रोहतक पीजीआई में फर्जी डॉक्टर पकड़ा गया- इंटर्न दोस्त की जगह कर रहा था मरीजों का इलाज।

हरियाणा के रोहतक स्थित पंडित भगवत दयाल शर्मा पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (पीजीआईएमएस) में 7 अगस्त 2025 को एक ....

Aug 8, 2025 - 15:39
 0  193
रोहतक पीजीआई में फर्जी डॉक्टर पकड़ा गया- इंटर्न दोस्त की जगह कर रहा था मरीजों का इलाज।
रोहतक पीजीआई में फर्जी डॉक्टर पकड़ा गया- इंटर्न दोस्त की जगह कर रहा था मरीजों का इलाज।

हरियाणा के रोहतक स्थित पंडित भगवत दयाल शर्मा पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (पीजीआईएमएस) में 7 अगस्त 2025 को एक चौंकाने वाला मामला सामने आया। एक युवक फर्जी डॉक्टर बनकर अस्पताल की बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) में मरीजों का इलाज करता पकड़ा गया। सिक्योरिटी गार्ड को उसके व्यवहार पर शक हुआ, और जब उससे पहचान पत्र मांगा गया, तो वह कोई दस्तावेज नहीं दिखा सका। जांच में पता चला कि यह युवक अपने इंटर्न डॉक्टर दोस्त की जगह ड्यूटी कर रहा था। इस घटना ने अस्पताल प्रशासन और मरीजों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस ने दोनों व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

7 अगस्त 2025 को दोपहर करीब एक बजे, पीजीआईएमएस के ओपीडी में हड़कंप मच गया जब एक युवक को मरीजों का इलाज करते देखा गया। इस युवक की पहचान सोनीपत जिले के निजामपुर माजरा निवासी साहद के रूप में हुई। साहद केवल 12वीं पास है और उसके पास कोई मेडिकल डिग्री या प्रशिक्षण नहीं है। सिक्योरिटी गार्ड को साहद के हाव-भाव और बातचीत पर शक हुआ। जब गार्ड ने उससे पहचान पत्र दिखाने को कहा, तो साहद कोई दस्तावेज पेश नहीं कर सका। इसके बाद गार्ड ने उसे पकड़ लिया और अस्पताल प्रशासन को सूचित किया।

जांच में साहद ने खुलासा किया कि वह अपने दोस्त डॉ. कृष्ण गहलावत की जगह ओपीडी में मरीजों का इलाज कर रहा था। डॉ. कृष्ण गहलावत पीजीआईएमएस में इंटर्नशिप कर रहे हैं। साहद ने बताया कि वह अपने दोस्त की अनुपस्थिति में उनकी ड्यूटी संभालने आया था। यह खुलासा होने के बाद अस्पताल प्रशासन ने तुरंत पुलिस को बुलाया, और साहद को पुलिस हिरासत में ले लिया गया। पुलिस ने साहद और डॉ. कृष्ण गहलावत के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश के तहत मामला दर्ज किया है।

  • पुलिस और अस्पताल की कार्रवाई

रोहतक पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए साहद को हिरासत में लिया और डॉ. कृष्ण गहलावत के खिलाफ भी जांच शुरू की। पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 419 (प्रतिरूपण द्वारा धोखाधड़ी), 420 (धोखाधड़ी), और 120बी (आपराधिक साजिश) के तहत मामला दर्ज किया। पीजीआई पुलिस चौकी के प्रभारी इंस्पेक्टर रोशन लाल ने बताया कि जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि साहद कितने समय से फर्जी डॉक्टर के रूप में काम कर रहा था और उसने कितने मरीजों का इलाज किया।

अस्पताल प्रशासन ने इस घटना को गंभीरता से लिया और एक आंतरिक जांच समिति गठित की। पीजीआईएमएस के निदेशक डॉ. रोहतास यादव ने कहा, "यह एक गंभीर मामला है। हम मरीजों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं। इस तरह की घटनाएं अस्वीकार्य हैं, और हम यह सुनिश्चित करेंगे कि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।" प्रशासन ने सिक्योरिटी प्रोटोकॉल को और सख्त करने का फैसला किया है, जिसमें सभी कर्मचारियों और डॉक्टरों की नियमित पहचान जांच शामिल है।

  • मरीजों की सुरक्षा पर सवाल

इस घटना ने मरीजों की सुरक्षा और अस्पतालों में सिक्योरिटी व्यवस्था पर कई सवाल खड़े किए हैं। पीजीआईएमएस रोहतक हरियाणा का एक प्रमुख मेडिकल संस्थान है, जहां हर दिन हजारों मरीज इलाज के लिए आते हैं। एक गैर-प्रशिक्षित व्यक्ति का मरीजों का इलाज करना न केवल मरीजों के लिए खतरनाक है, बल्कि यह चिकित्सा पेशे की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठाता है। साहद ने ओपीडी में मरीजों को देखा और संभवतः दवाइयां लिखीं, जिसके गंभीर परिणाम हो सकते थे।

सामाजिक कार्यकर्ता और स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. अनिल शर्मा ने कहा, "यह घटना दर्शाती है कि अस्पतालों में सिक्योरिटी और कर्मचारी सत्यापन प्रक्रिया में सुधार की जरूरत है। मरीजों का जीवन दांव पर नहीं लगाया जा सकता।" उन्होंने सरकार से मांग की कि सभी मेडिकल संस्थानों में कड़े सत्यापन नियम लागू किए जाएं।

  • फर्जी डॉक्टरों के मामले: पहले भी सामने आए हैं उदाहरण

यह पहली बार नहीं है जब पीजीआईएमएस रोहतक में फर्जी डॉक्टर से जुड़ा मामला सामने आया है। 2019 में, एक बीएएमएस डिग्री धारक व्यक्ति को फर्जी मेडिकल डिग्री के साथ पकड़ा गया था, जो एक निजी क्लिनिक में मरीजों का इलाज कर रहा था। इसके अलावा, 2021 में एक अन्य मामले में, एक व्यक्ति ने वरिष्ठ डॉक्टर के हस्ताक्षर और स्टैंप का उपयोग करके फर्जी मरीज प्रवेश और डिस्चार्ज दस्तावेज तैयार किए थे।

2019 में, हरियाणा पुलिस की विशेष कार्य बल (STF) ने एक बीमा घोटाले का खुलासा किया, जिसमें एक एमबीबीएस डॉक्टर ने कैंसर रोगियों को दुर्घटना पीड़ितों के रूप में दिखाकर बीमा राशि का दावा किया था। इन मामलों ने चिकित्सा क्षेत्र में धोखाधड़ी की गंभीर समस्या को उजागर किया है।

इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने गुस्सा और चिंता जाहिर की। एक यूजर ने X पर लिखा, "इन डॉक्टरों की डिग्री की जांच होनी चाहिए। अगर कोई बिना डिग्री के मरीजों का इलाज कर सकता है, तो यह देश के लिए गंभीर चिंता का विषय है।" एक अन्य यूजर ने लिखा, "रोहतक पीजीआई जैसे बड़े अस्पताल में ऐसी लापरवाही कैसे हो सकती है? मरीजों की जान से खिलवाड़ करने वालों को सख्त सजा मिलनी चाहिए।"

कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि इस मामले में साहद और डॉ. कृष्ण गहलावत को गंभीर सजा हो सकती है। भारतीय दंड संहिता की धारा 420 के तहत धोखाधड़ी के लिए अधिकतम सात साल की सजा और जुर्माना हो सकता है। इसके अलावा, मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (MCI) के नियमों के तहत, डॉ. कृष्ण गहलावत की इंटर्नशिप और मेडिकल लाइसेंस भी रद्द हो सकता है।

यह घटना अस्पताल प्रशासन के लिए एक चेतावनी है। पीजीआईएमएस जैसे बड़े संस्थानों में कर्मचारियों और डॉक्टरों की पहचान की नियमित जांच होनी चाहिए। सिक्योरिटी गार्ड की सतर्कता ने इस बार एक बड़ी अनहोनी को रोक दिया, लेकिन यह सवाल उठता है कि अगर गार्ड को शक न हुआ होता, तो साहद कितने और मरीजों का गलत इलाज करता।

विशेषज्ञों का सुझाव है कि अस्पतालों में बायोमेट्रिक सत्यापन, डिजिटल पहचान पत्र, और सीसीटीवी निगरानी जैसी तकनीकों का उपयोग बढ़ाया जाए। इसके अलावा, मरीजों को भी जागरूक करने की जरूरत है ताकि वे अपने डॉक्टर की योग्यता की जांच कर सकें।

रोहतक पीजीआईएमएस में फर्जी डॉक्टर साहद का पकड़ा जाना एक गंभीर मामला है, जो चिकित्सा क्षेत्र में सत्यापन और सुरक्षा की कमी को दर्शाता है। यह घटना मरीजों की जान से खिलवाड़ का एक उदाहरण है। पुलिस और अस्पताल प्रशासन की त्वरित कार्रवाई सराहनीय है, लेकिन इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए और सख्त कदम उठाने की जरूरत है। यह मामला सरकार और स्वास्थ्य संस्थानों के लिए एक सबक है कि मरीजों की सुरक्षा और चिकित्सा पेशे की गरिमा को बनाए रखने के लिए सख्त नियम और निगरानी जरूरी है।

Also Read- हरदोई में भ्रष्टाचार के खिलाफ कांग्रेस का हल्ला बोल: सांसद जय प्रकाश रावत के आरोपों पर सवाल, नगर पालिका पर गंभीर अनियमितताओं का खुलासा।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

INA News_Admin आई.एन. ए. न्यूज़ (INA NEWS) initiate news agency भारत में सबसे तेजी से बढ़ती हुई हिंदी समाचार एजेंसी है, 2017 से एक बड़ा सफर तय करके आज आप सभी के बीच एक पहचान बना सकी है| हमारा प्रयास यही है कि अपने पाठक तक सच और सही जानकारी पहुंचाएं जिसमें सही और समय का ख़ास महत्व है।