकर्षण होगा। यह फॉर्मेशन पिछले साल मई में पाकिस्तान के खिलाफ हुए चार दिवसीय सैन्य अभियान की याद दिलाएगा। अभियान अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद शुरू हुआ था जिसमें 26 लोग मारे गए थे। फ्लाईपास्ट में कुल 29 विमान शामिल होंगे। इनमें 16 लड़ाकू विमान, 9 हेलीकॉप्टर और 4 ट्रांसपोर्ट विमान होंगे। ये विमान छह अलग-अलग एयरबेस से उड़ान भरेंगे।
'ऑपरेशन सिंदूर' फॉर्मेशन में सात लड़ाकू विमान शामिल होंगे। इसमें दो राफेल, दो सुखोई-30 एमकेआई, दो मिग-29 और एक जगुआर विमान होंगे। ये सभी विमान ऑपरेशन सिंदूर में सक्रिय रूप से भाग ले चुके थे। यह फॉर्मेशन भारतीय वायुसेना की हवाई श्रेष्ठता और सटीकता का प्रतीक होगा। फ्लाईपास्ट के दौरान ऑपरेशन सिंदूर का ध्वज भी प्रदर्शित किया जाएगा। यह अभियान 7 से 10 मई 2025 तक चला था और पाकिस्तान तथा पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में आतंकी ठिकानों पर सटीक कार्रवाई के लिए जाना जाता है। फॉर्मेशन वायुसेना के थीम 'अचूक, अभेद्य व सटीक' को दर्शाएगा।
फ्लाईपास्ट में अन्य फॉर्मेशन भी शामिल होंगे। वज्रांग फॉर्मेशन में छह राफेल विमान होंगे। वरुण फॉर्मेशन में पी-8आई और दो सुखोई-30 होंगे। अर्जन फॉर्मेशन में सी-130जे और दो सी-295 ट्रांसपोर्ट विमान होंगे। गरुड़ फॉर्मेशन में अपाचे और लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर शामिल होंगे। प्रहार फॉर्मेशन में तीन एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर होंगे जिसमें भारतीय सेना और वायुसेना के हेलीकॉप्टर होंगे। ध्वज फॉर्मेशन में चार एमआई-17 हेलीकॉप्टर होंगे। यह पहली बार है जब फ्लाईपास्ट दो ब्लॉक में होगा और युद्ध सरणी के अनुसार प्रदर्शन होगा।
यह गणतंत्र दिवस परेड ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहली बार हो रही है। परेड में तीनों सेनाओं की मार्चिंग टुकड़ियां, मिसाइलें और स्वदेशी हथियार प्रणालियां शामिल होंगी। वायुसेना का फ्लाईपास्ट सैन्य एकता और आधुनिक क्षमता को दिखाएगा। 'सिंदूर' फॉर्मेशन में शामिल विमान विभिन्न भूमिकाओं में सक्षम हैं। राफेल बहु-भूमिका लड़ाकू विमान है जबकि सुखोई-30 बहु-उद्देश्यीय है। मिग-29 हवाई श्रेष्ठता के लिए जाना जाता है और जगुआर ग्राउंड अटैक में उपयोगी है। यह संयोजन वायुसेना की विविधता दर्शाता है।
परेड की तैयारी में वायुसेना ने प्रेस पूर्वावलोकन किया। इसमें युद्धक क्षमता, वीरतापूर्ण धुनों और पूर्व सैनिकों की विरासत की झलक पेश की गई। फ्लाईपास्ट विभिन्न फॉर्मेशन के माध्यम से वायु शक्ति का प्रदर्शन करेगा। ऑपरेशन सिंदूर फॉर्मेशन विशेष रूप से अभियान की सफलता को समर्पित है। यह प्रदर्शन भारत की सैन्य तैयारियों और संयुक्त अभियानों की मजबूती को उजागर करेगा। परेड में कुल 30 झांकियां होंगी लेकिन वायुसेना का हिस्सा मुख्य फोकस रहेगा।
गणतंत्र दिवस पर यह फ्लाईपास्ट दर्शकों के लिए विशेष होगा। 'सिंदूर' फॉर्मेशन पहली बार प्रदर्शित किया जा रहा है। यह ऑपरेशन की याद दिलाते हुए वर्तमान सैन्य क्षमता दिखाएगा। विमान विभिन्न बेस से उड़ान भरकर समन्वय प्रदर्शित करेंगे। परेड में हेलीकॉप्टर और ट्रांसपोर्ट विमानों के फॉर्मेशन भी शामिल होंगे। यह संपूर्ण सैन्य शक्ति का समग्र चित्रण होगा।
Also Read- Hathras : हाथरस के बालापट्टी में दो समुदायों के बीच हिंसक झड़प, कई घायल
What's Your Reaction?











