हैलो इंडिया... ये वीडियो आपके लिए': ब्राजीलियन मॉडल लैरिसा नेरी ने राहुल गांधी के वोट चोरी दावे पर तोड़ी चुप्पी।
भारतीय राजनीति में एक अजीबोगरीब मोड़ आ गया है, जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने हरियाणा विधानसभा चुनाव 2024 में वोट चोरी के आरोप लगाते हुए एक ब्राजीलियन
भारतीय राजनीति में एक अजीबोगरीब मोड़ आ गया है, जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने हरियाणा विधानसभा चुनाव 2024 में वोट चोरी के आरोप लगाते हुए एक ब्राजीलियन महिला की तस्वीर को सबूत के तौर पर पेश किया। 5 नवंबर 2025 को दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल ने दावा किया कि यह तस्वीर हरियाणा के राय विधानसभा क्षेत्र की वोटर लिस्ट में 22 बार अलग-अलग नामों से दर्ज है। नाम जैसे सीमा, स्वीटी, सरस्वती, रश्मि और विमला। उन्होंने इसे 'हाइड्रोजन बम' करार देते हुए कहा कि यह केंद्रीकृत साजिश का प्रमाण है, जिसमें कुल 25 लाख फर्जी वोट डाले गए। लेकिन अब इस तस्वीर की असल मालकिन, ब्राजील की लैरिसा नेरी ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर कर अपनी पूरी कहानी बता दी है। लैरिसा ने कहा, 'हैलो इंडिया... ये वीडियो आपके लिए।' वह हैरानी और हंसी के मिश्रण में हैं कि उनकी पुरानी फोटो कैसे भारतीय चुनावी घोटाले का केंद्र बन गई। यह मामला अब सोशल मीडिया पर मीम्स और बहस का विषय बन चुका है, लेकिन सच्चाई डेटा एरर और स्टॉक इमेज के गलत इस्तेमाल की ओर इशारा करती है।
राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस ने पूरे देश को हिला दिया। उन्होंने स्लाइड शो दिखाते हुए कहा कि यह तस्वीर 10 अलग-अलग बूथों पर इस्तेमाल हुई और चुनाव आयोग ने डुप्लिकेट एंट्री हटाने के लिए उपलब्ध सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल नहीं किया। कांग्रेस का दावा था कि हरियाणा में 19.26 लाख बल्क वोटर, 5.21 लाख डुप्लिकेट और 93,174 अमान्य वोटर थे। राहुल ने कहा, 'यह कोई बूथ लेवल की गलती नहीं, बल्कि केंद्रीय स्तर पर सिस्टम में घुसपैठ है।' प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब किसी ने तस्वीर पर सवाल उठाया कि यह महिला हरियाणा की नहीं लगती, तो राहुल ने जवाब दिया, 'लेकिन यह 22 बार हरियाणा में वोट डाल रही है।' भाजपा ने इसे खारिज करते हुए कहा कि कांग्रेस हार मानने के बाद बहाने बना रही है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने टिप्पणी की, 'राहुल का एटम बम कभी फूटता ही नहीं।' चुनाव आयोग ने 6 नवंबर को स्पष्टीकरण दिया कि वायरल स्क्रीनशॉट पुरानी डेटाबेस से हैं और डिजिटल रूप से बदले गए हैं। आयोग ने पूछा कि अगर डुप्लिकेट थे, तो कांग्रेस के पोलिंग एजेंट्स ने समय पर आपत्ति क्यों नहीं की?
