Hardoi : 'पीले गमछे वालों को भगाओ', दरोगा के बिगड़े बोल और पुलिस पर रिश्वतखोरी का गंभीर आरोप, नाबालिग किशोरी भगाने के मामले में दारोगा ने मांगे 20 हजार
पिहानी कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में 9 सितंबर को एक 13 वर्षीय किशोरी अचानक घर से गायब हो गई। परिजनों ने गांव के नसीम पुत्र समीम खान, उमेश पुत्र इस्लामुद्दीन
पिहानी- हरदोई : उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले के पिहानी कोतवाली क्षेत्र में एक नाबालिग किशोरी को बहला-फुसलाकर भगाने के मामले ने अब भ्रष्टाचार का नया रूप ले लिया है। पीड़ित परिवार ने स्थानीय पुलिस पर 20 हजार रुपये की रिश्वत मांगने का गंभीर आरोप लगाया है। जब यह जानकारी सुभाष प्रजापति पार्टी (सुभाषपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुनील अर्कवंशी तक पहुंची, तो उन्होंने सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ कोतवाली पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया।
हंगामे के दौरान एक सब-इंस्पेक्टर ने कथित तौर पर सुभाषपा कार्यकर्ताओं को 'इन पीले गमछे वालों को भगाओ' कहकर अपमानित करने की कोशिश की, जिससे कोतवाली में तनाव चरम पर पहुंच गया। सूचना मिलते ही सीओ अजीत सिंह चौहान ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली।
- 9 सितंबर से शुरू हुआ सिलसिला
पिहानी कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में 9 सितंबर को एक 13 वर्षीय किशोरी अचानक घर से गायब हो गई। परिजनों ने गांव के नसीम पुत्र समीम खान, उमेश पुत्र इस्लामुद्दीन और परवेज पुत्र इस्लामुद्दीन पर किशोरी को बहला-फुसलाकर भगाने का आरोप लगाया। आरोपितों ने कथित तौर पर परिवार को फोन पर गालियां देकर और घर के दरवाजे पर आकर धमकियां देकर दबाव बनाया। परिजनों ने कई बार कोतवाली में नामजद शिकायत दर्ज कराई, लेकिन प्रारंभिक स्तर पर कोई कार्रवाई न होने से वे परेशान हो गए।
पुलिस जांच के दौरान पता चला कि किशोरी हरियाणा पहुंच चुकी थी। कोतवाली के सब-इंस्पेक्टर अशोक यादव के नेतृत्व में एक पुलिस टीम हरियाणा रवाना हुई। आरोप है कि बरामदगी से पहले ही अशोक यादव ने पीड़ित परिवार से किशोरी को लाने के खर्च के नाम पर 20 हजार रुपये की मांग की। जब परिवार ने रुपये देने से इनकार कर दिया, तो दारोगा ने किशोरी के माता-पिता को हरियाणा साथ नहीं ले गए। बाद में पुलिस टीम ने अकेले जाकर किशोरी को बरामद किया और कोतवाली लाई। लेकिन बिना परिजनों को मिलवाए सीधे वन स्टॉप सेंटर भेज दिया गया, जिससे परिवार में आक्रोश फैल गया।
एक पीड़ित परिवारजन ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, "दारोगा साहब ने साफ कहा कि बिना पैसे के लड़की नहीं लाएंगे। हम गरीब हैं, कहां से लाते? यह हमारे बच्चे की जिंदगी का सवाल था, फिर भी उन्होंने लापरवाही बरती।"
- रिश्वतखोरी का आरोप - परिवार की आपबीधी
पीड़ित मां ने रोते हुए कहा, "हमारी बेटी सिर्फ 13 साल की है। आरोपी हमें धमका रहे थे, ऊपर से पुलिस ने पैसे मांगे। अगर सुभाषपा वाले न आते, तो क्या होता? यह न्याय व्यवस्था का मजाक है।" यह बयान ग्रामीण इलाकों में पुलिस की कथित भ्रष्टाचार की प्रवृत्ति को उजागर करता है।
- सुभाषपा का हल्लाबोल: 'पीले गमछे वालों' वाली टिप्पणी से भड़का हंगामा
सुभाषपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुनील अर्कवंशी को जब पीड़ित परिवार की शिकायत मिली, तो उन्होंने तत्काल सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ पिहानी कोतवाली का घेराव किया। कार्यकर्ता पीले गमछे पहने हुए थे, जो पार्टी का प्रतीक है। आरोपी के खिलाफ POCSO एक्ट और अपहरण की धाराओं में सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर नारे लगाए जा रहे थे। लेकिन जैसे ही वे कोतवाली पहुंचे, ड्यूटी पर तैनात सब-इंस्पेक्टर सूर्यमणि यादव ने कथित तौर पर पुलिसकर्मियों से कहा, "इन पीले गमछे वालों को भगाओ।" इस अपमानजनक टिप्पणी से कार्यकर्ता भड़क गए और कोतवाली में जोरदार हंगामा मच गया। नारे लगे, ज्ञापन सौंपा गया और थाने के बाहर सड़क जाम हो गई।
सुनील अर्कवंशी ने कहा, "पुलिस न केवल लापरवाही बरत रही है, बल्कि रिश्वत मांगकर न्याय का गला घोंट रही है। 'पीले गमछे वाले' कहकर हमें अपमानित करना उनकी हताशा दिखाता है। हम पीड़ित परिवार के साथ हैं और आरोपी दारोगाओं के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग करेंगे।" प्रदर्शन में पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष एडवोकेट संजीव यादव, संजय अर्कवंशी, लालाराम अर्कवंशी, वीनू अर्कवंशी, दहेलिया प्रधान अतीक अंसारी, जोगेश अर्कवंशी, जोगराज अर्कवंशी, शिवकुमार, उमाकांत अर्कवंशी सहित सैकड़ों लोग शामिल थे।
- सुभाषपा का ऐलान - आंदोलन तेज होगा
सुनील अर्कवंशी ने चेतावनी दी, "अगर रिश्वतखोरी और लापरवाही पर कार्रवाई न हुई, तो हमारा आंदोलन पूरे जिले में फैलेगा। महिलाओं की सुरक्षा के नाम पर यह सौदा बर्दाश्त नहीं।"
- पुलिस की प्रतिक्रिया: सीओ की फटकार, मुकदमा दर्ज
हंगामे की सूचना पर सीओ अजीत सिंह चौहान फौरन पहुंचे। उन्होंने इंस्पेक्टर छोटेलाल और सब-इंस्पेक्टरों को कड़ी फटकार लगाई। सीओ ने कहा, "छोटे-मोटे मामलों में भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं। रिश्वत के आरोपों की जांच होगी।" उनके समझाने-बुझाने से मामला शांत हुआ।
सीओ अजीत सिंह ने बताया, "POCSO एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। किशोरी को हरियाणा से सुरक्षित बरामद कर वन स्टॉप सेंटर भेजा गया, जहां धारा 164 के तहत उसके बयान दर्ज होंगे। आरोपी नसीम, उमेश, परवेज और अन्य के खिलाफ अग्रिम कार्रवाई होगी। रिश्वत के आरोपों पर विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।" पुलिस ने परिजनों को सुरक्षा का भरोसा दिलाया है।
- सीओ का बयान - जांच का वादा
सीओ अजीत सिंह चौहान ने कहा, "किशोरी सुरक्षित है। सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच होगी। पुलिस महिलाओं की सुरक्षा के प्रति संवेदनशील है, लेकिन गलतियों पर सख्ती जरूरी है।"
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