Sambhal News: बाल योगी दीनानाथ की चेतावनी- पाँच मिनट में अगर तुम्हारे रक्त की एक बूंद इस धरती पर रह जाए।
पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद हिंसा को लेकर विश्व हिंदू परिषद कार्यकर्ताओं ने रविवार को विरोध प्रदर्शन किया। उपजिलाधिकारी कार्यालय ....
उवैस दानिश, सम्भल
पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद हिंसा को लेकर विश्व हिंदू परिषद कार्यकर्ताओं ने रविवार को विरोध प्रदर्शन किया। उपजिलाधिकारी कार्यालय पर पहुंचकर राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी को सौंपा दिया। जिसमें पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन लागू करने और उपद्रवियों पर कार्रवाई करने की मांग की गई। ज्ञापन सौंपने से पहले क्षेमनाथ मंदिर के मुख्य पुजारी बाल योगी दीनानाथ ने जनसमूह को संबोधित किया गया। उन्होंने मुर्शिदाबाद समेत पश्चिम बंगाल के विभिन्न क्षेत्रों में हिंदू समुदाय के विरुद्ध हुई सुनियोजित हिंसा की निंदा की गई।
उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल का मुर्शिदाबाद पहला स्थान नहीं है इससे पहले भी कई जगह पर ऐसा हो चुका है कश्मीर को भी हमें छोड़कर भागना पड़ा, पाकिस्तान को भी हमने छोड़कर भागना पड़ा। केरल के कुछ हिस्सों में हिंदू सही प्रकार से रह नहीं पा रहे हैं। अपना सम्भल भी बहुत बड़ा मुस्लिम गढ़ है। यह समय आपस में जातिवाद में ऊंचनीच में भेदभाव में बंटने का नहीं है। एक साथ इकट्ठा होने का है ज्ञापन की प्रक्रिया हर जगह चलती रहती है आपको बचाने कोई सरकार नहीं आएगी कोई सरकार आपके घर की सुरक्षा करने नहीं आएगी, अपने घर की सुरक्षा आप लोगों को खुद करनी पड़ेगी।
अगर घर में कोई हमला करने का प्रयास करें तो साम दाम दंड भेद कुछ भी क्यों न करना पड़े अपनी बहन बेटी की रक्षा के लिए दूसरे का शीश काटना पड़े तो काटो। कब तक मरते रहोगे उन लोगों ने 56 से अधिक देश बना लिए हमारे पास कहने के लिए एकमात्र भारत देश बचा है वो भी केवल नाम का बचा है। अभी धमकियां मिलती है 15 मिनट की, एक बार पूरे भारत का हिंदू समाज इकट्ठा होकर उनसे कहे तुम 15 मिनट चिल्लाते रहो हमे केवल पाँच मिनट दो, पांच मिनट में अगर तुम्हारे रक्त की एक बूंद इस धरती पर रह जाए, एक बार मौका तो देकर देखो केवल बातें बनाने से काम नहीं चलता कभी रण का मैदान भी अपनाओ। हिंदू ने आज तक पहले शास्त्र नहीं उठाया है लेकिन जब-जब शस्त्र उठाया है तो छोड़ भी नहीं है।
हिंदू राष्ट्र की भी मांग होनी चाहिए और बंगाल में राष्ट्रपति शासन लगाना चाहिए जिससे वहां हिंदू समाज का पलायन रोका जा सके। ज्ञापन में कहा गया कि हिंदू परिवारों के घर जला दिए गए, महिलाओं के साथ अभद्रता हुई। लोगों को बेरहमी से पीटा गया। भय और असुरक्षा का माहौल इतना गहरा है कि पीड़ित अपने घरों में लौटने से डर रहे हैं। राष्ट्रपति के नाम दिए ज्ञापन में कहा है कि पीड़ित हिंदू परिवारों को त्वरित मुआवजा और पुनर्वास सुनिश्चित किया जाए। दंगों में लिप्त अपराधियों की संपत्ति जब्त करके उनसे ही नुकसान की भरपाई कराई जाए। ज्ञापन के माध्यम से परिषद ने स्पष्ट किया कि यह केवल पश्चिम बंगाल का नहीं, बल्कि पूरे देश के हिंदू समाज का मामला है।
What's Your Reaction?











