बिहार चुनाव 2025: खराब मौसम के कारण गोपालगंज की रैली में नहीं पहुंच पाए RJD नेता तेजस्वी यादव, फोन से किया रैली को संबोधित।
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के बीच खराब मौसम ने राजनीतिक दलों की मुहिमों को पटरी से उतार दिया। राष्ट्रीय जनता दल के नेता और महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के बीच खराब मौसम ने राजनीतिक दलों की मुहिमों को पटरी से उतार दिया। राष्ट्रीय जनता दल के नेता और महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव पटना से गोपालगंज की एक चुनावी रैली में व्यक्तिगत रूप से नहीं पहुंच सके। साइक्लोन मोंथा के असर से हेलीकॉप्टर उड़ान की अनुमति न मिलने के कारण वे घर से ही फोन पर रैली को संबोधित करने को मजबूर हो गए। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें तेजस्वी भीड़ से जुड़ते हुए एनडीए सरकार पर हमला बोलते नजर आ रहे हैं। घटना शनिवार एक नवंबर को हुई, जब पूरे बिहार में बारिश और तेज हवाओं ने कई नेताओं के कार्यक्रम प्रभावित किए। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी गोपालगंज सहित अन्य जिलों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से रैलियां संबोधित कीं। तेजस्वी का यह संबोधन न केवल मौसम की मार को दर्शाता है, बल्कि चुनावी जंग में विपक्ष की आक्रामकता को भी दिखाता है। बिहार की 243 सीटों पर दो चरणों में छह और ग्यारह नवंबर को मतदान होगा, जबकि परिणाम चौदह नवंबर को आएंगे।
यह घटना बिहार चुनावी माहौल की तीव्रता को उजागर करती है। तेजस्वी यादव ने शनिवार को मूल रूप से गोपालगंज सहित वैशाली, समस्तीपुर और अन्य जिलों में 16 रैलियां करने का कार्यक्रम बनाया था। लेकिन पटना में सुबह से ही घना कोहरा, बारिश और तेज हवाओं ने हवाई यात्रा को असंभव बना दिया। आरजेडी के एक प्रवक्ता ने बताया कि हेलीकॉप्टर उड़ान के लिए डीजीसीए ने अनुमति देने से इनकार कर दिया, क्योंकि सुरक्षा जोखिम अधिक था। तेजस्वी ने घर से ही मोबाइल फोन पर गोपालगंज की रैली को संबोधित किया। वीडियो में वे स्क्रीन पर दिखाई दे रहे हैं, जहां नीले रंग की शर्ट पहने मुस्कुराते हुए बोल रहे हैं। उन्होंने कहा, "मैं आप सभी से माफी मांगता हूं कि खराब मौसम के कारण व्यक्तिगत रूप से नहीं आ सका। लेकिन यह चुनाव बिहार के भविष्य का है। एनडीए की जंगलराज वाली नीतियों को उखाड़ फेंकना होगा।" तेजस्वी ने रोहतास जिले में हाल ही में हुई गोलीबारी की घटना का जिक्र किया और कहा, "प्रधानमंत्री प्रमाणित अच्छी सरकार? यह तो जंगलराज ही है।" वीडियो में रैली स्थल पर हजारों समर्थक जमा हैं, जो नारों से गुंजायमान है। यह क्लिप ट्विटर और फेसबुक पर लाखों बार देखी जा चुकी है, जहां यूजर्स इसे तेजस्वी की मेहनत का प्रतीक बता रहे हैं।
खराब मौसम ने पूरे बिहार की चुनावी गतिविधियों पर ब्रेक लगा दिया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को गोपालगंज, वैशाली और समस्तीपुर में रैलियां करनी थीं, लेकिन हेलीकॉप्टर उड़ान रद्द होने से वे पटना के एक होटल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संबोधित करने को मजबूर हो गए। शाह ने गोपालगंज रैली में कहा, "यह चुनाव बिहार के विकास और जंगलराज के बीच की लड़ाई है। अगर आरजेडी सत्ता में आई तो पुराना जंगलराज लौट आएगा।" उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के भाई साधु यादव के पुराने मामलों का जिक्र किया और चेतावनी दी कि बिहार फिर अपमान का विषय न बने। इसी तरह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के कार्यक्रम भी प्रभावित हुए। प्रियंका की खगड़िया रैली स्थगित हो गई, जबकि नड्डा ने सड़क मार्ग से कुछ जगहों पर पहुंचने की कोशिश की। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की दरभंगा और पाारू में रैलियां रद्द हो गईं, लेकिन उन्होंने सड़क शो कर एनडीए उम्मीदवारों का समर्थन किया। आरजेडी के एक नेता ने बताया कि तेजस्वी ने दिन भर में पांच रैलियों को फोन से संबोधित किया, जो उनकी चुनावी रणनीति का हिस्सा है।
