Sitapur: भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई जन्म शताब्दी समारोहम कार्यक्रम का हुआ आयोजन।
संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार के सहयोग से संस्था रवींद्रनाथ टैगोर ग्रामोत्थान एवं शिक्षा प्रसार संस्थान , लखनऊ द्वारा सत्संग भवन
रिपोर्ट: सुरेंद्र कुमार
सीतापुर: संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार के सहयोग से संस्था रवींद्रनाथ टैगोर ग्रामोत्थान एवं शिक्षा प्रसार संस्थान , लखनऊ द्वारा सत्संग भवन, मिश्रिख नैमिषारण्य , सीतापुर में तीन दिवसीय भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई जन्म शताब्दी समारोह आयोजित किया गया।
जिसमें मुख्य अतिथि अशोक रावत सांसद मिश्रिख, व श्री श्री 1008 स्वामी शस्वतानंद जी महाराज, शांतिकुंज नैमिषारण्य सीतापुर एवं विशिष्ट अतिथि अजय भार्गव पूर्व जिलापंचायत अध्यक्ष सीतापुर श्री डंका वाले बाबा महन्त नारायण दास जी महाराज , महंत संतोष दास खाकीजी, पवन दास महाराज, विमलानंद सरस्वती महाराज काली पीठाधीश गोपाल शास्त्री महाराज, राम गोपाल अवस्थी अध्यक्ष गन्ना समिति रौनक तिवारी सभासद आदि लोग उपस्थित रहे।
संस्था के अध्यक्ष फ़लेश कुमार बाजपेई जी ने भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेई के जीवन पर चर्चा करते हुए बताया कि अटल बिहारी वाजपेयी का जन्म 25 दिसंबर 1924 को ग्वालियर में हुआ था। उन्होंने ग्वालियर के विक्टोरिया कॉलेज से राजनीति विज्ञान में स्नातक की उपाधि प्राप्त की और बाद में कानपुर के डीएवी कॉलेज से राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर की डिग्री प्राप्त की। वे तीन बार भारत के प्रधानमंत्री बने और अपने कार्यकाल में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए। काव्य और साहित्य अटल बिहारी वाजपेयी एक अच्छे कवि और लेखक भी थे। उनकी कविताओं में देशभक्ति और सामाजिक मुद्दों पर विचार व्यक्त किए गए हैं।
मुख्य अतिथि अशोक रावत,मिश्रिख ने बताया कि श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी एक कुशल नेता और कूटनीतिज्ञ थे। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की स्थिति को मजबूत किया और विभिन्न देशों के साथ संबंधों को सुधारने के लिए कूटनीतिक दृष्टिकोण अपनाया।
अटल बिहारी वाजपेयी का जीवन और उनके विचार आज भी प्रेरणा का स्रोत हैं। उनके नेतृत्व और कवित्व ने उन्हें एक अद्वितीय व्यक्तित्व बनाया। संस्था द्वारा जाट कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया जिसमें जिसमें विभिन्न कवियों द्वारा अपनी प्रस्तुतियां दी, कवियों में जगदीप शुक्ल अंचल, शिव किशोर तिवारी खंजन, जगजीवन मिश्रा, उन्नति शर्मा, अनुभव अज्ञानी, अर्पित मिश्रा तेजस, सुनीत बाजपेई आदि कवियों ने अपनी विभिन्न कविताओं द्वारा सत्संग भवन में बैठे सभी जनमानस का मन मोह लिया।
इसके उपरांत अमित दीक्षित की टीम द्वारा श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेई के जन्म, बाल्यावस्था, युवा अटल, विद्यार्थी जीवन, राष्ट्रीय स्वयंसेवक नाट्य प्रस्तुति, कारगिल युद्ध प्रस्तुति, लोकसभा में उनके भाषणों का प्रस्तुति आदि पर प्रस्तुति की गई श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेई के जीवन चरित्र पर संगीतमय संस्कृतिक कार्यक्रम एवं विभिन्न प्रस्तुतियां प्रस्तुत की गई अंत में वरिष्ठ नागरिक सम्मान समारोह का भी आयोजन किया गया जिसमें 101 लोगों को अंग वस्त्र एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर उनका सम्मान किया गया।
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