लैरिसा नेरी कौन हैं? वह ब्राजील के बेलो होरिजोंटे शहर की रहने वाली हैं, जो मिनास गेरैस राज्य की राजधानी है। लैरिसा का जन्म 1990 के दशक में हुआ और वह अब 30 के दशक में हैं। वह खुद को मॉडल नहीं, बल्कि हेयरड्रेसर बताती हैं। उनका अपना सैलून है, जहां वे बालों की स्टाइलिंग और ब्यूटी सर्विसेज देती हैं। लैरिसा एक डिजिटल इन्फ्लुएंसर भी हैं, जो इंस्टाग्राम पर ब्यूटी टिप्स शेयर करती हैं। उनकी जिंदगी सामान्य है – परिवार, दोस्त और काम। लेकिन 2017 में एक दोस्त, फोटोग्राफर माथ्यूस फेरारो ने उनकी कुछ तस्वीरें लीं। माथ्यूस ने इन्हें फ्री स्टॉक इमेज वेबसाइट अनस्प्लैश पर अपलोड कर दिया, जहां कोई भी इन्हें डाउनलोड कर सकता है। तस्वीर में लैरिसा नीली डेनिम जैकेट में मुस्कुराती नजर आ रही हैं। यह फोटो इतनी पॉपुलर हुई कि सोशल मीडिया पर फेक प्रोफाइल्स बनाने के लिए इस्तेमाल हुई। लेकिन किसी ने सोचा नहीं था कि यह भारतीय वोटर लिस्ट में घुस जाएगी।
लैरिसा का वीडियो 6 नवंबर को वायरल हुआ। पोर्टुगीज भाषा में रिकॉर्ड किए गए इस वीडियो को एआई ट्रांसलेशन से हिंदी और इंग्लिश में अनुवाद किया गया। लैरिसा हंसते हुए कहती हैं, 'दोस्तों, ये मजाक जैसा लग रहा है। तुम्हें हंसी आ रही है न? मैं बताती हूं। मेरी पुरानी फोटो का इस्तेमाल हो रहा है। वो फोटो पुरानी है, ठीक है? मैं उसमें बहुत जवान लग रही हूं – शायद 18 या 20 साल की।' वह आगे कहती हैं, 'मुझे पता चला कि ये भारत में वोटिंग या चुनाव से जुड़ा है। वे मुझे भारतीय महिला दिखा रहे हैं और लोगों को ठग रहे हैं। ये क्या पागलपन है? मैं कभी भारत नहीं गई। मुझे पत्रकारों ने फोन किया, तब पता चला।' लैरिसा ने कहा कि वह सोच रही थीं कि ये एआई जेनरेटेड है, लेकिन असल में उनकी ही फोटो है। उन्होंने जोड़ा, 'मैं ब्राजीलियन हूं, डिजिटल इन्फ्लुएंसर और हेयरड्रेसर। मुझे भारतीय लोगों से प्यार है, लेकिन ये सब क्या हो रहा है?' वीडियो के अंत में उन्होंने कहा, 'हैलो इंडिया... ये वीडियो आपके लिए।' कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनाते ने इसे ट्विटर पर शेयर किया, जिससे लाखों व्यूज हो गए।
ब्राजीलियन फैक्ट-चेकिंग एजेंसी 'आओस फाटोस' ने लैरिसा से संपर्क किया। उन्होंने पुष्टि की कि फोटो 2017 की है और माथ्यूस फेरारो ने ली थी। माथ्यूस ने अनस्प्लैश से फोटो हटा ली है और उनका इंस्टाग्राम अकाउंट डिएक्टिवेट हो गया है, शायद हैरानी से। लैरिसा ने कहा कि उन्हें कोई राजनीतिक कनेक्शन नहीं है। एनडीटीवी को दिए इंटरव्यू में लैरिसा ने बताया, 'मैंने सोचा ये एआई है, लेकिन ये मेरी फोटो है। मैं भारत की राजनीति से दूर हूं।' इंटरनेट पर रिवर्स इमेज सर्च से तस्वीर की उत्पत्ति पता चली। अब यह मामला पहचान चोरी का रूप ले चुका है। विशेषज्ञ कहते हैं कि स्टॉक इमेज का गलत इस्तेमाल आम है, लेकिन सरकारी डेटाबेस में घुसना गंभीर है।
सोशल मीडिया पर तहलका मच गया है। ट्विटर पर #VoteChori और #BrazilianModel ट्रेंड कर रहे हैं। मीम्स में लैरिसा को 'हरियाणा की नई वोटर' कहा जा रहा है। एक यूजर ने लिखा, 'राहुल का हाइड्रोजन बम ब्राजील पहुंच गया!' ब्राजील में भी चर्चा हो रही है। लैरिसा को भारतीय फॉलोअर्स मिल गए हैं। कुछ यूजर्स कहते हैं कि यह सिस्टम की कमजोरी दिखाता है, जबकि अन्य राहुल के दावे को मजबूत मानते हैं। आजतक और इंडिया टुडे की ग्राउंड रिपोर्ट में राय क्षेत्र के गांवों में जाकर पाया गया कि कई मामलों में क्लेरिकल एरर हैं – मृत लोगों का नाम न हटना, शिफ्ट हुए वोटर्स का डेटा पुराना रहना। एक परिवार ने कहा कि उनकी मां की फोटो गलत लगी है। बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) ने बताया कि ऐप पर वेरिफिकेशन में सिग्नल की कमी से गड़बड़ी होती है।
चुनाव आयोग ने कहा कि स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) से डुप्लिकेट हटाए जाते हैं। लेकिन विपक्ष का कहना है कि पारदर्शिता की कमी है। हरियाणा में भाजपा ने 48 सीटें जीतीं, राय में जीत 4,673 वोटों से हुई। अगर 22 फर्जी वोट भी असर डालते, तो नतीजे बदल सकते थे। विशेषज्ञों का कहना है कि वोटर लिस्ट को आधार से मजबूती से लिंक करें। ब्राजीलियन मीडिया ने इसे 'इंडियन इलेक्शन का ब्राजीलियन ट्विस्ट' कहा। लैरिसा ने कहा कि वह डर नहीं रही, लेकिन सच्चाई सामने आनी चाहिए।
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