Bajpur : उत्तराखंड में अपराध पर सख्ती और पीड़ितों के प्रति संवेदना का नया मॉडल
कुछ उदाहरण इस बदलाव को दिखाते हैं। एक महिला पर्यटक के साथ मारपीट की घटना पर पुलिस ने तुरंत पहुंचकर कार्रवाई की। बाद में फीडबैक में पीड़िता ने त्वरित और प्रभावी काम
ब्यूरो चीफ : आमिर हुसैन
उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में पुलिस व्यवस्था को जनसेवा और भरोसे से जोड़ा जा रहा है। कुमाऊं परिक्षेत्र में यह बदलाव साफ दिख रहा है, जहां आईजी रिद्धिम अग्रवाल के निर्देशन में डायल 112 सेवा को तेज, संवेदनशील और परिणाम आधारित बनाया गया है। अब सिर्फ कॉल का जवाब देना काफी नहीं, बल्कि पीड़ित की संतुष्टि और सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है।
रिद्धिम अग्रवाल के स्पष्ट निर्देश हैं कि तेज पहुंच के साथ पीड़ित की संतुष्टि पुलिस की असली कसौटी है। हर गंभीर कॉल की उच्च स्तर पर समीक्षा होती है। पुलिस कार्रवाई के बाद पीड़ित से सीधे फीडबैक लिया जाता है। अगर लापरवाही या सिर्फ औपचारिकता दिखी तो जवाबदेही तय की जाती है। अगर कोई पुलिसकर्मी सूचना पर कार्रवाई में ढिलाई बरते तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। इससे जनता का पुलिस पर विश्वास बढ़ेगा और हर सूचना पर ठोस एक्शन सुनिश्चित होगा।
डायल 112 अब सिर्फ आपातकालीन नंबर नहीं रहा, बल्कि जनता के भरोसे का माध्यम बन गया है। गंभीर मामलों जैसे हत्या, महिला अपराध, लूट, एससी/एसटी से जुड़े मामले, मानव तस्करी, स्नैचिंग और वरिष्ठ नागरिकों की मदद में विशेष फीडबैक व्यवस्था लागू है। आंकड़े बताते हैं कि कुल 3432 गंभीर कॉल आईं, जिनमें महिला अपराध से जुड़े 3016, वरिष्ठ नागरिकों से 87, तस्करी से 216, एससी/एसटी से 14, स्नैचिंग से 76, हत्या से 10 और लूट से 13 मामले थे। पुलिस ने हर कॉल को गंभीरता से लिया और पीड़ित को प्राथमिकता दी।
कुछ उदाहरण इस बदलाव को दिखाते हैं। एक महिला पर्यटक के साथ मारपीट की घटना पर पुलिस ने तुरंत पहुंचकर कार्रवाई की। बाद में फीडबैक में पीड़िता ने त्वरित और प्रभावी काम की सराहना की तथा सुरक्षा का अहसास जताया। एक परिवार के युवक को नशे की लत से मुक्त कराने में पुलिस ने मदद की, जिससे वह परिवार में वापस लौटा और नशे से दूर हुआ। परिवार ने पुलिस का धन्यवाद किया। चम्पावत में सड़क दुर्घटना की सूचना पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घायल को अस्पताल पहुंचाया और परिजनों को सूचित किया। हाईवे पर 11 वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म के प्रयास में आरोपी को तुरंत गिरफ्तार किया गया। परिवार ने पुलिस की संवेदनशीलता की तारीफ की। एक वरिष्ठ नागरिक की मदद की सूचना पर पुलिस ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया और करुणा दिखाई।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सोच है कि शासन की सफलता योजनाओं की संख्या से नहीं, बल्कि जनता के अनुभव और भरोसे से तय होती है। महिला, बच्चे और वरिष्ठ नागरिकों के मामलों में संवेदनशीलता सबसे ऊपर है। आपात सेवाओं में देरी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पुलिस का मूल्यांकन पीड़ित की संतुष्टि से होगा। रिद्धिम अग्रवाल के नेतृत्व में कुमाऊं पुलिस भय से भरोसे की ओर बढ़ रही है। सख्ती और संवेदनशीलता का यह संतुलन पुलिसिंग का नया चेहरा बना रहा है।
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