बिहार चुनाव 2025 की यह घटना राजनीतिक दलों की चुनौतियों को सामने लाती है। बिहार में साइक्लोन मोंथा के असर से कई जिलों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई। मौसम विभाग ने चेतावनी दी थी कि एक नवंबर को पटना, गोपालगंज, सारण और दरभंगा में भारी बारिश हो सकती है। इससे न केवल हवाई यात्रा प्रभावित हुई, बल्कि सड़क मार्ग पर भी यातायात बाधित रहा। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ही दरभंगा पहुंच सके, जहां उन्होंने आरजेडी के भोला यादव के समर्थन में रैली की। तेजस्वी की गोपालगंज रैली गोपालगंज विधानसभा क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण थी, क्योंकि यह लालू प्रसाद यादव का गढ़ माना जाता है। यहां आरजेडी का मजबूत आधार है, और तेजस्वी ने विकास, रोजगार और कानून व्यवस्था पर जोर दिया। वीडियो में वे कहते दिख रहे हैं, "एनडीए ने बीस साल सत्ता में रहकर बिहार को सबसे गरीब राज्य बनाया। हम नौकरियां, शिक्षा और स्वास्थ्य में क्रांति लाएंगे।" यह संबोधन महागठबंधन के 'तेजस्वी प्रण पत्र' से जुड़ा था, जिसमें एक करोड़ नौकरियां, कौशल जनगणना और ऋण माफी जैसे वादे हैं।
सोशल मीडिया पर वीडियो की बाढ़ आ गई है। ट्विटर पर #TejashwiYadavGopalganj और #BiharElection2025 जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, "मौसम ने रोका, लेकिन तेजस्वी की आवाज नहीं रुकी। यह है सच्ची सेवा।" एक अन्य ने कहा, "एनडीए वाले वीडियो कॉल से बोलते हैं, लेकिन ट्रॉफी तो हम जीतेंगे।" वीडियो में तेजस्वी की भावुक अपील ने समर्थकों को जोड़ दिया। आरजेडी कार्यकर्ताओं ने इसे प्रचारित किया, जबकि भाजपा ने तंज कसा कि विपक्ष हार मान चुका है। तेजस्वी ने एक ट्वीट में लिखा, "बारिश रुकाएगी नहीं, बिहार की जनता की आवाज को। गोपालगंज के बहनों-भाइयों, आपका प्यार ही मेरी ताकत है।" यह घटना विपक्ष की रणनीति को मजबूत करती है, क्योंकि तेजस्वी ने दस रैलियां प्रतिदिन करने का लक्ष्य रखा है। चुनाव प्रचार के आखिरी दिनों में वे 120 रैलियां करने वाले हैं।
यह मौसम संबंधी बाधा बिहार चुनाव के इतिहास में नई नहीं है। 2020 के चुनावों में भी बारिश ने कई कार्यक्रम प्रभावित किए थे। लेकिन इस बार साइक्लोन का असर ज्यादा गंभीर है। विपक्ष ने इसे एनडीए की विफलता बताया, कहते हुए कि सरकार बाढ़ प्रबंधन में नाकाम रही। तेजस्वी ने रोहतास गोलीबारी का जिक्र कर कहा, "जंगलराज की बात करते हैं, लेकिन अपराधी सत्ता के संरक्षक हैं।" भाजपा ने जवाब दिया कि आरजेडी पुरानी गलतियां दोहरा रही है। अमित शाह ने वर्चुअल रैली में कहा, "नीतीश कुमार ने बिहार को अपमान से उबारा। अब विकास की बारी है।" चुनाव आयोग ने मोकामा हिंसा के बाद पटना एसपी का तबादला किया, जो कानून व्यवस्था पर सवाल उठाता है।
तेजस्वी यादव का राजनीतिक सफर प्रेरणादायक है। लालू प्रसाद के बेटे के रूप में वे 2015 से सक्रिय हैं। उपमुख्यमंत्री रह चुके तेजस्वी ने 2020 में महागठबंधन को मजबूत किया। इस बार वे सीएम पद के दावेदार हैं। गोपालगंज रैली में उन्होंने महिलाओं को दस हजार रुपये मासिक सहायता, युवाओं को नौकरियां और किसानों को ऋण माफी का वादा दोहराया। वीडियो वायरल होने से उनकी पहुंच बढ़ी। समर्थक कहते हैं कि यह तकनीक का इस्तेमाल चुनावी हथियार बन गया। आरजेडी ने वीडियो को एडिट कर प्रचार सामग्री बनाई।
यह घटना बिहार की राजनीति को नई दिशा दे सकती है। चुनाव में विकास, बेरोजगारी और कानून व्यवस्था मुद्दे प्रमुख हैं। एनडीए ने एक करोड़ नौकरियां देने का वादा किया, जबकि महागठबंधन ने संपर्क भर्ती खत्म करने का। तेजस्वी ने कहा कि एनडीए का संकल्प पत्र झूठा है। खराब मौसम के बावजूद प्रचार चरम पर है। रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आरा, नवादा में रैलियां करेंगे और पटना में रोड शो। तेजस्वी ने कहा कि जनता बदलाव चाहती है। वीडियो से उत्साह बढ़ा है। गोपालगंज के कार्यकर्ता कहते हैं कि तेजस्वी की अनुपस्थिति में भी रैली सफल रही।
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