Hardoi: कोबरा के डसने पर गुस्से में युवक ने फन चबाकर मार डाला सांप, एक रात में ठीक होकर घर लौटा.
उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है, जो साहस और जोखिम की मिसाल बन गई है। टड़ियावां थाना क्षेत्र के भड़ायल गांव के मजरा पुष्पताली में
उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है, जो साहस और जोखिम की मिसाल बन गई है। टड़ियावां थाना क्षेत्र के भड़ायल गांव के मजरा पुष्पताली में रहने वाले 28 वर्षीय पुनीत 4 नवंबर 2025 को अपने धान के खेत में काम कर रहे थे। अचानक एक चार फीट लंबा काला कोबरा उनके पैर से लिपट गया और उन्हें काट लिया। दर्द से गुस्से में आकर पुनीत ने बिना घबराए सांप को हाथ से पकड़ लिया और उसके फन को अपने दांतों से चबाकर काट डाला। इससे सांप की मौके पर ही मौत हो गई। परिजनों ने पुनीत को तुरंत हरदोई मेडिकल कॉलेज पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उपचार किया। चमत्कारिक रूप से, एक रात के इलाज के बाद ही पुनीत पूरी तरह स्वस्थ हो गए और अगले दिन घर लौट आए। यह घटना गांव से लेकर सोशल मीडिया तक चर्चा का विषय बनी हुई है, जहां लोग पुनीत की बहादुरी की तारीफ कर रहे हैं, लेकिन डॉक्टर इसे बेहद खतरनाक कदम बता रहे हैं।
पुनीत सुरेश चंद्र के बेटे हैं और गांव में किसान परिवार से ताल्लुक रखते हैं। उनका परिवार मुख्य रूप से खेती पर निर्भर है। 4 नवंबर की दोपहर करीब 2 बजे पुनीत धान की फसल की देखभाल कर रहे थे। खेत में काम करते हुए वे झाड़ियों के पास पहुंचे, जहां काला कोबरा छिपा हुआ था। सांप ने तेजी से हमला किया और पुनीत के दाएं पैर की उंगली के पास काट लिया। पुनीत ने बाद में बताया, 'मुझे लगा कि सांप फिर काटेगा। गुस्सा आ गया तो मैंने उसे पकड़ लिया। फन को मुंह में दबाया और दांतों से चबा दिया। सांप तड़पने लगा और मर गया।' यह सब कुछ कुछ ही मिनटों में हुआ। आसपास कोई नहीं था, इसलिए पुनीत ने खुद ही सांप को एक तरफ फेंक दिया और लंगड़ाते हुए घर की ओर बढ़े। रास्ते में उन्हें चक्कर आने लगे, लेकिन हिम्मत नहीं हारी।
घर पहुंचते ही परिवार में हड़कंप मच गया। पुनीत के पिता सुरेश चंद्र ने बताया, 'बेटा खेत से लौटा तो पैर सूजा हुआ था। मुंह में भी खून लगे हुए थे। हमने सोचा अब क्या होगा। तुरंत ट्रैक्टर से उसे अस्पताल ले गए।' परिवार ने पहले स्थानीय वैद्य से सलाह ली, लेकिन सांप जहरीला होने के कारण सीधे हरदोई मेडिकल कॉलेज पहुंचे। वहां इमरजेंसी वार्ड में एंटी-वेनम का इंजेक्शन दिया गया। डॉक्टर शेर सिंह, जो पुनीत का इलाज कर रहे थे, ने कहा, 'रात में भर्ती हुआ था। पैर पर दो स्पष्ट काटने के निशान थे। सांप किंग कोबरा जैसा लग रहा था। लक्षण सामान्य थे – सूजन और हल्का दर्द। लेकिन फन चबाने का काम बहुत रिस्की था। अगर जहर मुंह या गले में फैल जाता, तो जान बचाना मुश्किल होता।' डॉक्टरों ने रात भर निगरानी रखी। सुबह ब्लड टेस्ट सामान्य आने पर छुट्टी दे दी गई। पुनीत को अब कोई समस्या नहीं है।
यह घटना गांव में सनसनी फैला रही है। पड़ोसी गांवों से लोग पुनीत से मिलने आ रहे हैं। एक बुजुर्ग ने कहा, 'पुनीत ने तो सांप का बदला ले लिया। लेकिन हमें सावधान रहना चाहिए।' सोशल मीडिया पर वीडियो और फोटो वायरल हो गए हैं। आजतक ने पहली खबर ब्रेक की, जिसमें पुनीत का इंटरव्यू दिखाया गया। टीवी9 हिंदी और अमर उजाला ने भी कवरेज किया। ट्विटर पर #Hardoi और #BizarreNews ट्रेंड कर रहा है। एक यूजर ने लिखा, 'सांप काटने पर इंसान का सांप को काटना – ये तो फिल्मी सीन है!' लेकिन विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं। स्नेक एक्सपर्ट डॉ. राजेश कुमार ने कहा, 'कोबरा का जहर न्यूरोटॉक्सिक होता है। काटने पर तुरंत अस्पताल जाएं। सांप को मारना ठीक है, लेकिन चबाना खतरनाक। मुंह में घाव हो सकता है।' भारत में हर साल 50 हजार सांप काटने से मौतें होती हैं। उत्तर प्रदेश में अक्टूबर-नवंबर में धान की फसल के दौरान सांपों का खतरा बढ़ जाता है।
हरदोई जिला गंगा के मैदानी इलाके में है, जहां नदियां और खेत सरीसृपों के लिए आकर्षण हैं। स्थानीय लोग बताते हैं कि भड़ायल जैसे गांवों में काले कोबरा आम हैं। सरकारी अभियान के तहत स्नेक बाइट जागरूकता कार्यक्रम चलते हैं, लेकिन ग्रामीण इलाकों में पहुंच कम है। पुनीत की बहादुरी से प्रेरित होकर कुछ युवा कह रहे हैं कि वे भी सतर्क रहेंगे। परिवार ने सांप का शव एक गड्ढे में दफना दिया। पुनीत अब आराम कर रहे हैं और खेत का काम अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। डॉक्टरों ने सलाह दी कि कम से कम एक हफ्ते तक भारी काम न करें।
What's Your Reaction?











