Hardoi : उर्वरकों की आपूर्ति और गुणवत्ता परखने को मण्डलायुक्त का निरीक्षण, छापों के दौरान 43 संदिग्ध उर्वरक नमूनों को प्रयोगशाला भेजा

हरदोई (Hardoi) में उर्वरकों की उपलब्धता के आंकड़े बताते हैं कि जिले में 38,089 मीट्रिक टन यूरिया, 6,384 मीट्रिक टन डीएपी, 1,289 मीट्रिक टन एमओपी, 6,113 मीट्रिक टन एन

Jul 9, 2025 - 21:45
 0  60
Hardoi : उर्वरकों की आपूर्ति और गुणवत्ता परखने को मण्डलायुक्त का निरीक्षण, छापों के दौरान 43 संदिग्ध उर्वरक नमूनों को प्रयोगशाला भेजा
प्रतीकात्मक चित्र

हरदोई (Hardoi) जिले में किसानों को उचित दरों पर गुणवत्तायुक्त उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन सक्रिय है। मण्डलायुक्त रोशन जैकब ने 9 जुलाई 2025 को जिले का दौरा कर उर्वरक वितरण केंद्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने उर्वरक आपूर्ति की पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। जिले में यूरिया, डीएपी, एमओपी, एनपीके और एसएसपी जैसे उर्वरकों की उपलब्धता और उनके वितरण की स्थिति की समीक्षा की गई। साथ ही, अवैध बिक्री और अनियमितताओं पर अंकुश लगाने के लिए छापेमारी और गुणवत्ता जांच के प्रयासों को तेज करने का आदेश दिया गया।

हरदोई (Hardoi) में उर्वरकों की उपलब्धता के आंकड़े बताते हैं कि जिले में 38,089 मीट्रिक टन यूरिया, 6,384 मीट्रिक टन डीएपी, 1,289 मीट्रिक टन एमओपी, 6,113 मीट्रिक टन एनपीके और 1,762 मीट्रिक टन एसएसपी उपलब्ध है। अब तक सहकारी समितियों, पीसीएफ केंद्रों और निजी खुदरा विक्रेताओं के माध्यम से 29,359 मीट्रिक टन यूरिया और 8,257 मीट्रिक टन डीएपी का वितरण किया जा चुका है। मण्डलायुक्त ने निरीक्षण के दौरान बम्हनाखेड़ा के बी पैक्स, सण्डीला के पीसीएफ कृषक सेवा केंद्र और सहकारी क्रय-विक्रय केंद्र का दौरा किया। इस दौरान जिला कृषि अधिकारी, उप कृषि निदेशक और सहकारी विभाग के सहायक आयुक्त मौजूद रहे।

निरीक्षण के समय बम्हनाखेड़ा के बी पैक्स में 161 बैग यूरिया और 14 बैग डीएपी, सण्डीला के पीसीएफ केंद्र में 346 बैग यूरिया और सहकारी क्रय-विक्रय केंद्र में 187 बोरी यूरिया उपलब्ध थी। मण्डलायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि उर्वरक का वितरण किसानों की खतौनी और उनके खेतों के रकबे के आधार पर किया जाए। साथ ही, खतौनी को अभिलेख के रूप में सुरक्षित रखने को कहा। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि उर्वरक केवल निर्धारित दरों पर बेचे जाएं और किसी भी स्थिति में अनावश्यक उत्पादों को उर्वरकों के साथ जोड़कर (टैगिंग) बिक्री न की जाए।

जिला प्रशासन ने उर्वरकों की गुणवत्ता और उचित वितरण सुनिश्चित करने के लिए कई कदम उठाए हैं। जिला कृषि अधिकारी की अगुवाई में अब तक 186 छापेमारी की गई है। इन छापों के दौरान 43 संदिग्ध उर्वरक नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। अनियमितताएं पाए जाने पर 14 उर्वरक विक्रेताओं के प्राधिकार पत्र निलंबित किए गए हैं, जबकि 668 विक्रेताओं के प्राधिकार पत्र पूरी तरह रद्द किए गए हैं। यह कार्रवाई उन विक्रेताओं के खिलाफ की गई, जो निर्धारित दरों से अधिक कीमत वसूल रहे थे या गुणवत्ता में कमी पाए गए उर्वरक बेच रहे थे।

मण्डलायुक्त ने उर्वरक कंपनियों, थोक विक्रेताओं और खुदरा विक्रेताओं को सख्त चेतावनी दी है कि वे मुख्य उर्वरकों (जैसे यूरिया और डीएपी) के साथ अन्य उत्पादों की टैगिंग न करें। यदि कोई विक्रेता ऐसा करता पाया गया, तो उसके खिलाफ उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 और आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह नियम थोक विक्रेताओं और कंपनियों पर भी लागू होगा, जो अनावश्यक उत्पादों को बेचने के लिए दबाव बनाते हैं।

किसानों की सुविधा के लिए जिला प्रशासन ने विकास खंड स्तर पर सहायक विकास अधिकारी (कृषि) और तहसील स्तर पर उप जिलाधिकारी की अध्यक्षता में मोबाइल टीमें गठित की हैं। ये टीमें उर्वरक वितरण की निगरानी करेंगी और अनियमितताओं की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करेंगी। इसके अलावा, सभी सहकारी समितियों और पीसीएफ केंद्रों पर निगरानी के लिए स्टेटिक और पर्यवेक्षणीय अधिकारी तैनात किए गए हैं।

किसानों को उर्वरकों की उपलब्धता और गुणवत्ता से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए शिकायत दर्ज करने की सुविधा भी दी गई है। यदि कोई विक्रेता निर्धारित दर से अधिक कीमत वसूलता है या उर्वरक के साथ अन्य उत्पाद जबरन बेचता है, तो किसान अपनी शिकायत मोबाइल नंबर 9695588008 और 8960717008 पर दर्ज कर सकते हैं। इसके अलावा, कलेक्ट्रेट हरदोई (Hardoi) में स्थापित कंट्रोल रूम के फोन नंबर 05852-299155, 05852-299156 और 05852-299157 पर भी शिकायत की जा सकती है।

जिला प्रशासन ने किसानों को आश्वासन दिया है कि उर्वरकों की आपूर्ति में पारदर्शिता और गुणवत्ता बनाए रखने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। मण्डलायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे नियमित रूप से उर्वरक केंद्रों का निरीक्षण करें और यह सुनिश्चित करें कि किसानों को किसी भी तरह की परेशानी न हो। उन्होंने यह भी कहा कि उर्वरक वितरण की पूरी प्रक्रिया को डिजिटल और पारदर्शी बनाने के लिए कदम उठाए जाएं, ताकि किसानों को समय पर और उचित दरों पर उर्वरक मिल सकें।

Also Click : Yamuma's Illegal Mining: किसानों के अन्न क्षेत्र को लील रहा है अवैध खनन, लगाम लगाने को टास्क फोर्स नियमित रूप से का रही है निगरानी

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow